भारत-चीन विवाद: लद्दाख में पैंगोंग लेक और फिंगर एरिया में पीछे हट रही चीनी सेना, सैटेलाइट तस्वीरों से मिले सबूत

LAC में पीछे हट रही चीनी सेना.
LAC में पीछे हट रही चीनी सेना.

India China Face Off: LAC पर भारतीय और चीनी सेनाओं (Chinese Troops) के पूरी तरह पीछे हटने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की एक और दौर की बातचीत से पहले चीनी सेना ने फिंगर चार पर अपनी मौजूदगी और कम की है

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नई दिल्‍ली. भारत और चीन (India China Face Off) के बीच लद्दाख (Ladakh) में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव अब कम होता दिख रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सैटेलाइट तस्‍वीरों में देखा जा सकता है कि लद्दाख में एलएसी पर फिंगर एरिया में चीनी सेना पीछे हट रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तस्‍वीरों में पहले जहां चीनी सेना के टेंट और सैनिकों की मौजूदगी को देखा जा सकता था, वहीं अब वहां कम संख्‍या में चीनी सेना दिख रही है. ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव कम होने में थोड़ा समय और लग सकता है.

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारतीय और चीनी सेनाओं के पूरी तरह पीछे हटने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की एक और दौर की बातचीत से पहले चीनी सेना ने फिंगर चार पर अपनी मौजूदगी और कम की है और पैंगोंग झील से कुछ नावों को हटा लिया है. तस्‍वीरों के हवाले से ऐसा भी बताया जा रहा है कि पैंगोंग लेक में चीन के इंटरसेप्‍टर क्राफ्ट की तैनाती में भी बदलाव दिख रहा है. हालांकि वो अभी भी वहां मौजूद हैं. यह बात कुछ रिपोर्ट में सामने आई है. पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग सो पर पांच मई को दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसके बाद तनाव बढ़ गया था. उम्मीद जताई जा रही है कि समयबद्ध तरीके से दोनों पक्षों की सेनाएं पीछे हटेंगी. दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में भारी मात्रा में तोपखाने और टैंक समेत सैनिकों की तैनाती की है.

5 जुलाई को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी की फोन पर लगभग दो घंटे हुई बातचीत के बाद पीछे हटने की औपचारिक प्रक्रिया 6 जुलाई की सुबह शुरू हुई थी. सूत्रों के अनुसार पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पीछे हटने की प्रक्रिया के प्रथम चरण में चीनी सेना ने गलवान घाटी, गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स में गतिरोध के बिंदुओं से पीछे हटने का काम पहले ही पूरा कर लिया है. मुख्य रूप से अब पैंगोंग सो पर ध्यान केंद्रित है.



भारत इस बात पर जोर देता रहा है कि चीन को फिंगर चार और आठ से अपनी सेनाएं हटानी होंगी. क्षेत्र के पहाड़ों को फिंगर कहा जाता है. सूत्रों ने बताया कि फिंगर चार से चीनी सेना ने अपने और सैनिकों को वापस बुला लिया है और उन्होंने पैंगोंग झील से कुछ नाव हटा ली हैं.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि दोनों देशों के बीच सैनिकों के पीछे हटने तथा तनाव कम करने की प्रक्रिया को लेकर सहमति बनी है और काम काफी हद तक प्रगति पर है. जयशंकर ने इंडिया ग्लोबल वीक में एक वीडियो संवाद सत्र में कहा था, 'हमने सैनिकों के पीछे हटने की जरूरत पर सहमति जताई है क्योंकि दोनों पक्षों के सैनिक एक दूसरे के बहुत करीब तैनात हैं। इसलिए पीछे हटने और तनाव कम करने की प्रक्रिया पर सहमति बनी है.' उन्होंने कहा था, 'यह अभी शुरू हुई है. काम काफी हद तक प्रगति पर है. इस समय मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहूंगा.'
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