Citizenship Act Protest: असम दिल्‍ली समेत कई यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन जारी, प्रियंका ने इंडिया गेट पर दिया धरना

Citizenship Act Protest: असम दिल्‍ली समेत कई यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन जारी, प्रियंका ने इंडिया गेट पर दिया धरना
नागरिकता संसोधन कानून (Citizenship Act) के खिलाफ सोमवार को भी दिल्‍ली, असम और लखनऊ समेत देश की कई यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन हुआ. इस दौरान प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने भी इंडिया गेट पर धरना दिया.

नागरिकता संसोधन कानून (Citizenship Act) के खिलाफ सोमवार को भी दिल्‍ली, असम और लखनऊ समेत देश की कई यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन हुआ. इस दौरान प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने भी इंडिया गेट पर धरना दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 17, 2019, 12:00 AM IST
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नई दिल्‍ली. जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) के छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Act) के खिलाफ बढ़ते गुस्से ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में ताजा प्रदर्शनों को हवा दी. कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दल प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सामने आए.

रविवार शाम को जामिया के छात्रों पर पुलिस के बल प्रयोग और नये कानून के खिलाफ हजारों छात्र सड़कों पर उतरे. उन्होंने दावा किया कि यह कानून भारत की धर्मनिरपेक्ष नींव को कमजोर करेगा और उसके सामाजिक ताने बाने को नुकसान पहुंचाएगा. गनीमत है कि हिंसा की कोई खबर नहीं है. लेकिन प्रदर्शन तेज हो गए हैं. इंडिया गेट, जंतर मंतर, दिल्ली विश्वविद्यालय और जामिया समेत कई स्थानों पर अलग-अलग प्रदर्शन हुए.

'इस देश में सुरक्षित महसूस नहीं करता'
एक प्रदर्शनरत छात्र ने कहा, 'मैं इस देश में सुरक्षित महसूस नहीं करता. मुझे नहीं मालूम कि मैं कहां जाऊंगा. मैं नहीं जानता कि क्या कल को मेरे दोस्त भारतीय रहेंगे.' जामिया मिल्लिया इस्लामिया रविवार को उस समय रणक्षेत्र बन गया जब नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस परिसर में घुस गई और उसने बल का प्रयोग किया. पुलिस की कार्रवाई को लेकर देशभर में कई प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों ने प्रदर्शन किया.



कांग्रेस और कई विपक्षी दलों ने जामिया के छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित 'बर्बरता' की निंदा की और इसकी न्यायिक जांच की मांग की. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में पार्टी के नेताओं ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया तथा देशभर के कई अन्य विश्वविद्यालयों के प्रदर्शनरत छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए सोमवार को इंडिया गेट पर धरना दिया.



प्रियंका ने कहा- छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई भारत की आत्मा पर हमला
शाम चार बजे से दो घंटे तक मूक प्रदर्शन करने के बाद कांग्रेस महासचिव ने कहा कि जामिया के छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई भारत की आत्मा पर हमला है. उन्होंने कहा, 'भाजपा सरकार ने संविधान पर हमला किया. इसने छात्रों पर हमला किया. यह भारत की आत्मा पर हमला है. युवा देश की आत्मा है. नौजवान देश की आत्मा हैं, उनकों प्रदर्शन करने का अधिकार है, आवाज उठाने का हक है, ये हक उनको संविधान ने दिया है.'

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि नागरिकता संशोधन कानून भारत के संविधान के खिलाफ है और इसे संविधान को 'नष्ट' करने के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा, 'कांग्रेस पार्टी का एक-एक नेता, एक-एक कार्यकर्ता संविधान के लिए लड़ेगा, मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ लड़ेगा, जवाब मांगेगा और छात्र-छात्राओं के साथ खड़ा रहेगा.'

बच्चों को किसकी सरकार और पुलिस ने पीटा: प्रियंका
प्रधानमंत्री के वक्तव्य से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में प्रियंका ने कहा, 'प्रधानमंत्री जी, जो महिलाओं पर रोज-रोज अत्याचार हो रहा है, उस पर बोलें, रोजगार पर बोलें. जो कल यहां विश्वविद्यालय में हुआ, इस पर बोलें. उन बच्चों को किसकी सरकार और पुलिस ने पीटा? इन चीजों पर बोलें प्रधानमंत्री जी. जो डूबती हुई अर्थव्यवस्था है, इस पर बोलें प्रधानमंत्री जी.'

इस धरने में प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ अहमद पटेल, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद और रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल हुए. इसके अलावा उनके साथ सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता भी थे. प्रियंका वाड्रा ने कहा, 'देश का वातावरण खराब है. पुलिस (छात्रों) पीटने के लिए विश्वविद्यालय में घुस रही है. सरकार संविधान से छेड़छाड़ कर रही है. हम संविधान के लिए लड़ेंगे.'

कई नेताओं ने की पुलिस की कार्रवाई की निंदा
कांग्रेस नेताओं आजाद और कपिल सिब्बल, माकपा नेता सीताराम येचुरी, भाकपा नेता डी राजा, राजद के मनोज झा, सपा के जावेद अली खान और वरिष्ठ नेता शरद यादव ने संवाददाता सम्मेलन में जामिया के छात्रों पर रविवार को पुलिस की कार्रवाई की निंदा की. आज़ाद ने कहा, 'जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को प्रवेश की इजाजत नहीं दी, तब पुलिस जामिया में कैसे घुस सकती है और ऐसी बर्बरता कर सकती है?'

येचुरी ने घटना की उच्चतम न्यायालय के एक न्यायाधीश द्वारा जांच की मांग की. उन्होंने कहा, 'जामिया परिसर में पुलिस को प्रवेश करने की इजाजत जिस किसी ने भी दी है, उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए और दंडित किया जाना चाहिए.' विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि संसद द्वारा गत सप्ताह पारित किया गया नागरिकता संशोधन विधेयक धार्मिक आधार पर देश को बांटने की कोशिश है क्योंकि इसमें तीन पड़ोसी देशों के गैर मुस्लिम अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान है. उन्होंने कहा कि ऐसी प्राथमिकता असंवैधानिक है.

जामिया के छात्रों को रिहा किया गया
जामिया के हिरासत में लिए गए 50 छात्रों को रिहा कर दिया गया है लेकिन परिसर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और छात्रावास के कई छात्र-छात्राएं अपने घरों के लिए रवाना हो रहे हैं. जामिया की कुलपति नजमा अख्तर ने कहा कि परिसर में पुलिस की मौजूदगी को विश्वविद्यालय बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की उच्च स्तरीय जांच की मांग की.

हिंसा की जांच अपराध शाखा करेगी
दिल्ली पुलिस ने कहा कि हिंसा की जांच अपराध शाखा करेगी. इस हिसा में डीटीसी की चार बसें, 100 निजी वाहन और पुलिस की 10 मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गई. पुलिस ने कहा कि उसने प्रदर्शनकारियों द्वारा 'उकसाए' जाने के बावजूद 'अधिकतम संयम, न्यूनतम बल' का इस्तेमाल किया.

दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्रों ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ एकजुटता दर्शाने के लिए सोमवार को परीक्षाओं का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया. इसके बाद कला संकाय में भारी बल की तैनाती कर दी गई है.
First published: December 16, 2019, 8:19 AM IST
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