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EXCLUSIVE : चीन के साथ वार्ता में क्यों नहीं निकला कोई रास्ता? सामने आई वजह

EXCLUSIVE : चीन के साथ वार्ता में क्यों नहीं निकला कोई रास्ता? सामने आई वजह

सेना ने कहा कि वार्ता के दौरान भारतीय पक्ष ने इस बात का उल्लेख किया कि एलएसी पर जो हालात बने वे यथास्थिति को बदलने के चीन के ‘एकतरफा प्रयासों’ के कारण पैदा हुए हैं और यह द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन भी करते हैं. (फ़ाइल फोटो)

सेना ने कहा कि वार्ता के दौरान भारतीय पक्ष ने इस बात का उल्लेख किया कि एलएसी पर जो हालात बने वे यथास्थिति को बदलने के चीन के ‘एकतरफा प्रयासों’ के कारण पैदा हुए हैं और यह द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन भी करते हैं. (फ़ाइल फोटो)

Ladakh Standoff: सेना ने एक वक्तव्य में कहा, ‘वार्ता के दौरान भारतीय पक्ष ने बाकी के क्षेत्रों में मुद्दों के समाधान के लिए सकारात्मक सुझाव दिए, लेकिन चीनी पक्ष उनसे सहमत नहीं लगा और वह आगे बढ़ने की दिशा में कोई प्रस्ताव भी नहीं दे सका.'

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    (श्रेया ढौंडियाल)

    नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव कम कर करने (Ladakh Standoff) को लेकर रविवार को भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत हुई. उम्मीद थी कि 13वें दौर की इस बातचीत का कोई नतीजा निकलेगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. शीर्ष सूत्रों का कहना है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के अधिकारी ‘अड़ियल मानसिकता’ के साथ आए थे. कहा जा रहा है कि वार्ता के दौरान वे आक्रामक थे और ऐसे लग रहा था कि बातचीत का नतीजा उन्हें पहले से ही पता था.

    सेना ने एक बयान में कहा कि वार्ता के दौरान भारतीय पक्ष ने बाकी के क्षेत्रों में मुद्दों के समाधान के लिए सकारात्मक सुझाव दिए, लेकिन चीनी पक्ष उनसे सहमत नहीं लगा और वह आगे बढ़ने की दिशा में कोई प्रस्ताव भी नहीं दे सका. हॉट स्प्रिंग्स, डेमचोक और सबसे विवादास्पद देपसांग में सेनाओं के पीछे हटने पर कोई बात नहीं बनी और दोनों पक्षों ने गतिरोध के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया.

    चीन मानने को तैयार नहीं
    सूत्रों का कहना है कि ये शायद पिछले महीने की तवांग घटना के चलते हुई. जहां करीब 200 पीएलए सैनिकों का भारतीय सैनिकों ने रोक दिया था. इस घटना से चीनी पक्ष प्रभावित हुआ और इस बार बातचीत के दौरान काफी अड़ियल दिखे. भारतीय सेना ने एक बयान में कहा था कि एलएसी पर तनाव इसलिए है क्योंकि चीन अपने पुरानी जगह लौटने को तैयार नहीं है.

    नहीं निकला कोई नतीजा
    भारतीय सेना ने बातचीत के बाद ये भी कहा कि बैठक के दौरान, भारतीय पक्ष ने बाक़ी क्षेत्रों को हल करने के लिए रचनात्मक सुझाव दिए, लेकिन चीनी पक्ष सहमत नहीं था और कोई प्रस्ताव भी नहीं दे सका. इस तरह बैठक में कोई समाधान नहीं निकला. सेना ने हालांकि कहा कि दोनों के बीच बातचीत जारी रहेगी। सूत्रों के अनुसार, न केवल हॉट स्प्रिंग्स, बल्कि डेमचोक और डेपसांग सहित सभी विवाद वालों जगहों पर चर्चा हुई. पीएलए पश्चिमी कमान ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में भारत की मांगों को ‘अवास्तविक और अनुचित’ कहा है.

    लद्दाख में गतिरोध
    पूर्वी लद्दाख में 17 महीने से गतिरोध चल रहा है। लगभग 50,000 से 60,000 भारतीय सैनिक ऊंचाइयों पर एक और कड़ाके की सर्दी बिताने के लिए तैयार हैं, जहां तापमान शून्य से 30 डिग्री नीचे रहने की उम्मीद है. पूर्वी लद्दाख में चीनी बुनियादी ढांचे का निर्माण बड़े पैमाने पर हुआ है. घरेलू सैनिकों के लिए स्थायी संरचनाएं, एलएसी के साथ हेलीपैड, भारत के सामने हवाई क्षेत्र , सड़कों का चौड़ीकरण और पुलों का निर्माण है.

    Tags: India china border dispute, India china standoff

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