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कोल्हापुर में मटन के भाव बढ़ने पर लोगों का प्रदर्शन, कीमत कम करने पर तय हुई बात

News18Hindi
Updated: December 11, 2019, 1:32 PM IST
कोल्हापुर में मटन के भाव बढ़ने पर लोगों का प्रदर्शन, कीमत कम करने पर तय हुई बात
मटन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन

यह प्रदर्शन मटन (Mutton) के वाजिब दामों के लिए था. इस प्रदर्शन और मटन विक्रेताओं से लंबी बातचीत के बाद आख़िरकार खाने पीने के शौक़ीन लोग मटन की कीमत को 200 रुपये किलो तक कम कराने में सफल हो गए.

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  • Last Updated: December 11, 2019, 1:32 PM IST
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अरुंधति जोशी

कोल्हापुर. किसी समय मराठा राजधानी के तौर पर जाना जाने वाला महाराष्ट्र (Maharashtra) का कोल्हापुर (Kolhapur) शहर अब खाने पीने की बेहतरीन जगह के तौर पर मशहूर है. लेकिन इस मराठा फ़ूड हब ने हाल में ही खाने के शौकीनों का अनोखा प्रदर्शन देखा. यह प्रदर्शन मटन (Mutton) के वाजिब दामों के लिए था. इस प्रदर्शन और मटन विक्रेताओं से लंबी बातचीत के बाद आख़िरकार खाने पीने के शौक़ीन लोग मटन की कीमत को 200 रुपये प्रति किलो तक कम कराने में सफल हो गए.

मटन (बकरे का मांस) महाराष्ट्र के इस क्षेत्र के लोगों के नियमित आहार का हिस्सा है और पिछले महीने से कोल्हापुर में इसकी कीमत लगातार बढ़ती जा रही थी. अंत में मंगलवार को सक्रिय नागरिकों के संगठन अपने प्रदर्शन के चलते मटन की कीमत को 200 रुपये प्रति किलो कम करवाने में सफल हो गए. जिससे अब इसकी कीमत आम लोगों की जेब पर भारी नहीं पड़ेगी. मटन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ यह देश में नागरिकों का अपने तरीके का अनोखा और सफल प्रदर्शन था.

मटन लोगों के भोजन का ख़ास हिस्सा

कोल्हापुर चिकन और मटन के मसालेदार व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध है खासकर के तम्ब्डा रस्सा (रेड ग्रेवी) और पंधरा रस्सा (सफ़ेद ग्रेवी) जैसे व्यंजन. मटन महाराष्ट्र के दक्षिण और पश्चिम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के भोजन का ख़ास हिस्सा है. खाने पीने के शौक़ीन लोगों के लिए अभी भी कोल्हापुर राजधानी है क्योंकि यहां बेहतरीन मराठा चिकन और मटन के व्यंजन मिलते हैं और लाजवाब और मशहूर मीसल भी. लेकिन यह व्यंजनों की राजधानी पिछले महीने से मटन के बढ़े हुए दामों से परेशान थी.

700 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे दाम
पिछले महीने कोल्हापुर में मटन की औसत कीमत जो लगभग 450 से 500 रुपये किलो थी वह बढ़कर 600 रुपये किलो से 700 रुपये किलो तक पहुंच गयी थी. लोगों में बढ़ी हुई कीमतों को लेकर काफी नाराजगी थी. इन बढ़ी कीमतों के खिलाफ लड़ने के लिए स्थानीय मित्र मंडल और कुछ सामाजिक संगठनों ने आपस में मिलकर क्रांति समिति बनाई थी.कोर एक्शन ग्रुप ने विरोध में सस्ते में बेचा मटन
इस क्रांति समिति के कोर एक्शन ग्रुप ने विरोध जताने के लिए मटन को खरीद कर कम दाम पर बेचना शुरू कर दिया. विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए यह लोग मटन को 450 रुपये किलो की दर से बेचने लगे. उनके इस कदम को जनता की अच्छी प्रतिक्रिया मिली क्योंकि यह विरोध उनकी जेब पर भारी नहीं था. सस्ते मटन के लिए किये जा रहे विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए लोगों ने झंडे और बैनर भी लगाए. मटन की कीमतों का यह युद्ध जब जिलाधिकारी के ऑफिस तक पहुंचा तब यह विरोध प्रदर्शन मटन विक्रेताओं और वेंडरों की नज़र में आया.

अब से 480 रुपये किलो मिलेगा मटन
यह विक्रेता एक्शन ग्रुप के नेताओं से बातचीत करने के लिए तैयार हो गए. विक्रेताओं के अनुसार कीमतों में वृद्धि लोकल कारणों से नहीं थी. उनका कहना है कि यह मांग और आपूर्ति के बीच जो अंतर आया था उसकी वजह से था. लगभग दो महीने पहले कोल्हापुर ने भीषण बाढ़ की स्थितियों का सामना किया था जिसमें काफी मवेशी भी मारे गए थे. मटन विक्रेताओं के प्रतिनिधि विजय कांबले कहते हैं, "हम आपस में तय किये गए दामों पर ही मटन बेचेंगे और अब से मटन 480 रुपये किलो की दर से बेचा जाएगा."

अंत में मटन बेचने वालों, कसाइयों और नागरिकों के बीच चले बातचीत के लम्बे दौर के बाद मटन की कीमत निश्चित कर दी गयी है और अब यह 480 रुपये किलो है.

कृति समिति के प्रतिनिधि सुजीत चवण कहते हैं, "कीमतों के बारे में जो हमारी मांग थी वो कसाई समाज द्वारा मान ली गई है और आपसी सहमति से हमने मटन की एक दर तय कर दी है. विक्रेताओं ने हमारी मांग पर गौर किया इसलिए हम उनका शुक्रिया अदा करते हैं."

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First published: December 11, 2019, 1:04 PM IST
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