आपदा को कार्यपालिका ही अच्छे से हैंडल कर सकती है, लोगों का जीवन संकट में हुआ तो करेंगे हस्तक्षेप: CJI

आपदा को कार्यपालिका ही अच्छे से हैंडल कर सकती है, लोगों का जीवन संकट में हुआ तो करेंगे हस्तक्षेप: CJI
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश SA बोबडे की फाइल फोटो

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबडे (CJI SA Bobde) ने कहा कि महामारी (Epidemic) या किसी आपदा को सबसे अच्छे से कार्यपालिका (Executive) ही नियंत्रित कर सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2020, 10:20 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबडे (CJI SA Bobde) ने मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (Global Pandemic Coronavirus) के संक्रमण से निपटने में सुप्रीम कोर्ट के रोल और लॉकडाउन (Lockdown) के चलते परेशान लोगों से जुड़े तमाम मुद्दों पर सवालों के जवाब दिए.

CJI बोबडे ने इस दौरान कहा कि महामारी या किसी आपदा को सबसे अच्छे से कार्यपालिका (Executive) ही नियंत्रित कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) ने यह भी कहा कि लोगों, धन और सामग्रियों का कैसे उपयोग किया जाना है और किसे प्राथमिकता दी जानी है, यह तय करने की जिम्मेदारी भी कार्यपालिका (Executive) की ही है. उन्होंने कार्यपालिका पर अपना विश्वास जताया और कहा कि कार्यपालिका लोगों के जीवन को खतरे में नहीं डाल सकती और जब भी ऐसा होगा, हम हस्तक्षेप करेंगे.

'आश्रय, भोजन और मेडिकल सुविधाएं सुनिश्चित करने की कोशिश, लेकिन हम फील्ड में नहीं'
हालांकि CJI बोबडे ने संकट के समय लोकतंत्र (Democracy) के तीनों अंगों के मिलकर काम करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा, "संकट के समय तीनों अंगों को साथ मिलकर काम करना चाहिए."
जस्टिस बोबडे ने कहा, हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेंगे. हमने सभी को आश्रय, भोजन और मेडिकल सुविधाओं (Medical facilities) को सुनिश्चित करने की कोशिश की है लेकिन हम जमीन (फील्ड में-In Field) पर नहीं हैं, यह भी एक सच्चाई है.



'जब होगी अधिकारों के अतिक्रमण की बात, तब करेंगे हस्तक्षेप'
लॉकडाउन के दौरान लोगों को हो रही समस्याओं के मुद्दे पर हस्तक्षेप से जुड़े एक सवाल के जवाब में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम हस्तक्षेप करेंगे जब अधिकारों (Rights) के अतिक्रमण की बात होगी, लेकिन हर समय और हर बात पर नहीं.

हालांकि उन्होंने कार्यपालिका पर अपना विश्वास भी जताया और कहा कि कार्यपालिका लोगों के जीवन को खतरे में नहीं डाल सकती और जब भी ऐसा होगा, हम हस्तक्षेप (interfere) करेंगे.

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