CISF जवानों के लिए नई सोशल मीडिया पॉलिसी, सरकार के खिलाफ लिखने की इजाजत नहीं

CISF जवानों के लिए नई सोशल मीडिया पॉलिसी, सरकार के खिलाफ लिखने की इजाजत नहीं
सीआईएसएफ अभी देश में 63 हवाईअड्डों, हवाईक्षेत्र से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों के अलावा तमाम सरकारी मंत्रालयों और भवनों आदि की सुरक्षा करती है.

कई बार ड्यूटी पर तैनात जवान सोशल मीडिया (Social Media) के चलते फंसकर हनी ट्रैप (Honey Trap) के शिकार हो जाते हैं. इसके बाद मजबूर होकर देश और सेना से जुड़ी काफी महत्वपूर्ण जानकारियों को लीक करने के लिए उनलोगों का गलत प्रयोग किया जाता है. ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अर्ध सैनिक बल CISF सोशल मीडिया पॉलिसी जारी की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 1:33 PM IST
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(रिपोर्ट- शंकर आंनद और शैलेंद्र वांगू )

नई दिल्ली. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अपने करीब 1.62 लाख कर्मियों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल के सिलसिले में कुछ नए दिशा-निर्देश (CISF Guideline on social media use by its personnel) जारी किए हैं. इसके तहत कर्मियों को ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस्तेमाल में लाई जा रही अपनी 'यूजर आईडी' का खुलासा संबंधित यूनिट के सामने करने का निर्देश दिया गया है. नई गाइडलाइंस के मुताबिक, जवान या अधिकारी अब सरकार की नीतियों की आलोचना नहीं कर पाएंगे. एक अधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई है।

CISF मुख्यालय से जारी इस मीडिया पॉलिसी को काफी गंभीरता से पालन करने का निर्देश जारी किया गया है. ऐसा नहीं करने या गलती को छुपाने पर उचित विभागीय कार्रवाई की जा सकती है. सीआईएसएफ मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इन ऑइनलाइन मंचों से राष्ट्रीय सुरक्षा और बल के अनुशासन को पैदा हुए खतरे के मद्देनजर दो पृष्ठों के दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं.



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क्या है नई पॉलिसी?
>>फेसबुक, इंस्ट्राग्राम, यूट्यूब पर CISF या विभाग से जुड़ी हुई कोई भी जानकारी सहित राष्ट्र के नाम से जुड़े कोई भी संदेश/सूचना नहीं शेयर की जाएगी.

>>दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि यूजर आईडी में कोई बदलाव करने या यह नया बनाने की स्थिति में, उन्हें इस बारे में विभाग को सूचित करना ही होगा.

>>फर्जी नाम से यूजर आईडी बनाने पर भी विभाग को इसकी लिखित जानकारी देनी होगी. ऐसा नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है.

>>सोशल मीडिया पर कोई भी जानकारी आप अपने विभाग के बारे में व्यक्तिगत तौर पर या विभागीय तौर पर नहीं लिख सकते हैं. जबतक कोई आपको विभाग से लिखित तौर पर अनुमति प्रदान नहीं कर दें, तब तक ऐसा कुछ भी नहीं किया जा सकता.

>>सोशल मीडिया पर अपने परिजनों को भी सतर्कता से कुछ भी जानकारी साझा करने के लिए सुझाव दें. ताकि कोई भी शख्स उसका कोई गलत फायदा नहीं उठा सके.

>>ड्यूटी के दौरान वर्दी वाली तस्वीर या अपने साथी जवानों की तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी नहीं करने का भी निर्देश दिया गया है.

>>ड्यूटी के दौरान अपना और अपने साथियों या अधिकारियों के लोकेशन और दफ्तर /कैंप से जुड़ी कोई भी तस्वीर जारी नहीं करने का भी निर्देश है.

>>दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल अपनी शिकायतों को जाहिर करने में पदानुक्रम या उपयुक्त माध्यम को नजरअंदाज करने में नहीं किया जाएगा.

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बता दें कि सीआईएसएफ अभी देश में 63 हवाईअड्डों, हवाईक्षेत्र से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों के अलावा तमाम सरकारी मंत्रालयों और भवनों आदि की सुरक्षा करती है. दिशा-निर्देशों में यह बताया गया है कि ये इसलिए जारी किए गए हैं कि बल ने कुछ ऐसे उदाहरण पाए हैं, जहां सोशल मीडिया मंचों का उपयोग सीआईएसएफ कर्मी राष्ट्र/संगठन के बारे में संवेदनशील सूचना साझा करने और सरकार की नीतियों का विरोध करने में कर रहे हैं. लिहाजा सावधानी बरतना बहुत जरूरी है.
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