CM अमरिंदर की केंद्र से अपील, सीमा पर सैनिकों को आत्मरक्षा में फायर करने की मिले छूट

CM अमरिंदर की केंद्र से अपील, सीमा पर सैनिकों को आत्मरक्षा में फायर करने की मिले छूट
पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने चीन के खिलाफ जाहिर किया गु्स्सा (फाइल फोटो)

सीएम अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) ने केंद्र सरकार से अपील की है कि सीमा पर सैनिकों को अपनी आत्मरक्षा में फायर करने की अनुमति मिलनी चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 20, 2020, 10:53 PM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) की गलवान घाटी (Galwan Valley) में भारत के 20 सैन्यकर्मियों के शहीद हो जाने पर देश में गुस्से का माहौल है. हर कोई चीन की इस हरकत पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहा है. इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) का बयान आया है. अमरिंदर ने केंद्र सरकार से अपील की है कि सीमा पर सैनिकों को अपनी आत्मरक्षा में फायर करने की अनुमति मिलनी चाहिए.

पंजाब सीएमओ के मुताबिक, ‘सीएम अमरिंदर सिंह ने आज केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि सीमाओं पर सैनिकों को अपने बचाव और देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए फायर खोलने की अनुमति देने के लिए अपनी नीति में बदलाव करें. सैनिकों को निहत्थे भेजना और उन्हें अपने बचाव करने की अनुमति न देना गलत था.’


'मैं सैनिकों को गोली चलाने का देता आदेश'



इससे पहले कैप्टन अमरिंदर ने भारत-चीन विवाद में भारतीय सैनिको की शहादत पर शोक व्यक्त करते हुए चीन के खिलाफ रोष व्यक्त किया था. उन्होंने कहा कि अगर वह सीमा पर होते तो भारतीय कर्नल के मारे जाने पर वे अपने सैनिकों को शूट के आर्डर देते. उन्होंने कहा कि जब हमारे सैनिक मारे जा रहे थे तो वहां मौजूद किसी भारतीय अफसर ने गोली चलाने के आदेश क्यों नहीं दिए. उन्होंने कहा कि उस वक्त में सैनिकों में गुस्सा होता था. हालांकि अब सेना मजबूत हो चुकी है, हर मोर्चे पर जवाब देने में सक्षम है, लेकिन फिर भी साथी जवानों की जान के बदले चीन की चौकियों को ढेर नहीं कर सके.

5 मई से चल रही है तनातनी

बता दें 5 मई से भारत और चीन के बीच गलवान घाटी और पैंगोग सो इलाके में तनातनी जारी थी जिसे सुलझाने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर की कई वार्ताएं हुईं. 15-16 जून की दरम्यानी रात भारत और चीन के बीच की ये झड़प हिंसक हो गई और इसमें भारत के 20 जवानों ने अपनी जान कुर्बान कर दी वहीं 76 से ज्यादा जवान घायल हो गए. चीन को भी इस झड़प में नुकसान हुआ और उसके भी कई सैनिक हताहत हुए. इसके बाद मेजर जनरल स्तर की कई वार्ताएं हो चुकी हैं और भारतीय विदेश मंत्री भी चीन में अपने समकक्ष से टेलीफोन पर बातचीत कर चुके हैं.
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