भारत ने बनाए 44 पुल तो खिसियाया चीन, कहा-हम लद्दाख-अरुणाचल को मान्यता नहीं देते

यह तस्वीर 2017 में भारतीय सेना द्वारा लद्दाख के पैंगोंग लेक इलाके में लगाए एक बैनर की है. (AP Image)
यह तस्वीर 2017 में भारतीय सेना द्वारा लद्दाख के पैंगोंग लेक इलाके में लगाए एक बैनर की है. (AP Image)

दूसरे देशों की जमीन हडपने की साजिश करने वाले चीन (China) ने कहा है कि भारत ने लद्दाख (Ladakh) को गैरकानूनी रूप से संघशासित प्रदेश घोषित किया है. साथ ही चीन द्वारा 44 महत्वपूर्ण पुलों (44 Important Bridges) को लेकर भी विरोध दर्ज कराया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 13, 2020, 8:16 PM IST
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नई दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) द्वारा LAC के पास 44 महत्वपूर्ण पुलों के उद्घाटन को लेकर चीन ने बौखलाहट भरा रवैया जाहिर किया है. चीन ने कहा है कि भारत ने लद्दाख को गैरकानूनी रूप से संघशासित प्रदेश घोषित किया है. साथ ही चीन द्वारा इन 44 महत्वपूर्ण पुलों को लेकर भी विरोध दर्ज कराया गया है.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का बयान
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान (Zhao Lijian) ने कहा है कि दोनों ही पक्षों को ऐसे कदम नहीं उठाने चाहिए जिससे स्थितियां गंभीर बनें. गौरतलब है कि चीन की तरफ से ये बयान दोनों देशों के बीच सातवें चरण की सैन्य वार्ता के ठीक एक दिन बाद आया है. चीन के सरकारी अखबार में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक झाओ ने कहा है- 'चीन गैरकानूनी रूप से बनाए गए संघशासित लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देता. हम विवादित क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रचर बनाने का भी विरोध करते हैं.'

रक्षा मंत्री ने किया 44 महत्वपूर्ण पुलों का उद्घाटन
गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को सीमा सड़क संगठन (Border Road Organization) या बीआरओ (BRO) द्वारा निर्मित 44 पुलों का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया. ये 44 पुल बीआरओ द्वारा बनाए जा रहे 102 पुलों में से हैं. ये पुल भारत के सबसे भारी युद्धक टैंकों की आवाजाही का सामना करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं. एक अधिकारी ने बताया कि जिन 44 पुलों का उद्घाटन किया गया है उनमें से 30 पुल लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक वास्तविक नियंत्रण रेखा के रास्ते में पड़ते हैं. ये क्लास 70 के पुल हैं; ऐसे पुलों के लिए ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है जिसके बाद वह 70 टन वाहनों के वजन को सहन कर सकते हैं.





एलएसी पर किसी भी स्थिति का जवाब देने के लिए सशस्त्र बल
भारत का सबसे भारी युद्धक अर्जुन टैंक लगभग 60 टन का है. चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के वास्तविक नियंत्रण रेखा से पीछे न हटने के रुख को देखते हुए भारत ने लगभग 45 टन वाले टी-90 भीष्म टैंक को पूर्वी लद्दाख सेक्टर के स्थानों में स्थानांतरित कर दिया था. ये पुल कनेक्टिविटी में सुधार करेंगे और सैनिकों व सहायक तत्वों के तेजी से विकास की क्षमता देंगे जिससे कि एलएसी पर किसी भी स्थिति का जवाब देने के लिए सशस्त्र बलों की क्षमता में काफी सुधार होगा.
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