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Gujarat: सीएम भूपेंद्र पटेल ने लॉन्च की नई योजना, 15 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

Gujarat News: सीएम भूपेंद्र पटेल ने ‘आत्मनिर्भर गुजरात से आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण योजना का ऐलान किया.

Gujarat News: सीएम भूपेंद्र पटेल ने ‘आत्मनिर्भर गुजरात से आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण योजना का ऐलान किया.

Gujarat Big Announcement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘आत्मनिर्भर भारत’ में गुजरात अहम भूमिका निभाने ज ...अधिक पढ़ें

    हाइलाइट्स

    गुजरात सीएम भूपेंद्र पटेल ने लॉन्च की नई स्कीम
    ‘आत्मनिर्भर गुजरात से आत्मनिर्भर भारत’ का निर्माण
    12.50 लाख करोड़ का निवेश और 15 लाख रोजगार

    गांधीनगर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने का आह्वान किया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने इस आह्वान को स्वीकार किया. सीएम पटेल ने ‘आत्मनिर्भर गुजरात से आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण के लिए उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए महत्वपूर्ण योजना का ऐलान किया. मुख्यमंत्री पटेल ने उद्योगों की आत्मनिर्भरता के लिए ‘द आत्मनिर्भर गुजरात स्कीम्स फॉर असिस्टेंस टू इंडस्ट्रीज’ योजना की घोषणा की. इस मौके पर उद्योग राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा भी मौजूद थे.

    प्रधानमंत्री ने साल 2047 तक आत्मनिर्भर भारत का विजन दिया है. उस वक्त देश आजादी का शताब्दी वर्ष मना रहा होगा. उन्होंने आयात पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ ऊर्जा स्वनिर्भरता बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है. इसके अलावा यह भी लक्ष्य तय किया है कि जब दुनिया कोरोना महामारी से उबर जाएगी, तब तक वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत का रणनीतिक स्थान होगा.

    गुजरात उद्यमियों, उद्यमिता की भूमि और देश का मैन्युफैक्चरिंग हब- सीएम
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत दुनिया में सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था में शुमार हो गया है. ऐसे में इस योजना का मूल उद्देश्य इन अवसरों का लाभ उठाते हुए उद्योगों को आकर्षित करना है. साथ ही, स्थानीय उत्पादों को सहयोग प्रदान कर रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में गुजरात को आत्मनिर्भर बनाना है. मुख्यमंत्री पटेल ने इस महत्वाकांक्षी योजना के संबंध में कहा कि गुजरात उद्यमियों, उद्यमिता की भूमि और देश का मैन्युफैक्चरिंग हब है.

    विश्व के साथ प्रतिस्पर्धा में खड़े होंगे गुजरात के उद्योग
    गुजरात ‘आत्मनिर्भर’ होकर प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करने के लिए तत्पर है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विजन को पूरा करने के लिए आने वाले वर्षों में देश में रणनीतिक और थ्रस्ट एरिया (महत्वपूर्ण क्षेत्र) के उद्योगों को जिन विशेष सहायताओं की आवश्यकता है, उसे पूरा करने में यह स्कीम उपयुक्त साबित होगी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉप-26 समिट में ‘पंचामृत’ का विचार दिया है. इस विचार को अपनाते हुए इस स्कीम से उद्योगों को ‘क्लीनर मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टीसेस’ और ‘डी कार्बनाइजेशन इनिशियेटिव’ के साथ विश्व के साथ प्रतिस्पर्धा में खड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

    उद्यमियों के निवेश के जोखिम को किया जाएगा कम
    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ‘द आत्मनिर्भर गुजरात स्कीम्स फॉर असिस्टेंस टू इंडस्ट्रीज’ के मार्फत राज्य सरकार ने उद्यमियों की उद्यमशीलता और उनकी अपेक्षाओं को और भी अधिक प्रोत्साहित कर, उनके निवेश के जोखिमों को कम करने का लक्ष्य रखा है. यह स्कीम्स राज्य में उद्यमिता के लिए नया वातावरण तैयार करेंगी. साथ ही, युवा उद्यमियों को नवाचार के माध्यम से जॉब क्रिएटर (नौकरी देने वाला) बनने के लिए प्रेरित करेगी और बड़ी संख्या में क्वालिटी जॉब के अवसर पैदा होंगे.

    छोटे-बड़े उद्योगों का तैयार होगा इकोसिस्टम
    इतना ही नहीं, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), लार्ज और मेगा इंटरप्राइजेज को मिलने वाले एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव्स यानी रोजगार से जुड़े प्रोत्साहनों से राज्य में इंडस्ट्रियल वर्क फोर्स तैयार करने में भी गति आएगी. इसके अलावा, राज्य में न्यू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का विकास होने से उसके अनुषांगिक छोटे-बड़े उद्योगों का एक पूरा इकोसिस्टम तैयार होगा, जो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में वैश्विक मिसाल बनेगा.

    करोड़ों का निवेश, करोड़ों को रोजगार
    उन्होंने कहा कि देश के मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट (उत्पादन) में गुजरात की लगभग 33 लाख एमएसएमई इकाइयों का सबसे बड़ा योगदान है. इतना ही नहीं, निर्यात के मामले में भी गुजरात देश भर में अग्रणी है. एमएसएमई सेक्टर युवाओं के लिए रोजगार निर्माण तथा ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों के औद्योगीकरण के जरिए राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है. उद्योग राज्य मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पूरी योजना से गुजरात आने वाले दिनों में देश के मैन्युफैक्चरिंग परिदृश्य में आत्मनिर्भरता से अपना विशिष्ट स्थान बनाएगा. एक अनुमान के मुताबिक आत्मनिर्भर गुजरात स्कीम्स फॉर असिस्टेंस टू इंडस्ट्रीज योजना के परिणामस्वरूप राज्य में 12.50 लाख करोड़ रुपए का भारी निवेश आएगा. इतना ही नहीं, इसके चलते लगभग 15 लाख रोजगार के विशाल अवसरों का सृजन भी होगा.

    इस योजना के तहत एमएसएमई को मिलने वाले लाभ

    • नेट एस.जी.एस.टी. रिइंबर्समेट (प्रतिपूर्ति) के तहत उद्योगों को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट यानी निश्चित या स्थायी पूंजी निवेश का 75 फीसदी तक, 10 वर्षों तक मिलेगा
    • माइक्रो इंडस्ट्रीज के लिए 35 लाख रुपए तक की कैपिटल सब्सिडी
    • एमएसएमई के लिए 7 वर्षों तक 35 लाख रुपए तक की वार्षिक ब्याज सब्सिडी
    • 10 वर्षों के लिए ईपीएफ रिइंबर्समेंट
    • 5 वर्षों के लिए विद्युत शुल्क से मुक्ति
    • महिलाओं, युवाओं और दिव्यांग उद्यमियों के लिए अतिरिक्त इंसेंटिव्स

    बड़े उद्योगों को मिलने वाले लाभ

    • बड़े उद्योगों को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 12 फीसदी तक की कुल ब्याज सब्सिडी
    • 10 वर्षों के लिए ईपीएफ रिइंबर्समेंट
    • नेट एसजीएसटी रिइंबर्समेंट के अंतर्गत उद्योगों को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट का 75 फीसदी  तक, 10 वर्षों तक प्राप्त होगा
    • 5 वर्षों के लिए विद्युत शुल्क से मुक्ति

    योजना के अंतर्गत मेगा इंडस्ट्रीज की मुख्य विशेषता

    • 2500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश वाली और 2500 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करने वाली औद्योगिक इकाइयों को इस स्कीम के अंतर्गत विशेष इंसेंटिव दिया जाएगा
    • इंडस्ट्रीज को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 12 फीसदी तक की कुल ब्याज सब्सिडी
    • 10 वर्षों के लिए ईपीएफ रिइंबर्समेंट
    • नेट एसजीएसटी रिइंबर्समेंट के अंतर्गत उद्योगों को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेंस्टमेंट का 18 फीसदी तक, 20 वर्षों तक मिलेगा
    • प्रोजेक्ट के लिए खरीदी गई या लीज की जमीन पर स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क में 100 फीसदी माफी
    • 5 वर्षों के लिए विद्युत शुल्क से मुक्ति

    Tags: Gujarat news

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