Home /News /nation /

cigarette butts are very dangerous for environment find in study

सिगरेट बट: पानी और जमीन दोनों को करते हैं प्रदूषित, 7000 तरह के जहरीले केमिकल फैलाते हैं

यह जमीन और पानी दोनों के लिए काफी खतरनाक हैं (image- PTI)

यह जमीन और पानी दोनों के लिए काफी खतरनाक हैं (image- PTI)

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, तंबाकू उत्पादों से जुड़े कचरे में करीब 7000 तरह के जहरीले रसायन मौजूद होते हैं. सिगरेट बट को बनाने वाले अहम पदार्थ सेल्यूलोज एसीटेट, पेपर और रेयॉन के साथ मिलकर पानी और ज़मीन को प्रदूषित करते हैं. अमेरिका के एक एनजीओ ट्रुथ इनीशियेटिव की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सिगरेट बट से जितना जहर निकलता है वह ताजे पानी और नमकीन पानी की 50 फीसदी मछलियों को मार सकता है.

अधिक पढ़ें ...

    आपने फिल्मों में एक्टर्स को सिगरेट पीते देखा होगा. सिगरेट पीने से ज्यादा उसके बट या पिछले बचे हुए हिस्से को फेंकना अपने आप में एक स्टाइल है. जिसे एक्टर एक स्वैग के तौर पर प्रस्तुत करते हैं. आमतौर पर युवा या फिल्मों से प्रभावित लोग फिल्मों में सिगरेट पीने और फेंकने के तरीकों की नकल भी करते हैं.

    लेकिन सच्चाई यह है कि आपको जो स्टाइल लग रहा है वही सिगरटे का बट धरती पर प्रदूषण और वातावरण को खराब करने की सबसे बड़ी वजहों में से एक है. इस बट में प्लास्टिक होता है जो कभी गलता नहीं है. सिगरेट के बट माइक्रोप्लास्टिक से जुड़े प्रदूषण की एक बड़ी वजह बनते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, तंबाकू उत्पादों से जुड़े कचरे में करीब 7000 तरह के जहरीले रसायन मौजूद होते हैं. सिगरेट बट को बनाने वाले अहम पदार्थ सेल्यूलोज एसीटेट, पेपर और रेयॉन के साथ मिलकर पानी और ज़मीन को प्रदूषित करते हैं. अमेरिका के एक एनजीओ ट्रुथ इनीशियेटिव की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सिगरेट बट से जितना जहर निकलता है वह ताजे पानी और नमकीन पानी की 50 फीसदी मछलियों को मार सकता है.

    क्या नहीं हुआ, क्या हो रहा है
    सिगरेट बट से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने भी कोई खास कदम नहीं उठाए हैं. हालांकि, साल 2020 में राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लिए इसके लिए दिशानिर्देश जारी किए थे. लेकिन सीपीसीबी की तरफ से कोई खास पहल नहीं हुई.

    इस उदासीनता को देखते हुए पर्यावरणविद निरित दत्ता ने लोगों में जागरुकता पैदा करने के लिए देश में एक अभियान की शुरुआत की है. इसकी बदौलत इस विकराल होती समस्या से निपटा जा सके. उन्होंने ‘बटरश’ नाम से एक पहल की है जिसके जरिए सिगरेट के बट को इकट्ठा करके उन्हें रिसाइकिल होने के लिए भेजा जाता है. आईटी पेशेवर दत्त ने अपना जमा जमाया काम छोड़ खुद को पूरी तरह से इस काम के लिए समर्पित कर दिया है. दि हिंदू के मुताबिक, दत्त का कहना है कि लोगों को सिगरेट के बट के बारे में बहुत कम जानकारी है. ज्यादातर लोगों को लगता है सिगरटे के बट कॉटन यानी कपास से बनते हैं और बायोडिग्रेडिबल (प्राकृतिक तरीके से सड़ने वाले) होते हैं. कोई नहीं जानता है कि यह कितना नुकसान कर सकते हैं.

    ‘बटरश’ की शुरुआत 2021 में कोलकाता से हुई, जिसकी काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली. जिससे उत्साहित होकर दत्त ने इसी तरह का अभियान बंगलुरू, नई दिल्ली और मुंबई में भी किया, यहां भी उन्हें उत्साहजनक परिणाम मिले. इस तरह से देश भर में यूं ही बिखरे हजारों-लाखों सिगरेट बट को एकत्र किया गया. आमतौर पर ज्यादा सिगरेट के बट कॉरपोरेट दफ्तर, अस्पताल, कॉलेज और पर्यटक स्थलों के इर्द गिर्द मिलते हैं.

    सिगरेट के बट इकट्ठा करने के बाद क्या
    दत्त बताते हैं कि इस अभियान का मकसद सिर्फ सिगरेट के बट एकत्र करना नहीं बल्कि सभी राज्यों से एकत्र किए गए इन टुकड़ों के डेटा तैयार करना है, ताकि इससे जुड़े प्रदूषण के लिए सही शोध और इसके निपटान के लिए एक सही मॉडल तैयार हो सके. इस अभियान के जरिए लोगों को यह बताया जाता है कि बट पर्यावरण को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं और लोग कैसे इन्हें एकत्र कर सकते हैं. इन्हें किस तरह से रिसाइकिल कर सकते हैं. साथ ही उनका नगर पालिकाओं और निगमों से भी यही कहना है कि इन टुकड़ों को इधर-उधर फेंकने के बजाए कचरापेटी में डालने के लिए उन्हें नियम बनाने चाहिए. एक पर्यावरणविद का कहना है कि कुल मिलाकर बात इतनी है कि सिगरेट पीने वालों को भी जिम्मेदार बनना पड़ेगा.

    Tags: Cigarettes, Environment news, Science news, Science News Today

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर