CAA प्रदर्शन: नागरिकता कानून के विरोध में सत्याग्रह पर बैठी कांग्रेस, प्रियंका-राहुल रहे मौजूद

CAA प्रदर्शन: नागरिकता कानून के विरोध में सत्याग्रह पर बैठी कांग्रेस, प्रियंका-राहुल रहे मौजूद
CAA के खिलाफ कांग्रेस कर रही सत्याग्रह

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi), मनमोहन सिंह, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ ‘‘एकजुटता दिखाने’’ के लिए राजघाट (Rajghat) पर ‘सत्याग्रह’ में हिस्सा लिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 23, 2019, 11:35 PM IST
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नई दिल्ली, चेन्नई, गुवाहाटी. नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) को लेकर देश भर में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. चेन्नई में आज इसके विरोध में DMK की रैली हो रही है.  इस रैली में पी चिदंबरम भी शामिल हुए हैं. आज दोपहर दिल्ली में कांग्रेस भी इसको लेकर प्रदर्शन करने वाली है. राहुल और प्रियंका ने युवाओं से इस रैली में शामिल होने की अपील की है. उधर विरोध प्रदर्शन के बीच बीजेपी (BJP) ने विपक्ष को घेरने का प्लान तैयार किया है. इस प्लान के तहत बीजेपी 26 दिसंबर से 25 जनवरी तक जनजागरण अभियान चलाने जा रही है. इस अभियान के माध्यम से बीजेपी के कार्यकर्ता नागरिकता संशोधन कानून की सच्चाई लोगों को बताएंगे. साथ ही विपक्ष की भ्रामक राजनीति की पीएलओ भी खोलेंगे.

विपक्ष ने सोमवार को संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Act) के खिलाफ विरोध और तेज कर दिया. कांग्रेस (Congress) ने राजघाट स्थित महात्मा गांधी के स्मारक पर जहां ‘एकता के लिए सत्याग्रह’ किया वहीं इसकी सहयोगी द्रमुक ने चेन्नई में बड़ी रैली आयोजित की. विवादास्पद कानून के खिलाफ कई राज्यों में छात्रों एवं अन्य लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया.

बीजेपी ने CAA के समर्थन में कोलकाता में की रैली
विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में भाजपा ने कोलकाता में नागरिकता कानून के समर्थन में रैली आयोजित की जिसे पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे. पी. नड्डा (JP Nadda) और राज्य के कई नेताओं ने संबोधित किया. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर लोगों को गुमराह करने के आरोप लगाए.
कर्नाटक की राजधानी में मुस्लिम समुदाय के हजारों लोग संशोधित नागरिकता कानून और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के विरोध में सड़कों पर उतरे. ज्वाइंट एक्शन कमिटी ऑफ बेंगलुरू के बैनर तले 35 संगठनों ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था.



तीन प्रवासी मजदूरों की कुछ लोगों ने की थी पिटाई
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की शाखा यूथ लीग के कार्यकर्ताओं ने कानून को खत्म करने की मांग करते हुए केरल के विभिन्न हिस्सों में डाकघर तक विरोध मार्च का आयोजन किया. एक दिन पहले कोझिकोड में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में कुछ अज्ञात लोगों ने पश्चिम बंगाल के तीन प्रवासी मजदूरों की पिटाई की थी. पुलिस ने बताया कि नादापुरम में आयोजित विरोध प्रदर्शन से लौटने पर मुर्शिदाबाद के रहने वाले तीनों मजदूरों की रविवार की रात को पिटाई की गई थी.

दिल्ली में उत्तरप्रदेश भवन के बाहर हिरासत में लिए गए 46 छात्र
असम में भी प्रदर्शन जारी है जहां पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत गुवाहाटी में महात्मा गांधी के स्मारक के पास धरने पर बैठे. उनकी पार्टी असम गण परिषद् राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी है. ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) ने भी प्रदर्शन किया जिसमें समाज के विभिन्न तबके के लोगों ने हिस्सा लिया. 11 दिसम्बर से चल रे प्रदर्शन में पांच लोगों की मौत हुई है जिसमें चार लोग सुरक्षा बलों की गोली से मारे गए.

राष्ट्रीय राजधानी में संशोधित नागरिकता कानून का विरोध करने के लिए पुलिस ने उत्तरप्रदेश भवन के बाहर 46 छात्रों (Students) को हिरासत में लिया और 93 छात्रों को असम भवन के बाहर हिरासत में लिया.

छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने को कांग्रेस ने किया सत्याग्रह
सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ ‘‘एकजुटता दिखाने’’ के लिए राजघाट पर ‘सत्याग्रह’ में हिस्सा लिया. पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी और पार्टी सदस्यों ने एक मिनट का मौन भी धारण किया. प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘इस आंदोलन में शहीद हुए बच्चों के नाम. बिजनौर के ओमराज सैनी के नाम पर जिनके पांच बच्चे उनका इंतजार कर रहे हैं और वह अस्पताल में जख्मी पड़े हुए हैं. उनके नाम पर हम आज संकल्प लेते हैं कि हम संविधान की रक्षा करेंगे और इसे तहस-नहस नहीं होने देंगे.’’

आठवें दिन भी जामिया में जारी रहा प्रदर्शन
संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia University) में आठवें दिन भी प्रदर्शन जारी है और सैकड़ों लोग विश्वविद्यालय के बाहर सड़कों पर एकत्रित हैं. नूरनगर, बाटला हाउस और ओखला के कई स्कूलों के बच्चों ने भी सोमवार को प्रदर्शनों में हिस्सा लिया.

द्रमुक ने भी CAA के खिलाफ निकाली रैली
सीएए के खिलाफ द्रमुक (DMK) और उसके सहयोगियों ने सोमवार को चेन्नई में बड़े पैमाने पर रैली निकाली और इस कानून को वापस लेने की मांग की. द्रमुक और सहयोगी दलों ने चेतावनी दी कि केंद्र अगर इस कानून को वापस नहीं लेता है तो समाज के गैर राजनीतिक तबकों को साथ लेकर आंदोलन को तेज किया जाएगा. द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने शांतिपूर्ण रैली की अगुवाई की. सीएए के विरोध में कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम, एमडीएमके प्रमुख वाइको समेत गठबंधन सहयोगी दलों के अन्य नेता हाथों में तख्तियां लेकर साथ में चल रहे थे. द्रमुक और अन्य सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं ने कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच हाथों में पार्टी के झंडे, बैनर और तख्तियां लेकर एगमोर से राजरथिनम स्टेडियम तक करीब ढाई किलोमीटर मार्च किया. कार्यकर्ता नारे लगा रहे थे, ‘‘सीएए वापस लो. सांप्रदायिक भावनाएं न भड़काओ.’’ एमडीएमके के नेता वाईको ने संवाददाताओं से कहा कि रैली ‘‘सफल रही’’.

अधिकारियों को यूपी के प्रदर्शनों में PFI और सिमी की भूमिका पर संदेह
उत्तरप्रदेश में स्थिति शांतिपूर्ण रही जहां पिछले हफ्ते प्रदर्शन के दौरान 18 लोगों की मौत हो गई थी. पुलिस ने बताया कि उसने लखनऊ में 19 दिसम्बर की हिंसा के कथित सरगना इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के राज्य प्रमुख वसीम और दो अन्य को गिरफ्तार किया है. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने रविवार को कहा था कि अधिकारियों को पीएफआई और सिमी की भूमिका पर संदेह है. पुलिस विभाग की तरफ से यहां जारी बयान में बताया गया, ‘‘उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है और स्थिति सामान्य है. 213 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं और राज्य में सीएए विरोधी प्रदर्शन के सिलसिले में 10 दिसम्बर से अब तक 925 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.’’

CID और मजिस्ट्रेट से हिंसा की जांच कराएगी कर्नाटक सरकार
कर्नाटक के हिंसा प्रभावित मंगलुरू में सोमवार की सुबह कर्फ्यू हटा लिया गया और नगर में सामान्यत: शांति रही. मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि राज्य सरकार ने मेंगलुरु में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ पिछले हफ्ते हुए प्रदर्शन में हिंसा की जांच सीआईडी और मजिस्ट्रेट दोनों से कराने का फैसला किया है. येदियुरप्पा ने दावा किया कि जो लोग सीएए के खिलाफ बोल रहे हैं वे यह नहीं बता पा रहे कि यह कानून कैसे अल्पसंख्यक मुस्लिम भाइयों को प्रभावित करेगा. शहर के पुलिस आयुक्त पी एस हर्षा ने लोगों से अनुरोध किया कि वे शहर में 19 दिसंबर को हुई हिंसा के वीडियो और तस्वीरें जांच के लिये पुलिस से साझा करें. पुलिस ने कहा कि शहर में निषेधाज्ञा सोमवार आधी रात तक जारी रहेगी.

पुलिस ने विफल किया चारमीनार इलाके में प्रदर्शन का प्रयास
पांडिचेरी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह की छात्र परिषद् के सदस्यों ने विभिन्न राज्यों में चल रहे सीएए विरोधी आंदोलनों में छात्रों की कथित प्रताड़ना के विरोध में बहिष्कार किया. कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हिस्सा लिया.

तेलंगाना के निजामाबाद जिले में विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किए जबकि पुलिस ने नगर के चारमीनार के नजदीक प्रदर्शन के प्रयास को विफल कर दिया और 12 लोगों को एहतियात के तौर पर हिरासत में ले लिया.

मध्य महाराष्ट्र के लातूर में सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न तबके के लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालकर सीएए और प्रस्तावित एनआरसी को रद्द करने की मांग की.

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