पंजाब-हरियाणा के आढ़ती कृषि बिल से नाराज, बोले-मंडी सिस्टम बर्बाद हो जाएगा

कृषि बिल को लेकर आढ़तिया समुदाय में बेहद नाराजगी है. (सांकेतिक तस्वीर)
कृषि बिल को लेकर आढ़तिया समुदाय में बेहद नाराजगी है. (सांकेतिक तस्वीर)

पंजाब के आढ़तिया एसोसिएशन (Arhtiya Association of Punjab) ने तीनों कृषि बिल के विरोध में प्रस्ताव पास कर विरोध दर्ज कराया है. एसोसिएशन का कहना है कि इससे 28 हजार लाइसेंसधारक आढ़तिया, उनके क्लर्क और पंजाब की 1860 मंडियों के मजदूर प्रभावित होंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 4:44 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि बिल (New Farm Bills) को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है. अब पंजाब के आढ़तिया एसोसिएशन (Arhtiya Association of Punjab) ने तीनों कृषि बिल के विरोध में प्रस्ताव पास कर विरोध दर्ज कराया है. एसोसिएशन का कहना है कि इससे 28 हजार लाइसेंसधारक आढ़तिया, उनके क्लर्क और पंजाब की 1860 मंडियों के मजदूर प्रभावित होंगे. एसोसिएशन का कहना है कि इससे करीब 7 लाख लोग प्रभावित होंगे.

पंजाब में आढ़त व्यापारी और कमीशन एजेंट्स की बेहद गहरी पैठ
आढ़तिया समुदाय ने प्रस्ताव पास कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इन तीनों बिलों को वापस लेने की मांग की है. गौरतलब है कि पंजाब में आढ़त व्यापारी और कमीशन एजेंट्स की बेहद गहरी पैठ है. इनका खेती-किसानी और राजनीति में समान रूप से प्रभाव है. माना जा रहा है कि अकाली दल ने भी इस समुदाय के विरोध के कारण ही बिल के खिलाफ सुर तेज किए हैं. इसी क्रम में केंद्र सरकार में मंत्री रहीं हरसिमरत कौर बादल ने भी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि अकाली दल अभी तक एनडीए में बना हुआ है.

हरियाणा में भी विरोध
पंजाब की तरह हरियाणा में आढ़तियों ने कृषि बिल का विरोध तेज कर दिया है. दोनों ही राज्यों में आढ़तिया समुदाय को किसानों का एटीएम भी कहा जाता है. हरियाणा और पंजाब के गांवों में किसान बड़ी मात्रा में आढ़तियों से मुश्किल वक्त में लोन लेते हैं. जानकारों का कहना है कि नए कृषि बिलों से दोनों  राज्यों का सामाजिक सिस्टम टूट जाएगा.



पीएम मोदी कह चुके-सरकारी खरीद को लेकर हम प्रतिबद्ध
कृषि बिल पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि किसानों के लिए इतना किसी सरकार ने नहीं किया, जितना राजग ने पिछले छह साल में किया है. मेरी सरकार किसानों को एमएसपी के जरिए उचित दाम मुहैया कराने और उनकी फसलों की सरकारी खरीद को लेकर प्रतिबद्ध है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसान समझदार हैं और वे देख सकते हैं कि कौन बिचौलियों के साथ खड़ा है और उनके नए अवसरों का विरोध कर रहा है. दशकों तक सत्ता में रहे लोग किसानों को भ्रमित कर रहे हैं, कृषि विधेयकों को लेकर उनसे झूठ बोल रहे हैं. मोदी ने कहा कि कृषि विधेयकों का लोकसभा में पारित होना ऐतिहासिक, यह किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच है. मैं आज देश के किसानों को नम्रता पूर्वक स्पष्ट संदेश देना चाहता हूं. आप किसी भी तरह के भ्रम में मत पड़िए.
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