दलाई लामा को हटाने के लिए चीनी शख्स ने देश भर में बौद्ध भिक्षुओं के बीच फैला रखा था हवाला का जाल

चीनी नागरिक चार्ली पेंग गिरफ्तार.
चीनी नागरिक चार्ली पेंग गिरफ्तार.

कर्नाटक के सेरा बौद्ध मठ के प्रमुख ने न्‍यूज18 को बताया कि 'एसके ट्रेडिंग' के खाते से सेरा बौद्ध मठ के भिक्षु जामयांग जिनपा को 30 लाख रुपये का भुगतान किया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 11:32 AM IST
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नई दिल्‍ली. बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा (Dalai Lama) को हटाने और उनसे संबंधित जानकारी जुटाने के लिए चीनी शख्स ने भारत में बौद्ध भिक्षुओं के बीच हवाला का पूरा जाल फैला रखा था. यह खुलासा प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किए गए चीनी व्‍यक्ति से संबंधित जांच में किया है. चार्ली पेंग नाम का यह चीनी व्‍यक्ति कर्नाटक के एक बौद्ध मठ में रह रहे भिक्षुओं को घूस के रूप में मोटी रकम दे रहा था. ईडी ने उसे मनी लॉन्ड्रिंग का रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था. माना जा रहा है कि वह इन बौद्ध भिक्षुओं को मोटी रकम देकर बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा के संबंध में जानकारी निकाल रहा था. उसका यह रैकेट कर्नाटक से लेकर मुंबई व पूरे भारत तक में फैले होने की बात आ रही है.

कर्नाटक के सेरा बौद्ध मठ के प्रमुख ने न्‍यूज18 को बताया कि 'एसके ट्रेडिंग' के खाते से सेरा बौद्ध मठ के भिक्षु जामयांग जिनपा को 30 लाख रुपये का भुगतान किया गया था. एक जांचकर्ता ने बताया कि यह खाता चीनी नागरिक चार्ली पेंग द्वारा भिक्षुओं को पैसा भेजने करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कई शेल कंपनियों के खातों में से एक है. इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं पेंग दिल्‍ली में तिब्‍बती लोगों को तो घूस नहीं दे रहा था.

न्‍यूज18 ने पहले खबर दी थी कि 42 साल का यह  चीनी नागरिक पूरे भारत में कुछ 'लामाओं (बौद्ध भिक्षुओं) को रिश्वत दे रहा था. इसमें दलाई लामा और उनके सहयोगी के बारे में जानकारी जुटाने के लिए इसकी रडार पर दिल्ली का मजनू का टीला भी शामिल था. जांचकर्ताओं का कहना है कि दलाई लामा पर पछाड़ने के लिए एक चीनी व्‍यक्ति के सहयोग के लिए ऐसा किया जा रहा था.



जांचकर्ता ने न्‍यूज18 को बताया कि कर्नाटक के बौद्ध मठ के एक अन्य बौद्ध भिक्षु थुप्टेन चोडक को कथित रूप से 15 लाख रुपये का भुगतान किया गया था, जबकि फुंतशोक धारग्याल, न्गावांग लॉसेल और ताशी चोपेल को 10-10 लाख रुपये दिए गए थे. थुपतेन वांगचुक को 8 लाख रुपये और लोबसांग चोडेन को 7 लाख रुपये की रकम भुगतान की गई थी.

इसी कंपनी ने कर्नाटक के मुंदगोड में ड्रेपंग लॉसलिंग को 10 लाख रुपये और सोनम दोर्जी को 7 लाख रुपये का भुगतान किया था. मुंदगोड में लोबसांग दोर्जी ड्रेपंग लॉसलिंग को एक अज्ञात राशि का भुगतान भी किया गया था. एसके ट्रेडिंग कंपनी के अकाउंट से नवी मुंबई में पैन मिंगमिंग नामक एक भिक्षु को भी 10 लाख रुपये दिए गए थे. मैसूर जिले में बाइलाकुप्पे, कोडागु की सीमा और बेंगलुरु से लगभग 200 किलोमीटर दूरी पर स्थित है. धर्मशाला के बाद तिब्बत के बाहर यह सबसे बड़ी तिब्बती बस्ती है.

चीनी नागरिक चार्ली पेंग से घूस लेने के आरोपी 10 में से 6 भिक्षु कर्नाटक के सेरा मठों में रहते हैं. कोरोनो वायरस महामारी के कारण कैंप, मंदिर और मठ बाहरी लोगों के लिए बंद हैं. न्‍यूज18 जब सेरा पहुंचा तो आरोपी भिक्षु वहां से गायब थे. लेकिन उनमें से कम से कम दो के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने सेरा मठों के प्रमुख खोंपोन ताशी टेरसिंग के सामने लेनदेन की बात स्‍वीकार की थी.
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