अंतिम चरण का ट्रायल पूरा होने से पहले कई देशों से संपर्क में चीनी दवा कंपनी

अंतिम चरण का ट्रायल पूरा होने से पहले कई देशों से संपर्क में चीनी दवा कंपनी
ये वैक्सीन कंपनी ने चीनी मिलिट्री के साथ मिलकर तैयार की है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कैनसाइनो (CanSino) बायलॉजिक्स कॉर्पोरेशन कई देशों से वैक्सीन के त्वरित अप्रूवल (Instant Approval) को लेकर बातचीत कर रही है जिससे वैक्सीन बनते ही इसे वैश्विक स्तर पर पहुंचाया जा सके.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 29, 2020, 5:47 AM IST
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नई दिल्ली. चीनी दवा कंपनी कैनसाइनो (CanSino) बायलॉजिक्स कॉर्पोरेशन अपनी कोरोना वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) के फाइनल स्टेज के ट्रायल्स (Final Stage Trials) के बीच कई देशों से संपर्क में है. ये वैक्सीन कंपनी ने चीनी मिलिट्री (Chinese Military) के साथ मिलकर तैयार की है. वॉल स्ट्रीट जर्नल अखबार में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के एक अधिकारी ने कहा है कि हम वैक्सीन के लार्ज स्केल ट्रायल के पूरा होने के पहले कई देशों के साथ संपर्क में हैं. कंपनी कई देशों से वैक्सीन के त्वरित अप्रूवल (Instant Approval) को लेकर बातचीत कर रही है जिससे वैक्सीन बनते ही इसे वैश्विक स्तर पर पहुंचाया जा सके.

रूसी वैक्सीन की तरह इस वैक्सीन पर भी लगे हैं आरोप
रूसी वैक्सीन की तरह ही इस पर भी आरोप लगा है कि इसे मंजूरी फेज-3 ट्रायल्स के नतीजों का इंतजार किए बिना ही दे दी गई है. इसलिए इसे वैज्ञानिक उपलब्धि के बजाय व्यावसायिक उपलब्धि ही माना जा रहा है. बीते 17 अगस्त को चीन की सरकार ने इस वैक्सीन को मंजूरी दे दी है. इस वैक्सीन प्रोजेक्ट का नाम Ad5-nCOV है.

इस वैक्सीन को कैनसिनो बायोलॉजिक्स ने चीन के एकेडमी ऑफ मिलिट्री मेडिकल साइंसेस के साथ मिलकर Ad5-nCOV नाम के एडेनोवायरस को बेस लेकर बनाया है. आम सर्दी-जुकाम के वायरस को मोडिफाई कर नोवल कोरोनावायरस का जेनेटिक मटेरियल उसमें जोड़ा गया है. वॉल्टर ऐंड एलिजा हॉल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के प्रोफ़ेसर मार्क पेलेग्रिनी ने ‘द गार्जियन’ अखबार को बताया था, 'इस पेटेंट की वजह से कोई अब इस वैक्सीन की नकल नहीं कर पाएगा लेकिन क्लीनिकल ट्रायल में आगे बढ़ने के लिए पेटेंट का होना कोई अनिवार्य मापदंड नहीं है.'
रूस ने की थी पहली वैक्सीन की घोषणा


गौरतलब है कि दुनिया में पहली कोरोना वैक्सीन की घोषणा रूस की तरफ से की गई थी. वैक्सीन की घोषणा करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा था कि इसका डोज उनकी बेटी को भी दिया गया है. लेकिन रूस की इस वैक्सीन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत दुनियाभर के एक्सपर्ट्स ने चिंता जताई है. हालांकि रूस इन सबसे बेफिक्र वैक्सीन का बड़े स्तर पर उत्पादन कर रहा है.
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