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अमित शाह का शिलॉन्‍ग दौरा रद्द, फ्रांस ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी

News18Hindi
Updated: December 13, 2019, 7:45 PM IST
अमित शाह का शिलॉन्‍ग दौरा रद्द, फ्रांस ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी
नागरिकता कानून का सबसे ज्यादा विरोध असम और मेघालय में हो रहा है.

नागरिकता संशोधन कानून (citizenship amendment act 2019) के बाद पूर्वोत्‍तर (North East) के हालात गंभीर हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और जापानी पीएम शिंजो आबे (Shinzo Abe) का कार्यक्रम स्थगित होने के बाद गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का शिलॉन्‍ग (Shillong) दौरा रद्द हो गया है.

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  • Last Updated: December 13, 2019, 7:45 PM IST
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नई दिल्‍ली. नागरिकता संशोधन कानून (citizenship amendment act 2019) के बाद पूर्वोत्‍तर (North East) के हालात गंभीर बने हुए हैं. सुरक्षाबल स्‍थिति को सामान्‍य बनाने की कोशिशों में लगे हैं. लेकिन इन हालात की आंच दूसरे कार्यक्रमों पर पड़ रही है. पहले असम में होने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और जापानी पीएम शिंजो आबे (Shinzo Abe) का कार्यक्रम स्थगित हुआ अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का शिलॉन्‍ग (Shillong) दौरा रद्द हो गया है. अमित शाह रविवार को रविवार को नॉर्थ ईस्ट पुलिस अकादमी के एक कार्यक्रम में शिलॉन्‍ग जाने वाले थे, लेकिन नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आंच मेघालय तक पहुंच गई है. मेघालय में भी 48 घंटे के लिए कर्फ्यू लगाया गया है. अमित शाह अब शनिवार और सोमवार को झारखंड जाएंगे.

इधर नॉर्थ ईस्ट खासकर असम और त्रिपुरा में विरोध प्रदर्शन के बाद फ्रांस ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. फ्रांस प्रशासन की ओर से जारी सलाह में कहा गया है कि भारत में नागरिकता कानून के पारित होने के बाद, असम और त्रिपुरा के कई शहरों में पुलिस के साथ सामान्य हमले, प्रदर्शन और झड़पें हुईं. असम के लिए हवाई परिवहन को फिलहाल निलंबित कर दिया गया है. सभी विरोध प्रदर्शन से दूर रहें, नियमित रूप से समाचार का पालन करने के साथ ही भारतीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें.

शिलॉन्ग में राजभवन के सामने जुटे हजारों प्रदर्शनकारी
मेघालय में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. राजधानी शिलॉन्ग में कर्फ्यू लगा है. इसके बावजूद शिलॉन्ग में राजभवन के सामने इस कानून के विरोध में सैकड़ों हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मेघालय में एनपीपी नीत गठबंधन सरकार में भाजपा भी शामिल है.

शिलांग में कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील
शिलांग में हिंसक प्रदर्शनों के बाद विभिन्न हिस्सों में लगाए कर्फ्यू में शुक्रवार को सुबह दस बजे से 12 घंटे की ढील दी गई. अधिकारियों ने बताया इन इलाकों से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. सदर और लुमदिंगजरी पुलिस थाना क्षेत्रों में गुरुवार रात को कर्फ्यू लगाया गया था. इन थाना क्षेत्रों में उत्तरी शिलांग और मॉप्रेम के कम से कम 20 इलाके आते हैं. ईस्ट खासी हिल्स जिले की उपायुक्त एम. डब्ल्यू नांगब्री ने बताया, ‘सदर और लुमदिंगजरी पुलिस थाना क्षेत्रों में आने वाले इलाकों में सुबह दस बजे से रात दस बजे तक कर्फ्यू से छूट दी गई.’ यहां मोबाइल इंटरनेट और मैसेजिंग सेवा अभी भी निलंबित है. नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद गुरुवार को शाम पांच बजे से 48 घंटे के लिए सेवा बंद कर दी गई थी.

सीएम की बहन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, पूरे पूर्वोत्तर को कानून से बाहर करेंनेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) की नेता अगाथा के. संगमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर संशोधित नागरिकता कानून के दायरे से समूचे पूर्वोत्तर को बाहर रखने को कहा है, ताकि क्षेत्र में शांति बहाल हो सके. मेघालय के तुरा से सांसद अगाथा ने गुरुवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि समूचे पूर्वोत्तर को इस अधिनियम के दायरे से बाहर रखा जाए. बता दें कि कानून के मुताबिक अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी.

अगाथा ने पत्र में मोदी से कहा, ‘पूर्वोत्तर एक संवेदनशील क्षेत्र है, जिसे पूरी तरह से संरक्षण की जरूरत है, सरकार को अवश्य ही नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर पुनर्विचार करना चाहिए और समूचे क्षेत्र को इसके दायरे से बाहर रखना चाहिए. यही एकमात्र रास्ता है, जिसके जरिए हमारे लोगों के बीच शांति एवं भरोसा कायम किया जा सकता है.’पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस विधेयक का पूर्वोत्तर के लोगों ने जबरदस्त विरोध किया, क्योंकि उन्हें इस बात का अंदेशा है कि जनसांख्यिकी बदलावों से क्षेत्र की स्थानीय जनजातियों की सुरक्षा एवं पहचान प्रभावित होगी.

उन्होंने कहा, ‘लंबे समय तक विचार विमर्श के जरिए की गई कोशिशें नाकाम होने जा रही हैं और यह विमर्श दिया जा रहा है कि भाजपा नीत सरकार पूर्वोत्तर विरोधी है.’मेघालय में एनपीपी नीत गठबंधन सरकार में भाजपा भी शामिल है. अगाथा के भाई एवं मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा एवं उनकी कैबिनेट के सहकर्मियों का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर मिलने का कार्यक्रम है. इस बीच, हिंसक प्रदर्शन के बाद शिलांग के कई हिस्सों में लगाए गए कर्फ्यू में शुक्रवार सुबह 10 बजे से 12 घंटे की ढील दी गई है. इन इलाकों से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है. नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के विरोध में प्रदर्शन के बीच मेघालय में कई वाहनों एवं इमारतों में की गई तोड़फोड़ के बाद गुरुवार रात कर्फ्यू लगाया गया था.

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First published: December 13, 2019, 5:47 PM IST
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