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दादागीरी: चीन ने WHO को शुरुआती कोरोना केस के आंकड़े देने से किया इनकार

वुहान में WHO की टीम (फाइल फोटो)

वुहान में WHO की टीम (फाइल फोटो)

WHO टीम (WHO Team) के सदस्य और संक्रामक बीमारियों के विशेषज्ञ डोमनिक डॉयर (Dominic Dwyer) ने बताया कि कोविड-19 के प्रसार और महामारी के फैलाव को लेकर जांच कर रही टीम ने चीन से वुहान शहर में दिसंबर 2019 में सबसे पहले संक्रमण के 174 मामलों समेत अन्य मामलों का विस्तृत ब्यौरा मांगा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 13, 2021, 9:20 PM IST
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नई दिल्ली. महामारी के कारणों की खोज में लगी डब्ल्यूएचओ (WHO Team) की टीम को चीन ने शुरुआती कोविड-19 संक्रमण के मामलों के आंकड़ों का रॉ डेटा यानी विस्तृत ब्योरा देने से मना कर दिया है. WHO टीम के सदस्य और संक्रामक बीमारियों के विशेषज्ञ डोमनिक डॉयर ने बताया कि कोविड-19 के प्रसार और महामारी के फैलाव को लेकर जांच कर रही टीम ने चीन से वुहान शहर में दिसंबर 2019 में सबसे पहले संक्रमण के 174 मामलों समेत अन्य मामलों का विस्तृत ब्योरा मांगा था. लेकिन चीन ने केवल संक्षिप्त ब्यौरा ही हमें दिया है. डोमनिक ने बताया कि इस तरह के रॉ डेटा को 'लाइन लिस्टिंग्स' कहते हैं.

क्या बोले WHO एक्सपर्ट
उन्होंने बताया कि इसमें संक्रमित व्यक्ति का नाम नहीं होता. लेकिन उससे पूछे गए सारे सवाल और जवाब होते हैं. मरीज के जवाबों का विश्लेषण भी किया जाता है. डोमनिक ने सिडनी से शनिवार को वीडियो कॉल के जरिए यह सारी बातें बताईं. वे इस समय महामारी के विषय में जांच पड़ताल करने की वजह से क्वारंटीन में है

महामारी की जड़ तक पहुंचने के लिए बेहद जरूरी
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक डोमनिक ने कहा, यह शुरुआती कोविड संक्रमण के मामलों का ब्योरा महामारी की जड़ तक पहुंचने के लिए बेहद जरूरी है. शुरुआती 174 मामलों में से सिर्फ आधे मरीज वेट मार्केट के संपर्क में आए थे. वुहान में समुद्री भोजन का सेंटर रहा यह मार्केट आज तक बंद है. इसी बाजार में पहली बार कोरोना वायरस की मौजूदगी दर्ज की गई थी. हम अभी कुछ नहीं कह सकते लेकिन इन आंकड़ों का मिलना जांच के लिए बेहद जरूरी है. डब्ल्यूएचओ टीम ने बताया हालांकि चीन ने उन्हें पिछले साल के मुकाबले काफी आंकड़े सौंपे हैं.



अगले सप्ताह संक्षिप्त रिपोर्ट जारी कर दी जाएगी
डब्ल्यूएचओ ने बताया कि अगले सप्ताह संक्षिप्त रिपोर्ट जारी कर दी जाएगी. चीन में महमारी के फैलाव के कारणों का पता लगाने के लिए टीम जनवरी में पहुंची थी. कोविड संक्रमण के लिए इस्तेमाल होने वाले मानकों के तहत वहां बिताए 4 हफ्तों में से दो हफ्ते टीम को क्वरंटीन रहना पड़ा जबकि बाकी के दो हफ्ते भी टीम को सीमित संस्थानों और लोगों से मिलवाया गया. वहां टीम को समुदाय के लोगों से संपर्क करना मना था.
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