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CAB पर बोले मार्कण्डेय काटजू- कश्मीर के बाद अब असम की बारी, क्या होगा देश का हाल

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Updated: December 12, 2019, 10:54 AM IST
CAB पर बोले मार्कण्डेय काटजू- कश्मीर के बाद अब असम की बारी, क्या होगा देश का हाल
CAB पर बोले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू

असम (Assam) में मोबाइल इंटरनेट बहाल होने पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू (Markandey Katju) ने कहा पहले कश्मीर और अब असम आखिर अब किस राज्य का नम्बर.

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  • Last Updated: December 12, 2019, 10:54 AM IST
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नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हो गया. इस बिल को लेकर पूर्वोत्तर राज्यों खासकर असम और त्रिपुरा में जबदस्त विरोध हो रहा है. इन प्रदर्शनों के चलते असम के 10 जिलों में इंटरनेट व्यवस्था को बंद कर दिया गया है. असम में मोबाइल इंटरनेट बहाल होने पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू (Markandey Katju) ने कहा पहले कश्मीर और अब असम आखिर अब किस राज्य का नम्बर है बता दीजिए.

पूर्व जस्टिस काटजू ने एक बाद एक ट्वीट कर नागरिकता संशोधन बिल पर अपनी राय दी और कहा 'पहले कश्मीर फिर असम भारत में अब इंटरनेट आदि सेवाएं कहां-कहां प्रतिबंधित होंगी. व्यापक विरोध प्रदर्शन के बीच बिगड़ती कानून व्यवस्था को संभालने के लिए बुधवार को असम के गुवाहाटी में लगाए गए कर्फ्यू को अनिश्चिकाल के लिए बढ़ा दिया गया.


कार्टजू ने नागरिकता संशोधन बिल को लेकर भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट किया, 'असम भी कश्मीर की तरह जल रहा है, देश में आग लगी है और ये आधुनिक 'नीरो' बेखबर हैं. हनुमान जी ने तो सिर्फ लंका जलाई थी, लेकिन ये आधुनिक हनुमान जी तो पूरे भारत में आग लगा देंगे'.

नागरिकता संशोधन बिल 2019 के पास होने पर सोनिया गांधी ने बयान जारी कर कहा था कि भारत के संवैधानिक इतिहास में ये काला दिन है. नागरिकता संशोधन बिल का पास होना भारत की विविधता पर संकीर्ण मानसिकता के लोगों की जीत है.

वहीं इस बिल के पास होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन को ऐतिहासिक बताया और कहा कि आज का दिन भारत और उसकी करुणा और भाईचारे के लिए एक ऐतिहासिक दिन बन गया है.

राज्यसभा ने बुधवार को विस्तृत चर्चा के बाद इस विधेयक को पारित कर दिया. सदन ने विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने के विपक्ष के प्रस्ताव और संशोधनों को खारिज कर दिया. विधेयक के पक्ष में 125 मत पड़े जबकि 105 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया.

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First published: December 12, 2019, 10:54 AM IST
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