विदेश सचिव से लेकर नीति आयोग के CEO तक की जासूसी कर रहा चीन

विदेश सचिव से लेकर नीति आयोग के CEO तक की जासूसी कर रहा चीन
विदेश सचिव से लेकर नीति आयोग के सीईओ तक की जासूसी कर रहा चीन

चीन की सेना (Chinese Army and Intelligence Agency) और खुफिया एजेंसी से जुड़ी कंपनी झेन्‍हुआ डेटा इंफॉर्मेशन टेक्‍नोलॉजी कंपनी लिमिटेड ने ओवरसीज की इंडिविजुअल डेटाबेस (OKIDB) तैयार किया है. इसमें भारत के कई शोधकर्ताओं, थिंक टैंक और मीडिया संगठनों से जुड़े 200 लोगों की जानकारी हासिल की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 17, 2020, 7:53 AM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में जारी तनाव (Ladakh Border Dispute) के बीच चीन की एक और बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है. चीन भारत की अर्थव्यवस्था (Economy) के साथ विदेश नीति (Foreign Policy) की भी जासूसी कर रहा है. पिछले कई दिनों से जिस तरह से खुलासे हो रहे हैं उसकी जांच में पता चला है कि चीन ने अपनी एक कंपनी से भारत के कई शोधकर्ताओं, थिंक टैंक और मीडिया संगठनों से जुड़े 200 लोगों की जानकारी हासिल की है.  इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद फेसबुक ने झेन्‍हुआ डेटा इंफॉर्मेशन टेक्‍नॉलजी कंपनी लिमिटेड के फेसबुक से जुड़े पेज पर रोक लगा दी है.

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की सेना और खुफिया एजेंसी से जुड़ी कंपनी झेन्‍हुआ डेटा इंफॉर्मेशन टेक्‍नॉलजी कंपनी लिमिटेड ने ओवरसीज की इंडिविजुअल डेटाबेस (OKIDB) के तहत भारत के 40 सेवारत और सेवानिवृत्त भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के अधिकारी, जिन्होंने प्रमुख राजनयिक पदों को संभाला है उनकी भी जानकारी जुटाई है.

जांच में जिन नामों का खुलासा हुआ है ​उसमें विदेश सचिव हर्षवर्धन से लेकर इजरायल में भारत के राजदूत संजीव सिंगला का नाम भी शामिल है. बता दें कि संजीव सिंगला पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निजी सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं. इसी के साथ जिन आईएफएस अधिकारियों पर चीन लगातार नजर बनाए हुए हैं उनमें संयुक्त राष्ट्र में तैनात सदस्य भी शामिल हैं. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति और संयुक्त निरीक्षण इकाई के ए गोपीनाथन भी शामिल हैं. चीन इन सभी सदस्यों के अलावा और जिन ​हस्तिसों की जानकारी चुराने में लगा है उनमें नीदरलैंड में भारतीय राजदूत वेणु राजामनि का नाम भी सामने आया है.



ओकेआईडीबी में जापान की राजदूत संजय वर्मा का नाम भी सामने आया है जो हांगकांग और चीन में सेवा दे चुके हैं. इसके अलावा सऊदी अरब में राजदूत औसाफ सईद और मेडागास्कर में राजदूत अभय कुमार भी शामिल हैं. इसके साथ ही नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, विद्वान इतिहासकार रोमिला थापर और राजनीतिक मनोवैज्ञानिक अशोक नंदी, ध्रुव जयशंकर ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के निदेश (विदेश मंत्री एस जयशंकर के बेटे हैं) भी शामिल हैं.

प्रोफेसर से लेकर राज्यसभा सांसद का नाम भी
डेटाबेस में अशोक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्रताप भानु मेहता और द इंडियन एक्सप्रेस कॉन्ट्रिब्यूटिंग एडिटर सी राजा मोहन का नाम भी शामिल है. बता दें कि सी राजामोहन नेशनल यूनिवर्सिटी सिंगापुर के स्टीट्यूट ऑफ साउथ एशियन स्टडीज के भी निदेशक हैं. इनके अलावा रिपब्लिक टीवी के सह-संस्थापक और भाजपा के राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर का नाम भी शामिल है.

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झेन्‍हुआ डेटा इंफॉर्मेशन टेक्‍नॉलजी ने दी सफाई
गौरतलब है कि इस मामले में झेन्‍हुआ डेटा इंफॉर्मेशन टेक्‍नॉलजी कंपनी लिमिटेड ने द इंडियन एक्सप्रेस को जानकारी देते हुए कहा है कि यह निजी तौर पर जानकारी जुटाई गई है और इसमें चीनी सेना या चीनी सरकार को कुछ लेना देना नहीं है. झेनहुआ डेटा ने कोई भी अवैध या अनुचित काम नहीं किया है.

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तीसरी रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ था?
भारत की अर्थव्यवस्था और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की निगरानी के साथ ही चीन के निशाने पर अब 6000 आर्थिक अपराधी हैं. चीन आईपीएल में सट्टेबाजी करने वाले और यहां तक की छोटी चोरियां करने वाले चोरों की भी जासूसी कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक अगस्ता वेस्टलैंड रिश्वत मामले के आरोपियों अंगूठी या मोबाइल चुराने वाले किशोर अपराधी भी चीन की निगरानी में हैं.

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भारत में VIPs की भी जासूसी कर रहा है चीन
बता दें कि इससे पहले सोमवार को इंडियन एक्सप्रेस ने खुलासा किया था कि चीन भारत में बड़े संवेधानिक पदों पर बैठे राजनेताओं और सामरिक पदों पर बैठे अधिकारियों की जासूसी कर रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पांच पूर्व प्रधानमंत्रियों, पूर्व और वर्तमान के 40 मुख्यमंत्रियों, 350 सांसद, कानून निर्माता, विधायक, मेयर, सरपंच और सेना से जुड़े समेत करीब 1350 लोगों का रियल टाइम डेटा चुरा रहा है.
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