भारत का सामना करने चीन ने बनाया 'एयरफोर्स प्लान', सीमा के पास तैयार कर रहा नए एयरपोर्ट

पिछले साल भारतीय वायुसेना में दुनिया के सबसे ख़तरनाक फ़ाईटर रफाल को शामिल किया. (फाइल फोटो- Indian air force)

पिछले साल भारतीय वायुसेना में दुनिया के सबसे ख़तरनाक फ़ाईटर रफाल को शामिल किया. (फाइल फोटो- Indian air force)

India-China Standoff: कहने को तो चीन अपने यातायात को सहूलियत के लिए इन एयरपोर्ट (Airport) का निर्माण कर रहा है, लेकिन इसके पीछे चीन की नई चाल छिपी है. इन एयरपोर्ट का इस्तेमाल चीन अपने फाइटर एयर ऑपरेशन के लिए करने वाला है.

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नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) से मुक़ाबला करने के लिए अब चीनी वायुसेना (Chinese Airforce) नया प्लान बना रही है. इंटेल रिपोर्ट के मुताबिक़ चीन तिब्बत (Tibet) में तीन नए एयरपोर्ट तैयार कर रहा है जो की भारतीय सीमा के बेहद क़रीब है. वहीं चीन की वायुसेना अपने पुराने फाइटर विमानों को उन्नत फाइटरों से बदलना शुरू कर चुकी है. ये जेट भारतीय सीमा से लगते चीन के वेस्टर्न थियेटर कमांड की एयर ब्रिगेड का हिस्सा है.

भारत और चीन के बीच लद्दाख में जारी विवाद को एक साल हो गया. इस दौरान भारतीय सेना ने जिस तरह से चीन को अपनी ताक़त की एहसास कराया उसे चीन की चिंता बढ़ गई है. लिहाजा चीन ने खुद को मज़बूत करने के लिए भारत से लगी तिब्बत ऑटोनोमस रीजन में सैन्य ताक़त में इज़ाफ़ा करना शुरु कर दिया है. इसमें भी चीन ने एयरफ़ोर्स को प्राथमिकता दी है. चीन तिब्बत में मौजूद अपने एयर बेस में नए एयरक्राफ़्ट हैंगर और रनवे को बढ़ाने में लगा हुआ है.

खुफिया रिपोर्ट में इस बात का ख़ुलासा हुआ है कि चीन तिब्बत ऑटोनोमस रीजन में तीन नए एयपोर्ट तैयार कर रहा है जो कि भारती सीमा के बेहद क़रीब है. कहने को तो चीन अपने यातायात को सहूलियत के लिए इन एयरपोर्ट का निर्माण कर रहा है, लेकिन इसके पीछे चीन की नई चाल छिपी है. इन एयरपोर्ट का इस्तेमाल चीन अपने फाइटर एयर ऑपरेशन के लिए करने वाला है.

रिर्पोट के मुताबिक़ चीन जो तीन एयरपोर्ट बना रहा है, उनमें से एक अरुणाचल प्रदेश क़रीब लुंज़े काउंटी, नेपाल सीमा के क़रीब सिक्किम के पास टिंगरी काउंटी और एक उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भारत चीन नेपाल ट्राईजंशन के बेहद क़रीब बुरांग काउंटी में है. यही नहीं ल्हासा के गौंगगर एयर पोर्ट में भी एक नाया रनवे तैयार कर रहा है. फिलहाल तिब्बत ऑटोनोमस रीजन में चीन के सबसे महत्वपूर्ण एयर बेस होटन, ल्हासा-गोंगार, नगारी-गुनसा, निगिची और शिघास्ते है, जहां से चीन भारत के ख़िलाफ़ एयर ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है.
यही नही चीन ने शिंगजियान प्रांत के टैक्सकोरगन पामीर में पहला हाई ऑल्टिट्यूड एयरपोर्ट बनाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर रखा है. इस एयर पोर्ट में चीन के विमान पीओके के स्कार्दू एयरबेस तक आसानी से पहुंच पाएंगे जो की भारत के लिए चिंता वाली बात हो सकती है. चीन जो ये ताबड़तोड़ निर्माण कार्य कर रहा है उसके पीछे की सबसे बड़ी वजह भारत से मिलने वाली चुनौती है.

चीन के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह है कि तिब्बत के मौजूदा एयरबेस इतनी ऊंचाई पर है कि वहां से उड़ान भरने वाले फाइटर को ईंधन और हथियारों को विमान की मौजूदा क्षमता से आधा ही लेकर उड़ान भरना होगा. जबकि, भारतीय वायुसेना के एयरबेस पूरी एलएसी पर किसी भी ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अपनी पूरी ताक़त से उड़ सकेंगे.

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चूंकी भारतीय वायुसेना अपने पुराने हो चले फईटरों को फेज आउट कर नए उन्नत फाइटर विमानों को शामिल करने में लगी है. पिछले साल भारतीय वायुसेना में शामिल हुए दुनिया के सबसे ख़तरनाक फ़ाईटर रफाल को शामिल किया. एक स्क्वाड्रन अंबाला में पूरी तरह से स्थापित किया जा चुका है, तो दूसरा हाश्मारा में स्थापित होने वाला है. ऐसे में चीन ने भी तिब्बत ऑटोनोमस रीजन में तैनात 300 से 350 पुराने फाइटरों को चौथी और पांचवी श्रेणी के फाइटर विमानों से बदलने के काम को तेज कर दिया है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ पीएलए एयर फोर्स अपने J-7 फाइटर पूरी फ्लीट को चौथी और पांचवी पीढ़ी के J-16 और J-20 से बदल रहा है. ये जेट भारतीय सीमा से लगते चीन के वेस्टर्न थियेटर कमांड की एयर ब्रिगेड का हिस्सा हैं. इन 300 से 350 चेंगदू J-7 फाइटर में दर्जन भर से ज्यादा कॉमबेट ब्रिगेड और दो ट्रैनिंग ब्रिगेड का हिस्सा हैं.

रूस के मिग-21 को चीन J-7 के नाम से लाइसेंस लेकर अपने देश में बनाया है. जो कि अब इस हाल में है कि हाई ऑल्टिट्यूड इलाके पर लड़े जाने वाले युद्ध में उतने कारगर साबित नहीं होंगे. भविष्य की चुनौतियों के मद्देनज़र भारत में भी अपने पुराने हो चले मिग 21 के अलग अलग वर्जन को फेजआउट किया जा चुका है. इनकी जगह रफाल और स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस ले रहे हैं.


भारतीय वायुसेना में फिलहाल मिग -21 बईसन के कुछ स्क्वाड्रन ही बचे हैं. बहरहाल भारतीय वायुसेना ने भी चीन के चुनौतियों से निपटने का फुलप्रूफ प्लान बना रखा है और अगर हालात जंग वाले हुए तो वो चीनी वायुसेना के होश उड़ा सकता है.

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