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बांग्लादेश में सिनोवैक की असफलता से बौखलाया चीन, कहा- भारत की वजह से रुके ट्रायल

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फोटो सौ. रॉयटर्स)
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फोटो सौ. रॉयटर्स)

ग्लोबल टाइम्स (Global Times) की रिपोर्ट बताती है कि जुलाई में हुए समझौते के मुताबिक, ट्रायल्स की शुरुआत अगस्त में होनी थी. रिपोर्ट में दावा किया गया है 'भारत सरकार के कथित रूप से दोनों पक्षों में दखल की वजह से क्लीनिकल ट्रायल्स (Clinical Trials) अक्टूबर तक टल गए थे.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 27, 2021, 5:54 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Corona Virus) वैक्सीन की मदद से विश्व स्तर पर अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहे चीन (China) को लगातार झटकों का सामना करना पड़ रहा है. बांग्लादेश में भी सिनोवैक (Sinovac) वैक्सीन के ट्रायल रुक गए हैं. अब चीनी मीडिया में खबर छपी है कि भारत के दखल के कारण ऐसा हुआ है. कम्युनिस्ट पार्टी और चीन के अधीन काम करने वाले द ग्लोबल टाइम्स में दावा किया गया है कि भारत ने ढाका में चीन के वैक्सीन प्रयासों को प्रभावित किया है. अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, चीन ने बांग्लादेश (Bangladesh) से ट्रायल्स के खर्च को बांटने की बात कही थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच एग्रीमेंट को रद्द कर दिया गया था.

ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि जुलाई में हुए समझौते के मुताबिक, ट्रायल्स की शुरुआत अगस्त में होनी थी. यह भी साफ है कि शुरुआती समझौते के अनुसार बांग्लादेश को इस काम में आने वाले खर्च में कोई योगदान नहीं देना था. रिपोर्ट में दावा किया गया है, 'भारत सरकार के कथित रूप से दोनों पक्षों में दखल की वजह से क्लीनिकल ट्रायल्स अक्टूबर तक टल गए थे.'

सिनोवैक के 22 सितंबर को बांग्लादेश को भेजे पत्र के अनुसार, अगस्त में तय ट्रायल्स को आगे इसलिए बढ़ाया गया था, क्योंकि ढाका से अनुमति मिलने में देरी हुई थी. अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स को मिले कंपनी के पत्र में बताया गया है, 'हमने बांग्लादेश में होने वाले ट्रायल्स के फंड को दूसरे देशों के ट्रायल्स के लिए फिर से आवंटित कर लिया है. क्योंकि हम उस समय तक बांग्लादेश में ट्रायल्स की अनुमति को लेकर अनिश्चित थे.'



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इसके अलावा सिनोवैक ने यह भी दावा किया है कि उसने एपिडेमिक प्रिपेयर्डनेस इनोवेशन्स के साथ काम करने के लिए भी आवेदन किया था. कंपनी ने यह आवेदन बांग्लादेश में शुरू होने जा रहे ट्रायल्स में आर्थिक मदद मिलने के मकसद से किया था, लेकिन उनके आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया.

बांग्लादेश के स्वास्थ्य मंत्री जाहिद मलिक के भेजे पत्र में कंपनी ने कहा था, 'अब अक्टूबर के अंत और नवंबर की शुरुआत तक फंडिंग के हालात को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बाद भी हमें बंग्लादेश में ट्रायल्स पूरे करने के लिए फंडिंग की जरूरत हैं.' अक्टूबर में समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ढाका ट्रायल्स की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाएगा, क्योंकि फंडिंग को लेकर कंपनी की डिमांड उनके समझौते के विपरीत है.

उन्होंने कहा, 'हम ट्रायल के लिए साथ में फंडिंग नहीं करेंगे. यह समझौते में नहीं था. जब वे हमारे पास आए थे, तो उन्होंने पैसों की कोई बात नहीं की थी.' मंत्री ने बताया था, 'समझौते के अनुसार, वे ट्रायल का पूरा खर्च उठाएंगे, वे हमें 1 लाख 10 हजार मुफ्त वैक्सीन देंगे और तकनीक साझा करेंगे, ताकि हमारी फार्मा कंपनियां वैक्सीन बना सकें.' चीन से उलट भारत ने 21 जनवरी को बांग्लादेश को 20 लाख कोविशील्ड डोज का तोहफा दे दिया. इसके साथ ही 3 करोड़ डोज की एक डील भी तय की.
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