Cocktail Drug in India: दिल्ली में आज से मिल सकता है कॉकटेल ड्रग, केवल एक डोज से होगा कोविड का इलाज

इस दवा के एक पैक की कीमत 1 लाख 19 हजार 500 रुपये होगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इस दवा के एक पैक की कीमत 1 लाख 19 हजार 500 रुपये होगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Cocktail Drug in India: सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने हाल ही में एंटीबॉडी कॉकटेल को इमरजेंसी यूज ऑथोराइजेशन यानि EUL दिया है. इसके अलावा दवा को अमेरिका और यूरोपीय संघ के कई देशों में EUA हासिल है.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ नया हथियार कॉकटेल ड्रग भारत के अस्पतालों में इस्तेमाल होने के लिए तैयार है. खबर है कि गुरुवार से राजधानी दिल्ली (Delhi) के मरीजों को यह दवा मिल सकती है. यह एंटीबॉडी कॉकटेल (Antibody Cocktail) देश में बीते सोमवार को लॉन्च की गई थी. हरियाणा के एक बुजुर्ग इस वैक्सीन को प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बने. खास बात है कि इसी दवा का इस्तेमाल अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी किया था.

इस दवा का निर्माण फार्मा कंपनी रॉश और सिपला ने किया है. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि रॉश ने भारत सरकार को इस ड्रग के 10 हजार डोज दिए हैं. वहीं, केंद्र ने इसका वितरण राज्यों को करना शुरू कर दिया है. भारत में कॉकटेल दवा का काम सिपला की देखरेख में होगा. भारत में हाल ही में इस दवा को आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मिली है.

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने हाल ही में एंटीबॉडी कॉकटेल को इमरजेंसी यूज ऑथोराइजेशन यानि EUL दिया है. इसके अलावा दवा को अमेरिका और यूरोपीय संघ के कई देशों में EUA हासिल है. रॉश इंडिया और सिपला की तरफ से सोमवार को लॉन्च की गई इस दवा की कीमत 59 हजार 750 रुपये प्रति डोज होगी.

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बयान के अनुसार, इस दवा के एक पैक की कीमत 1 लाख 19 हजार 500 रुपये होगी. हर पैक में दो मरीजों का इलाज किया जा सकता है. संक्रमित मरीज के इलाज के लिए एक ही डोज की जरूरत होगी.

देश के शीर्ष एक्सपर्ट्स में से एक डॉक्टर नरेश त्रेहान ने बुधवार को कहा था कि यह दवा कोविड-19 के हल्के से मध्यम मामलों में काम कर रही है. उन्होंने जानकारी दी थी कि Casirivimab और Imdevimab को मिलाकर बनाई गई एंटीबॉडी कॉकटेल कोरोना वायरस के वैरिएंट B.1.617 पर भी कारगर है. यह वैरिएंट पहली बार भारत में पाया गया था.




मेदांता अस्पताल के चेयरमैन डॉक्टर त्रेहान के हवाले से एएनआई ने लिखा, 'जब Casirivimab और Imdevimab को शुरुआती दौर में ही संक्रमित मरीज में इंजेक्ट किया जाता है कि, तो यह वायरस को मरीज के सेल में जाने से रोकता है. यह कोविड-19 के खिलाफ कर रहा है औऱ B.1.617 के खिलाफ भी प्रभावी है. यह एक नया हथियार है.' बीते मंगलवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में 84 वर्षीय मोहब्बत सिंह को यह दवा दी गई थी.

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