लाइव टीवी

नागरिकता कानून पर पूर्वोत्‍तर में उबाल, असम के हालात संभालने के लिए सेना के 26 कॉलम तैनात

News18Hindi
Updated: December 13, 2019, 5:10 PM IST
नागरिकता कानून पर पूर्वोत्‍तर में उबाल, असम के हालात संभालने के लिए सेना के 26 कॉलम तैनात
असम मेें हालात संभालने के लिए सेना के कॉलम की संख्‍या बढ़ा दी गई है. फोटो. पीटीआई

नागरिकता संशोधन कानूूून 2019 (citizenship amendment Act 2019) को लेकर पूर्वोत्तर भारत (North East) में स्‍थिति गंभीर है. स्‍थिति को संभालने के लिए भारतीय सेना (Indian Army) के 26 कॉलम तैनात किए गए हैं. यहां पर केंद्रीय सुरक्षाबलों की कंपनियां पहले ही तैनात हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 13, 2019, 5:10 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. नागरिकता संशोधन कानून 2019/सीएबी (citizenship amendment act 2019) को लेकर पूर्वोत्तर भारत (North East) में स्‍थिति गंभीर है. असम के अलावा दूसरे राज्‍यों के शहरों में भी बंद और कर्फ्यू के हालात हैं. असम के गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. भारतीय सेना ने असम में कॉलम की संख्‍या बढ़ा दी है. स्‍थिति को संभालने के लिए भारतीय सेना (Indian Army) के 26 कॉलम तैनात किए गए हैं. यहां पर केंद्रीय सुरक्षाबलों की कंपनियां पहले ही तैनात हैं. स्थानीय प्रशासन की अपील पर भारतीय सेना के कॉलम इनकी सहायता के लिए तैनात किया गया है.

सेना के एक कॉलम में कुल करीब 70 जवान होते हैं. असस (Assam) और त्रिपुरा (Tripura) में सेना के अलावा असम रायफल्‍स के कॉलम भी तैनात हैं. त्रिपुरा में असम राइफल्स का एक कॉलम कंचनपुर और दूसरा मानू में तैनात किया गया है. जबकि असम में सेना का एक कॉलम बोंगाईगांव से एक किलोमीटर की दूरी पर और दूसरा डिब्रूगढ़ में पूरी मुस्तैदी से तैनाती के लिए तैयार है.

गुवाहाटी में जरूरी सामान लेने निकले लोग, लगी लंबी कतारें
गुवाहाटी में शुक्रवार सुबह कर्फ्यू में ढील की खबरें सुनकर लोग हड़बड़ी में जरूरी सामान इकट्ठा करने के लिए दुकानों और बाजारों की तरफ निकले. हालांकि, बाद में प्रशासन ने कर्फ्यू में ढील दिए जाने से इनकार किया. कुछ स्थानीय चैनलों ने खबर दी कि सुबह छह बजे से दोपहर एक बजे तक निषेधाज्ञा में ढील दी गई है, जिसके बाद शहर के उजेन बाजार, चांदमारी, शिल्पुखुरी और जू रोड इलाके में दुकानों के बाहर लंबी लंबी कतारें नजर आईं. असम पुलिस के एक प्रवक्ता ने बाद में स्पष्ट किया कि कर्फ्यू में ढील देने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है और पाबंदी लागू रहेगी.

संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों के बाद गुरुवार सुबह सवा छह बजे पाबंदी लगाई गई थी. हालांकि, शहर में चप्पे-चप्पे पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने बाजारों को न तो बंद कराया और न ही वाहनों को रोका. किराना दुकानों, चिकन-मछली की दुकानों के बाहर लोग कतारों में खड़े थे. कई लोगों ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर अनिश्चितताओं के कारण वे कम से कम तीन चार दिनों के लिए घर का सामान जुटा लेना चाहते हैं. बाजार में कुछ लोग कह रहे थे कि कर्फ्यू में ढील की बात सुनकर वे कार्यालय जाने के लिए तैयार होकर निकले थे. हालांकि, स्कूल और कार्यालय बंद हैं. सेना और सुरक्षाबलों के जवानों ने शहर में फ्लैग मार्च किया. गुरुवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में दो लोगों की मौत हो गयी थी। निकाय कर्मचारी सड़क पर जले हुए टायरों, बिखरे पड़े ईंट-पत्थर तथा अन्य सामान और बैरिकेड को हटाते नजर आए। बस सहित सार्वजनिक परिवहन सड़क से नदारद रहे ।

हिंसा में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी : सोनोवाल
असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि हिंसा और आगजनी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में तोड़फोड़ के लिए कोई जगह नहीं है. सोनोवाल ने यह भी कहा कि राज्य के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए वह कृतसंकल्प हैं. उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को समझाएं कि वे ऐसे किसी भी आंदोलन में शामिल न हों जो हिंसक रूप ले सकता है.उन्होंने कहा, ‘हम हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे. तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.’ नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 के खिलाफ राज्य में दो दिन से जारी हिंसा के संबंध में मुख्यमंत्री ने यह बात कही. लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने और राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद अब यह विधेयक कानून का स्वरूप ले चुका है. असम के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनकारियों ने बड़े पैमाने पर हिंसा को अंजाम दिया, सड़कों पर टायर जलाए और वाहनों पर पत्थर फेंके तथा तोड़फोड़ की.

दो रेलवे स्टेशनों पर आगजनी की और कई विधायकों के घरों पर हमला किया गया. सोनोवाल के निजी आवास पर भी भीड़ ने हमला किया. सोनोवाल ने कहा, ‘यहां के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए मैं प्रतिबद्ध हूं और आश्वासन देना चाहता हूं कि मूल निवासियों के हितों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को अहिंसक लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन जो लोग तोड़फोड़ कर रहे हैं, प्रदर्शनों का फायदा उठा रहे हैं, उनसे सख्ती से निपटा जाएगा.

यह भी पढ़ें:  CAB मसले पर लालू का इमोशनल ट्वीट- 'आप लोग मायूस मत होना अभी बीमार जिंदा है'

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 13, 2019, 4:22 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर