चीन-पाकिस्तान के संबंध पहले भी हमारे लिए चिंता का विषय रहे हैं: जयशंकर

चीन-पाकिस्तान के संबंध पहले भी हमारे लिए चिंता का विषय रहे हैं: जयशंकर
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की फाइल फोटो

विदेश मंत्री जयशंकर (Foreign Minister S Jaishankar) ने यह भी कहा, "पाकिस्तान के साथ चीन का संबंध (China-Pakistan Relations) 60 के दशक की शुरुआत तक जाता है और इसके कई पहलू (various aspects) हमारे लिए पहले भी चिंता का विषय (matter of concern) रहे हैं.

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  • Last Updated: August 31, 2020, 8:44 PM IST
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नई दिल्ली. यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के तीसरी वार्षिक नेतृत्व शिखर सम्मेलन में भारत के विदेश मामलों के मंत्री (Minister of External Affairs) एस जयशंकर (S Jaishankar) ने कहा है, "हमें चीन के उभार (China's rise) के बारे में जानकारी है. तात्कालिक पड़ोसी होने के नाते, हम सीधे इससे प्रभावित होते हैं. भारत भी इस अवधि में बढ़ रहा है. यदि दो अरबों की जनसंख्या (two countries with billion of people) वाले दो देश साथ में हों तो यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि वे किसी प्रकार की समझ और संतुलन (understanding and equilibrium) तक पहुंचें."

विदेश मंत्री जयशंकर (Foreign Minister S Jaishankar) ने यह भी कहा, "पाकिस्तान के साथ चीन का संबंध (China-Pakistan Relations) 60 के दशक की शुरुआत तक जाता है और इसके कई पहलू (various aspects) हमारे लिए पहले भी चिंता का विषय (matter of concern) रहे हैं. यह कुछ ऐसा है, जो दोनों देशों के साथ हमारे संबंधों (our relations) में एक कारक है."

भारतीय-चीनी सैन्य बलों के बीच हुई ताजी झड़प
बता दें कि विदेश मंत्री का यह बयान भारतीय और चीनी सैन्य बलों के बीच ताजी झड़प के बाद आया है. इससे पहले भारतीय आर्मी ने सोमवार को कहा है कि 29 और 30 अगस्त की दरमियानी रात वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी सैन्य बलों ने अतिक्रमण करने की कोशिश की, जिसे देश की सेना ने नाकाम कर दिया. आर्मी की मानें तो भारतीय सैनिकों ने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के नापाक इरादे को पहले ही भांप लिया और पैंगोंग त्सो के दक्षिणी किनारे पर अपने मोर्चे मज़बूत कर अतिक्रमण होने से बचा लिया.
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आर्मी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि चीनी बलों ने यह 'उकसाने वाली सैन्य कार्रवाई' करते हुए आपसी सहमति का उल्लंघन किया. इस घटनाक्रम के बाद पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में भारत और चीन के बीच एलएसी पर फिर तनाव की स्थिति बन गई है. मई के महीने से ही इस इलाके में चीन के नापाक इरादों के कारण तनाव बना हुआ है, और तभी से तीन पॉइंट्स हॉट स्प्रिंग्स, गलवान वैली और पैंगोंग त्सो, झड़पों और कड़ी निगरानी के क्षेत्र बने हुए हैं. (भाषा के इनपुट सहित)
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