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महाराष्‍ट्र में बने नए गठबंधन में खटास, नागरिकता संशोधन विधेयक पर शिवसेना के समर्थन से कांग्रेस नाराज

News18Hindi
Updated: December 11, 2019, 4:35 PM IST
महाराष्‍ट्र में बने नए गठबंधन में खटास, नागरिकता संशोधन विधेयक पर शिवसेना के समर्थन से कांग्रेस नाराज
नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पर शिवसेना के लोकसभा में समर्थन करने से कांग्रेस नाराज है.

महाराष्‍ट्र (Maharashtra) के मुख्‍यमंत्री पद के लिए बीजेपी (BJP) से अलग हुई शिवसेना (Shiv Sena) ने लोकसभा में सोमवार को नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (Citizenship Amendment Bill 2019) का समर्थन किया. इससे महाराष्‍ट्र में शिवसेना की सहयोगी पार्टी कांग्रेस (Congress) चिंतित हो गई है. कांग्रेस का कहना है कि शिवसेना को विधयेक का समर्थन करने से पहले सहयोगी दलों को भरोसे में लेना चाहिए था.

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नई दिल्‍ली. महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में बने नए शिवसेना-कांग्रेस गठबंधन में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (Citizenship Amendment Bill 2019) को लेकर दरार पड़ती हुई नजर आ रही है. बताया जा रहा है कि लोकसभा में सोमवार को शिवसेना (Shiv Sena) के विधेयक का समर्थन करने से कांग्रेस (Congress) नाराज है. कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता बालासाहेब थोराट ने News18 से कहा कि शिवसेना को संविधान और महाविकास आघाड़ी के न्‍यूनतम साझा कार्यक्रम के मुताबिक व्‍यवहार करना चाहिए. बता दें कि लोकसभा में सोमवार को विधेयक 80 के मुकाबले 311 मतों से पारित हो गया. आज विधेयक राज्‍यसभा में पेश किया जा चुका है और इस पर चर्चा जारी है.

'शिवसेना को सहयोगी दलों को विश्‍वास में लेना चाहिए था'
कांग्रेस नेता नसीम खान ने कहा कि शिवसेना को विधेयक का समर्थन करने से पहले अपने सहयोगी दलों को विश्‍वास में ले लेना चाहिए था. शिवसेना का यह कदम अनैतिक, असंवैधानिक और न्‍यूनतम साझा कार्यक्रम (CMP) के खिलाफ है. महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री पद के लिए बीजेपी (BJP) से अलग हुई शिवसेना ने लोकसभा में सोमवार को नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 का समर्थन किया था. यह विधेयक पाकिस्‍तान, बांग्‍लादेश और अफगानिस्‍तान के गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता (Indian Citizenship) प्राप्‍त करने की छूट देता है.

'सरकार को बिल पर हमारे सवालों का जवाब देना ही होगा'

शिवसेना के अध्‍यक्ष उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने मंगलवार को यू-टर्न मारते हुए कहा कि पार्टी संसद के उच्‍च सदन में कुछ शर्तों के साथ विधेयक को समर्थन करेगी. शिवसेना सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने बुधवार को कहा कि राज्‍यसभा (Rajya Sabha) के आंकड़े लोकसभा से अलग हैं. सरकार को विधेयक पर हमारे सवालों का जवाब देना ही होगा. इसके बाद ही उन्‍हें बिल पर समर्थन दिया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि वोटबैंक की राजनीति हर जगह ठीक नहीं होती है. आप फिर देश को हिंदू-मुस्लिम में बांटने की कोशिश कर रहे हैं. अब इसे छोड़ दें तो बेहतर होगा. हालांकि, उन्‍होंने इसका सीधा जवाब नहीं दिया कि शिवसेना राज्‍यसभा में बिल का समर्थन करेगी या नहीं.

राउत ने कहा, कोई भी पार्टी हम पर दबाव नहीं बना सकती
राउत ने साफ किया कि हमारा यह रुख कांग्रेस के दबाव में नहीं है. हमारे ऊपर कोई भी दल दबाव नहीं बना सकता है. हमारे दिल में जो है वही हमारी जुबान पर भी है. उन्‍होंने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक से उठे सवाल सियासी न होकर मानवीय हैं. आप पाकिस्‍तान, बांग्‍लादेश और अफगानिस्‍तान की बात तो कर रहे हैं, लेकिन श्रीलंकाई तमिलों (Sri Lankan Tamil) को नजरअंदाज कर रहे हैं. नेपाल (Nepal) में चीन और पाकिस्‍तान की ओर से घुसपैठ के कारण हिंदुओं की स्थिति बहुत खराब है. यहां तक कि नेपाल के हिंदू ये भी नहीं कह सकते कि वे हिंदू हैं. इसलिए यह राजनीति का नहीं मानवता का सवाल है. मानवता का कोई धर्म नहीं होता है.ये भी पढ़ें:-

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First published: December 11, 2019, 4:06 PM IST
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