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CO-WIN ऐप के विदेशों में इस्तेमाल के लिए इन 6 कंपनियों को सरकार दे सकती है ट्रेनिंग

केंद्र सरकार का कहना है कि,  CoWIN पोर्टल पूरी तरह से सुरक्षित है.

केंद्र सरकार का कहना है कि, CoWIN पोर्टल पूरी तरह से सुरक्षित है.

Co-win पोर्टल की तकनीकी जानकारियां साझा करने समेत अन्य विषयों पर सरकार इन फर्म्स के लिए इस महीने तीन दिनों का टेक्निकल ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाएगी.

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नई दिल्ली. विदेशों में टीकाकरण (Anti covid Vaccination) के दौरान को-विन ऐप के सफल इस्तेमाल के लिए केंद्र सरकार डेलॉयट, केपीएमजी, प्राइसवाटरहाउसकूपर्स और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज सहित छह प्रमुख कंसल्टेंसी कंपनियों से कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (को-विन) प्लेटफॉर्म की तकनीकी जानकारी साझा कर सकती है. छह कंपनियों- डेलॉइट टौच तोहमत्सु इंडिया एलएलपी, केपीएमजी एश्योरेंस एंड कंसल्टिंग सर्विसेज एलएलपी, एनएसडीएल ई-गवर्नेंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, प्राइसवाटरहाउसकूपर्स प्राइवेट लिमिटेड, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड और ट्रिगिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने सरकार के मानदंडों को पूरा किया है.

सरकार अब इन फर्म्स के लिए इस महीने तीन दिनों का टेक्निकल ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाएगी, जिसमें कोविन से जुड़े टेक्निकल डॉक्यूमेंट, सॉफ्टवेयर का इंस्टॉलेशन वर्जन और को-विन प्लेटफॉर्म के सोर्स कोड देगी. ट्रेनिंग के बाद वैल्यूएशन की प्रक्रिया होगी. साथ ही प्रशिक्षण के बाद सरकार कंपनियों के नाम की पुष्टि करेगी.

सरकार कंपनियों को करेगी सर्टिफाई
सरकार इन कंपनियों को सर्टिफाई करेगी कि कोई देश इन कंपनियों में से सिस्टम इंटीग्रेटर या सलाहकार चुन सकता है. बता दें वैक्सीनेशन मैनेजमेंट के लिए Co-win का उपयोग करने के इच्छुक किसी भी देश को प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के निर्णय के बाद यह ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित कराया जा रहा है. सरकार Co-WIN का उपयोग करने के लिए कोई लाइसेंस शुल्क नहीं लेगी. कई देशों ने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रम को चलाने के लिए भारत द्वारा उपयोग किए जाने वाले को-विन प्लेटफॉर्म को अपनाने में अपनी रुचि दिखाई है. पिछले महीने सरकार द्वारा विभिन्न देशों के साथ एक वैश्विक सम्मेलन किया गया था.

एजेंसियां सरकार के साथ एक समझौता करेंगी और प्रशिक्षण के लिए को-विन की तकनीकी जानकारी केवल उन देशों के अधिकृत प्रतिनिधियों के साथ साझा करेंगी जिन्होंने भारत सरकार के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए हैं. सरकार ने कहा है कि दुनिया भर के देशों ने पहले ही इस सम्मेलन का हिस्सा बनने में रुचि दिखाई है और संभवत: टीकाकरण अभियान का प्रबंधन करने के लिए को-विन को अपनाना चाहते हैं. सरकार का कहना है कि पैनल में शामिल एजेंसियां को-विन प्लेटफॉर्म के कस्टमाइजेशन और मेंटेनेंस के लिए किसी भी देश के साथ सीधे अनुबंध कर सकती हैं.

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