अरुणाचल से लगे चीनी इलाकों में दिखी PLA की गतिविधियां, भारतीय सेना मुस्तैद

अरुणाचल से लगे चीनी इलाकों में दिखी PLA की गतिविधियां, भारतीय सेना मुस्तैद
अरुणाचल से लगे चीनी इलाकों में पीएलए की गतिविधियां देखी गई हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

INDIA-CHINA STANDOFF: पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) की पैंगोंग लेक के दक्षिणी इलाके में पीएलए की घुसपैठ की कोशिश को भारतीय सुरक्षा बल नाकामयाब कर चुके हैं. इसके बाद अब चीन की गतिविधियां अरुणाचल (Arunachal Pradesh) की तरफ बढ़ गई हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 15, 2020, 7:28 PM IST
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नई दिल्ली. अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) से लगे चीनी इलाकों में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (People's Liberation Army) की गतिविधियां नोटिस की गई हैं. इसके बाद भारतीय सेना (Indian Army) ने भी पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी पोजीशन ले ली है. गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) की पैंगोंग लेक के दक्षिणी इलाके में पीएलए की घुसपैठ की कोशिश को भारतीय सुरक्षा बल नाकामयाब कर चुके हैं. इसके बाद अब चीन की गतिविधियां अरुणाचल की तरफ बढ़ गई हैं.

भारतीय सुरक्षा एजेंसियां चीनी सेना की गतिविधियों पर कड़ी निगाह रख रही हैं. समाचार एजेंसी एएनआई ने एक सरकारी सूत्र के हवाले से खबर दी है कि चीन से लगी सीमा पर लद्दाख से लेकर अरुणचल तक कड़ी निगाह रखी जा रही है. चीन को पैंगोंग लेक के पास तगड़ा झटका लग चुका है. अब वो अतिक्रमण के नए प्रयास करने की कोशिश कर रहा है. सूत्रों ने कहा है कि चीनी सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा से 20 किलोमीटर के दायरे में देखे गए हैं.

इससे पहले खबरें आई थीं कि चीन के साथ बढ़ते विवाद के बीच भारत अब अपनी पूर्वी सीमा पर सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा रहा है. 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच लद्दाख में कई दशकों की सबसे हिंसक झड़प हुई थी. इसके बाद ही दोनों देशों के बीच तनाव के हालात ज्यादा बढ़ गए. भारत ने सीमाओं की संप्रभुता के लिए कठोर रवैया अख्तियार किया है और चीन को स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया है.



सैनिकों की बढ़ाई गई संख्या
अरुणाचल प्रदेश में सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाए जाने के मद्देनजर यह माना जा रहा है कि चीन के साथ सीमा विवाद अभी लंबा खिंच सकता है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश के एक अधिकारी ने बताया था कि गलवान घाटी की घटना के बाद से ही भारत की तरफ से एहतियातन सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई जाने लगी थी.

अरुणाचल प्रदेश 1962 में हुए भारत-चीन युद्ध का मुख्य केंद्र था
गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश 1962 में हुए भारत-चीन युद्ध का मुख्य केंद्र था. एक्सपर्ट्स ने एक बार फिर चेताया है कि यहां पर चीन की तरफ से फिर अतिक्रमण के प्रयास किए जा सकते हैं. हालांकि सैनिकों की संख्या बढ़ाए जाने को लेकर सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि ऐसा रेगुलर एक्सरसाइज के तहत किया जा रहा है.
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