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गोवा के यूनिफॉर्म सिविल कोड की CJI ने की तारीफ, कहा- बुद्धिजीवी यहां आकर देखें

भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े. (फाइल फोटो)

भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े. (फाइल फोटो)

Uniform Civil Code: सीजेआई ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर कहा, 'गोवा में वही है, जिसकी कल्पना संविधान बनाने वालों ने भारत (India) के लिए की थी और मुझे इस कोड के तहत न्याय देने का सौभाग्य मिला.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 28, 2021, 7:57 AM IST
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पणजी. देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code) यानी समान नागरिक संहिता को लेकर बहस जारी है. इसी बीच चीफ जस्टिफ ऑफ इंडिया एसए बोबडे (CJI SA Bobde) ने गोवा के UCC की तारीफ की है. साथ ही उन्होंने लोगों को यहां आकर इसके बारे में जानने के लिए कहा है. बोबडे ने शनिवार को गोवा में बॉम्बे हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग का उद्घाटन किया. उन्होंने दावा किया कि यहां जारी UCC वैसा ही है, जैसा संविधान बनाने वालों ने इसकी कल्पना की थी.

सीजेआई ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर कहा 'गोवा में वही है, जिसकी कल्पना संविधान बनाने वालों ने भारत के लिए की थी. और मुझे इस कोड के तहत न्याय देने का सौभाग्य मिला. यह शादियों और उत्तराधिकार पर लागू होता है, धार्मिक प्रतिबद्धता के बावजूद यह सभी गोवावासियों को शासित करता है.' बोबडे ने कहा है कि उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर बहुत बहस सुनी है. सीजेआई ने कहा, 'मैं उन सभी बुद्धिजीवियों से अनुरोध करूंगा कि वे यहां आए और देखें कि यह होता क्या है.'

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बोबडे कहते हैं कि इस बेंच के बारे में खास मामलों की वैरायटी है. उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के जज के तौर पर गोवा में अपने कार्यकाल का ज्यादातर समय बिताया है. वे कहते हैं 'भारत में अगर कोई भी बेंच है, जो आपको सुप्रीम कोर्ट जैसे अनुभव और चुनौतियां देती है, तो वह गोवा में संवैधानिक बेंच है.' उन्होंने कहा 'जब आप गोवा में संवैधानिक बेंच में बैठते हैं, तो आप भूमि अधिग्रहण मामले, धारा 302 मर्डर अपील, जनहित याचिका, इनकम टैक्स, सेल्स टैक्स, एक्साइज टैक्स मामलों की उम्मीद कर सकते हैं.'

गोवा की आजादी को लेकर उन्होंने कहा है पूरे देश के मुकाबले गोवा देर से आजाद हुआ. उन्होंने कहा कि इसकी सबसे खास बात है कि यह 'पूरी तरह रक्तरहित' था. बोबडे ने कहा 'कोई गोलियां नहीं चलीं, कोई लाशें नहीं ले जाई गईं. जब आजादी आई, तो कुछ घटनाएं हुईं, लेकिन ये दो सेनाओं के बीच संघर्ष नहीं था.' उन्होंने कहा 'यह दूसरी जगह की आजादी, जैसे हैदराबाद से अलग था.'
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