CNN-NEWS18 Survey: जम्‍मू-कश्‍मीर में शांति, महिलाओं ने किया बंटवारे का समर्थन

CNN-NEWS 18 सर्वे में सामने आया है कि महिलाएं भी जम्‍मू कश्‍मीर और लद्दाख (Jammu-Kashmir and Ladakh) के बंटवारे पर खुश हैं.

News18Hindi
Updated: August 10, 2019, 10:09 PM IST
CNN-NEWS18 Survey: जम्‍मू-कश्‍मीर में शांति, महिलाओं ने किया बंटवारे का समर्थन
CNN-NEWS 18 सर्वे में सामने आया है कि महिलाएं भी जम्‍मू कश्‍मीर और लद्दाख (Jammu-Kashmir and Ladakh) के बंटवारे पर खुश हैं.
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Updated: August 10, 2019, 10:09 PM IST
जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) से अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए (Article 370 and Article 35A) हटाये जाने के बाद राज्य में शांति है. CNN-NEWS18 ने इसी पूरे घटनाक्रम पर सर्वे किया है. जम्मू और कश्मीर के मुद्दे पर राजनीति भी खूब हो रही है. एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने घोषणा पत्र में शामिल अपने एक मुद्दे पर अमल किया तो वहीं कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं. हालात यह है कि कांग्रेस में इस मुद्दे को लेकर फूट भी देखी गई.

कांग्रेस (Congress)के तमाम युवा नेता जहां राष्ट्रीय नेतृत्व से अलग राय रखते हुए इसे देश के साथ-साथ जम्मू और कश्मीर के लिए सही फैसला बताया तो वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने भी कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के प्रावधानों में कई सकारात्मक बिंदु भी हैं. अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए हटाने के साथ ही केंद्र सरकार ने राज्य को दो हिस्सों में बांट दिया. एक हिस्सा जहां जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) होगा तो वहीं लद्दाख को अलग केंद्र प्रदेश बनाया गया है.

8 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने राष्ट्र के नाम संबोधन में यह स्पष्ट किया कि इस फैसले से लोगों को लाभ होगा और उन्हें किसी भी तरह से चिंता नहीं करनी चाहिए. राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी आश्वासन दिया कि जल्द ही राज्य में पारदर्शी चुनाव होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू और कश्मीर की परिस्थतियां बदलने के बाद वह दोबारा पूर्ण राज्य का हासिल कर सकेगा.

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इन सबके बीच CNN-NEWS18 ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख डिवीजन के लोगों से बात की.

1- जम्मू कश्मीर और लद्दाख (Jammu and Kashmir, and Ladakh) क्षेत्र के 231 लोगों से बात की है. जिन्होंने राज्य के पुनर्गठन पर अपनी बात रखी.
2- 20 से 60 वर्ष के लोगों ने इस सर्वे में हिस्सा लिया. 231 में से 181 लोगों ने अपनी राय मौखिक रूप से दी तो वहीं 81 लोगों ने कैमरे पर बोलना पसंद किया.
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3- मौजूदा परिस्थितियों के कारण कठिन परिस्थितियों और लोगों तक पहुंचने में मुश्किल होने के बावजूद, आउट टीम कुलगाम (Kulgam) को छोड़कर राज्य के लगभग सभी हिस्सों में पहुंच पायी. हम कश्मीर के लोगों तक पहुंचे जो अभी मौजूदा परिस्थितियों के कारण बाकी दुनिया से कटे हुए हैं. हमने इन लोगों की भी राय ली.
4- जम्मू-कश्मीर में फैले कुल 20 पत्रकारों / स्ट्रिंगरों ने लोगों के साथ बातचीत की.
5. कश्मीर (Kashmir) के अधिकांश हिस्सों में संचार का कोई स्रोत उपलब्ध नहीं है. हालांकि, हम जिला मुख्यालय में सीमित ब्रॉडबैंड सेवाओं के माध्यम से अपने संवाददाताओं और स्टिंगरों तक पहुंचने में कामयाब रहे. टेलीफोन न होने के चलते हमारे संवाददाताओं ने लोगों के साथ बैठक की और अपना फीड बैक प्राप्त किया.
6. 231 लोगों में से, 159 (70%) ने फैसले का समर्थन किया, 51 (22%) ने सरकार के कदम का विरोध किया और 21 (8%) ने कहा कि वह अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है.
7. 231 लोगों की संख्या में 187 (81%) पुरुष हैं और 44 (19%) महिलाएं हैं. 80% महिलाओं ने फैसले का स्वागत किया.
8. हमने कश्मीर डिवीजन (65%), जम्मू डिवीजन में 68 (29%), डोडा डिवीजन में 6 (3%) और 6 (3%) लद्दाख डिवीजन में 151 व्यक्तियों को शामिल किया.
9. कश्मीर संभाग में, 151 लोगों में से 87 (58%) निर्णय के पक्ष में हैं और 45 (30%) इसका विरोध कर रहे हैं. 19 (13%) लोग अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं.
10. जम्मू संभाग में, 68 लोगों में से 63 (93%) ने इसका स्वागत किया है, 3 (4%) लोगों ने इसका विरोध किया और 2 (3%) लोग अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं.
11. डोडा (Doda)डिवीजन में, कुल 6 लोगों में से, 5 (83%) ने सरकारी कदम का स्वागत किया है, 1 (17%) व्यक्ति ने इसका विरोध किया.
12. लद्दाख संभाग (Ladakh)में, कुल 6 व्यक्तियों में से 4 (67%) लोगों ने इसका स्वागत किया है, 2 (33%) ने इसका विरोध किया है. ये दोनों कारगिल के रहने वाले हैं.

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First published: August 10, 2019, 7:01 PM IST
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