नागरिकता कानून पर बवाल: अमेरिका ने जारी की एडवाइजरी, भारत से कहा-अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करें

नागरिकता कानून पर बवाल: अमेरिका ने जारी की एडवाइजरी, भारत से कहा-अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करें
अमेरिका के अलावा फ्रांस भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर चुका है.

नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) के बाद नॉर्थ ईस्ट (North East) के राज्यों में हो रहे विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर अमेरिका (America) ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और असम न जाने की सलाह दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 13, 2019, 8:42 PM IST
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नई दिल्ली. नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) के बाद नॉर्थ ईस्ट (North East) के राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. खासकर असम (Assam) में हालात चिंताजनक हैं. इसी को देखते हुए अब फ्रांस के बाद अमेरिका (America) ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और असम न जाने की सलाह दी है. अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि भारत द्वारा अपने नागरिकता कानून में संशोधन किए जाने के बाद वह घटनाक्रमों पर करीब से नजर रखे हुए है. अधिकारी ने कहा कि अमेरिका ने भारत से अनुरोध किया है कि वह अपने संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों को बरकरार रखते हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करे.

संशोधित कानून में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में प्रताड़ना झेलने वाले गैर मुस्लिमों को नागरिकता मुहैया करने का प्रावधान है. अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा, ‘अमेरिका भारत से अनुरोध करता है कि वह अपने संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों को बरकरार रखते हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करे.’विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में कहा कि नया कानून कुछ देशों के धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता के लिए शीघ्र विचार का प्रावधान करता है, जिन्होंने प्रताड़ना का सामना किया है और जो पहले से ही भारत में हैं. मंत्रालय ने कहा कि प्रत्येक देश को अपने नागरिकों के वर्ग की गणना करने और सत्यापन करने तथा विभिन्न नीतियों के माध्यम से अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करने का अधिकार है.

अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी
अमेरिकी प्रशासन (America) की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि नए बने नागरिकता कानून के कारण नॉर्थ ईस्‍ट के राज्‍यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. सरकार ने कुछ इलाकों में कर्फ्यू भी लगाया है. इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं (Mobile Service) बाधित हैं. इस हिस्‍से में यातायात भी बाधित है. देश के कुछ और हिस्‍सों में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में अमेरिकी सरकार ने असम की आधिकारिक यात्रा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है.



प्रशासन की ओर से कहा गया है कि अमेरिकी नागरिक विदेश यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश विभाग की वेबसाइट चैक करते रहें. वेबसाइट पर विश्‍व के वर्तमान हालात, यात्रा संबंधी चेतावनी, यात्रा अलर्ट और देश विशेष के बारे में जानकारी होती है. इसे वहां से हासिल किया जा सकता है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, ऐसे स्‍थानों से दूर रहें, जहां प्रदर्शन हो रहे हों. अपने आसपास के माहौल को अच्‍छी तरह परख लें. स्‍थानीय मीडिया से हालात के अपडेट लेते रहें. अपने परिवारवालों और नजदीकी लोगों को अपनी जानकारी देते रहें.



अमित शाह की शिलॉन्‍ग यात्रा रद्द
बता दें कि नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच फ्रांस ने भी अपने नागरिकों को असम और त्रिपुरा न जाने की सलाह दी है. असम में विरोध प्रदर्शन के कारण गुवाहाटी समेत दूसरे इलाकों में कर्फ्यू लगा हुआ है. वहीं राज्‍य में मोबाइल और इंटरनेट सेवा पर भी प्रतिबंध है. वहीं मेघालय के कई हिस्‍सों में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रविवार को मेघालय की राजधानी शिलॉन्‍ग जाने वाले थे, लेकिन विरोध प्रदर्शन के कारण उनकी शिलॉन्‍ग की यात्रा रद्द कर दी गई.

यह भी पढ़ें: अमित शाह का शिलॉन्‍ग दौरा रद्द, फ्रांस ने अपने नागरिकों के लिए जारी की सलाह
First published: December 13, 2019, 8:17 PM IST
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