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कंपनियों की हड़बड़ाहट से बौखलाया चीन, कहा- भारत नहीं बन सकता हमारा विकल्‍प

News18Hindi
Updated: May 19, 2020, 11:55 PM IST
कंपनियों की हड़बड़ाहट से बौखलाया चीन, कहा- भारत नहीं बन सकता हमारा विकल्‍प
चीन ने कहा- भारत नहीं बन सकता हमारा विकल्‍प.

लेख में कहा गया है कि लॉकडाउन (Lockdown) के कारण भारत (India) की अर्थव्‍यवस्‍था प्रभावित हुई है. इसके बावजूद वह चीन (China) का विकल्‍प बनने का सपना देख रहा है. लेकिन, भारत कभी भी चीन का विकल्‍प नहीं बन पाएगा.

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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) में सप्‍लाई चेन प्रभावित होने के बाद चीन (China) से करीब 1000 कंपनियां अपना कारोबार समेटकर भारत (India) में शिफ्ट होना चाहती हैं. अभी हाल ही में जर्मनी की एक जूता कंपनी ने अपना मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चीन से हटाकर आगरा में शिफ्ट करने की बात कही है. वहीं ओप्‍पो और एंपल कंपनियों ने भी ऐसे संकेत दिए हैं. इसपर चीन बौखला गया है. अपने मुखपत्र ग्‍लोबल टाइम्‍स में छपे एक लेख में चीन का गुस्‍सा साफ तौर पर दिख रहा है.

चीन ने वेस्‍टर्न मीडिया को बताया दलाल
ग्‍लोबल टाइम्‍स के एक लेख में कहा गया है कि लॉकडाउन के कारण भारत की अर्थव्‍यवस्‍था प्रभावित हुई है. इसके बावजूद वह चीन का विकल्‍प बनने का सपना देख रहा है. लेकिन, भारत कभी भी चीन का विकल्‍प नहीं बन पाएगा. लेख के शब्‍दों से ही चीन की बौखलाहट का स्‍तर दिख रहा है. इस लेख में चीन ने वेस्‍टर्न मीडिया को दलाल तक कह डाला है.

ग्‍लोबल टाइम्‍स ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देकर लेख में लिखा है, 'भारत के उत्‍तर प्रदेश राज्‍य ने चीन से अपने यूनिट को शिफ्ट करने की सोच रहीं कंपनियों को आकर्षित करने के लिए एक इकनॉनिक टास्‍क फोर्स का गठन किया है. हालांकि भारत की यह सोच गलत है. भारत दुनिया के सामने चीन का विकल्‍प नहीं बन पाएगा.'



चीन की सेना ने लद्दाख, उत्तर सिक्किम में उग्र रूख अपनाया: सूत्र


भारत और चीन के बीच गैर चिह्नित सीमा पर उत्तर सिक्किम और लद्दाख के पास कई इलाकों में तनाव बढ़ता जा रहा है और दोनों पक्ष वहां अतिरिक्त बलों की तैनाती कर रहे हैं. दोनों पक्ष के बीच इन इलाकों में कुछ दिनों पहले दो बार हिंसक झड़प हो चुकी है. आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि भारत और चीन दोनों ने डेमचक, दौलत बेग ओल्डी, गलवान नदी तथा लद्दाख में पैंगोंग सो झील के पास संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की है.

गलवान के आसपास के इलाके दोनों पक्षों के बीच छह दशक से अधिक समय से संघर्ष का कारण बने हुए हैं. 1962 में भी इस इलाके को लेकर टकराव हुआ था. सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों ने गलवान नदी और पैगोंग सो झील के आसपास अपने सैनिकों की तैनाती की है. इन इलाकों में दोनों पक्षों की ओर से सीमा गश्ती होती है. पता चला है कि चीन ने गलवान घाटी इलाके में काफी संख्या में तंबू गाड़े हैं जिसके बाद भारत वहां कड़ी नजर बनाए हुए है. पैंगोंग सो लेक इलाके में पांच मई को भारत और चीन के करीब 250 सैनिकों के बीच लोहे की छड़ों, डंडों से लड़ाई हुई और पथराव भी हुआ जिसमें दोनों पक्षों के सैनिक जख्मी हुए थे.

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First published: May 19, 2020, 11:55 PM IST
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