चीन ने उत्‍तराखंड में सीमा पार बढ़ाई निगरानी, अपग्रेड किया सर्विलांस

चीन ने उत्‍तराखंड में सीमा पार बढ़ाई निगरानी, अपग्रेड किया सर्विलांस
चीन लगातार सीमा पर कर रहा है गतिविधियां.

India China dispute: चीन ने भारतीय सेना (Indian Army) के सेंट्रल सैक्टर पर चीन ने अपनी निगरानी को बढ़ाया है. उत्तराखंड (Uttarakhand) के तुन-जुन-ला के दूसरी ओर चीन ने अपना सर्विलांस सिस्टम अपग्रेड किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 20, 2020, 1:29 PM IST
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नई दिल्‍ली. पूर्वी लद्दाख (Ladakh) में भारत से तनाव के बीच चीन (India china Dispute) ने अब दूसरे सीमा क्षेत्रों पर भी अपनी सतर्कता बढ़ा दी है. अब चीन ने भारतीय सेना (Indian Army) के सेंट्रल सैक्टर पर चीन ने अपनी निगरानी को बढ़ाया है. उत्तराखंड (Uttarakhand) के तुन-जुन-ला के दूसरी ओर चीन ने अपना सर्विलांस सिस्टम अपग्रेड किया है. बताया जा रहा है कि भारत चीन के बीच मौजूदा तनाव के दौरान चीन ने पूरी वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अपने सर्विलांस उपकरणों को अपग्रेड किया है.

चीन के इस कारनामे का खुलासा खुफिया रिपोर्ट में हुआ है. भारत की सीमा बाड़ाहोती से तीन किलोमीटर आगे तुन-जुन-ला तक है. चीन ने वहां 180 डिग्री तक घूमने वाले 2 कैमरों को लगाया है. साथ ही कई अलग-अलग तरह के खंबे भी उस इलाके में लगाए हैं. खुफिया रिपोर्टस के हवाले से कहा गया है कि चीन ने एक बड़ा सोलर पैनल और एक विंडमिल भी उस जगह पर बनाई है.

चीन ने उस इलाके में एक छोटी हट भी तैयार की है. जहां सर्विलांस सहित अलग तरह के निर्माण की सामग्री भी रखी गई है. तुन जुन ला (बाराहोती) में सितंबर 2019 को एक सर्विलांस सिस्टम को लगाया गया था जिन्हें इस साल जून में अपग्रेड किया गया है. इस सिस्टम और कैमरा की पोजीशन इस तरह से की गई है कि चीन की सेना बाड़ाहोती के पूरे इलाके में नजर रख सके. यही नहीं चीन अब भारतीय इलाके के डिफेंस रेंज पर भी आसानी से निगरानी रख रहा है.



बता दें कि भारत और चीन के अगले दौर की राजनयिक स्तर पर बातचीत गुरुवार को होने की उम्मीद है. इसका उद्देश्य पूर्वी लद्दाख में तीन महीने से अधिक समय से जारी सीमा गतिरोध का समाधान करने के लिये सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है. सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय के लिये कार्यकारी तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) के ढांचे के तहत यह डिजिटल बातचीत होने का कार्यक्रम है. इसमें दोनों पक्षों के सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया के शीघ्र क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा करने की उम्मीद है.
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