कोरोना वैक्सीन लिए मॉडर्ना से 1 बिलियन डॉलर का करार करने के करीब Cipla

कोरोना वायरस रोधी वैक्सीन मॉडर्ना. (Reuters File)

कोरोना वायरस रोधी वैक्सीन मॉडर्ना. (Reuters File)

भारतीय फार्मा कंपनी सिप्ला (Cipla) ने सरकार से क्षतिपूर्ति के नियमों (indemnification) और ट्रायल के नियमों में रियायत देने का आग्रह किया है. मॉडर्ना का ये टीका सिंगल शॉट होगा.

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नई दिल्ली. कोविड-19 की दूसरी खतरनाक लहर (Covid Second Wave) के बाद अब देश में वैक्सीन (Vaccine) की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास जारी हैं. इसी क्रम में भारतीय फार्मा कंपनी सिप्ला (Cipla) अमेरिकी वैक्सीन निर्माता मॉडर्ना (Moderna) के साथ 1 बिलियन डॉलर का करार करने के करीब पहुंच चुकी है. कंपनी ने सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए केंद्र सरकार से कुछ रियायतों की मांग की है. कंपनी ने सरकार से क्षतिपूर्ति के नियमों और ट्रायल के नियमों में रियायत देने का आग्रह किया है. मॉडर्ना का ये टीका सिंगल शॉट होगा.

इससे पहले मॉडर्ना ने कहा था कि वो साल 2022 में भारत में अपनी सिंगल शॉट वैक्सीन लॉन्च कर सकती है. इसके लिए भारत में सिप्ला और फार्मा कंपनियों के साथ बातचीत की बात कही गई थी. पांच करोड़ डोज की सप्लाई को लेकर बातचीत चल रही है.

मॉडर्ना वैक्सीन 12-17 आयु समूह में बेहद कारगर रही है

हाल में खबर भी आई थी कि मॉडर्ना वैक्सीन 12-17 आयु समूह में बेहद कारगर रही है. कंपनी का कहना है कि इस आयु समूह में उनकी वैक्सीन सिंप्टोमेटिक इंफेक्शन रोकने में 100 प्रतिशत कारगर रही है. कंपनी का कहना है कि अब वो अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट में संपर्क कर इस आयु समूह में वैक्सीनेशन के अधिकार मांगेगी. माना जा रहा है जून से कंपनी वैक्सीनेशन शूरू कर सकती है.
इसे -20 डिग्री तापमान पर फ्रीज करके रखना होता है

बीते साल भी जब भारत में वैक्सीन प्रोग्राम शुरुआत करने को लेकर बातचीत चल रही थी तब मॉडर्ना की वैक्सीन को लेकर चर्चाएं हुई थीं. हालांकि वैक्सीन का रखरखाव महंगा है. इसे -20 डिग्री तापमान पर फ्रीज करके रखना होता है. जबकि PFIZER की वैक्सीन के लिए -70 डिग्री तापमान की जरूरत पड़ती है.

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