अपना शहर चुनें

States

नेपाल की सियासत में चीन का दखल, ओली को दरकिनार कर प्रचंड को सत्ता दिलाने की तैयारी

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को सत्ता से बेदखल करने का मन बना लिया है.
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को सत्ता से बेदखल करने का मन बना लिया है.

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (Nepal Communist Party) के दो फाड़ होने के बाद चीन अपना एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को काठमांडू (Kathmandu) भेज रहा है. चीन (China) का प्रतिनिधिमंडल नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में हुए विभाजन के असर को कम करने का काम करेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 27, 2020, 9:12 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. नेपाल में राजनीति में इस समय सियासी उथल-पुथल (Political Crisis of Nepal) मची हुई है. एक ओर जहां प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli ) की सिफारिश पर रविवार को प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया गया वहीं सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (Nepal Communist Party) दो भागों में बंट गई है. पार्टी का एक हिस्सा ओली के समर्थन में अभी खड़ा है तो वहीं दूसरा हिस्सा पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' (Pushpa Kamal Dahal) के साथ जाने को तैयार है. नेपाल की सियासत में अब चीन ने भी एट्री मार ली है. कम्युनिस्ट पार्टी के दो फाड़ होने के बाद चीन अपना एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को काठमांडू भेज रहा है. चीन का प्रतिनिधिमंडल नेपाल की राजनीति में अपनी पकड़ बनाने और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में हुए विभाजन के असर को कम करने का काम करेगा.

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के विदेश विभाग के सबसे वरिष्ठ वाइस मिनिस्टर गुओ येझोऊ चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ काठमांडू पहुंच रहे हैं. गुओ येझोऊ कम्युनिस्ट पार्टी में हो रहे विभाजन को फिर से जोड़ने की कोशिश करेंगे. बता दें कि कम्युनिस्ट पार्टी का विभाजन चीन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है. नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी पर चीन का पूरी तरह से कंट्रोल था. कम्युनिस्ट पार्टी के विभाजन के बाद से नेपाल की सत्ता में चीन की पकड़ ढीली पड़ती दिखाई दे रही है.

नेपाल में मचे सियासी घमासान के लिए चीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को दोषी मान रहा है. चीन अब ओली को सत्ता से बेदखल करना चाहता है और प्रचण्ड को प्रधानमंत्री की कुर्सी सौंपना चाहता है, ताकि ओली खेमें रहे नेता प्रचण्ड की तरफ जा जाएं और ओली बिल्कुल अलग-थलग पड़ जाएं.
इसे भी पढ़ें :- नेपाल के फटे में टांग अड़ा रहा है चीन.. आखिर क्यों और कैसे?



नेपाल से मिली खबर के मुताबिक चीन का प्रतिनिधिमंडल पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' के साथ, माधव नेपाल सहित कई न्य कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं से मुलाकात करेगा. इसी तरह चीन का प्रतिनिधिमंडल उपराष्ट्रपति नन्द किशोर पुन, स्पीकर अग्नी प्रसाद सापकोटा, पूर्व स्पीकर कृष्ण बहादुर महरा से भी मुलाकात करेंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज