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महज 7 सप्ताह में ओमिक्रॉन का कम्युनिटी ट्रांसमिशन! क्या वेरिएंट का 'RO' बना इसका कारण, जानें वजह

महज 7 सप्ताह में ओमिक्रॉन का कम्युनिटी ट्रांसमिशन! क्या वेरिएंट का 'RO' बना इसका कारण, जानें वजह

देश में ओमिक्रॉन वेरिएंट का संक्रमण बढ़ा (फाइल फोटो)

देश में ओमिक्रॉन वेरिएंट का संक्रमण बढ़ा (फाइल फोटो)

Community Transmission of Omicron Variant: भारत में कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिएंट कम्युनिटी ट्रांसमिशन के स्तर पर पहुंच गया है. यह वेरिएंट देश के कई हिस्सों में हावी हो गया है. देश में ओमिक्रॉन वेरिएंट का पहला मामला 2 दिसंबर को मिला था और सिर्फ 7 सप्ताह के अंदर कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्टेज आ गई. महज कुछ सप्ताह के अंदर ही इस वेरिएंट ने डेल्टा वेरिएंट को पीछे छोड़ दिया. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह वेरिएंट का RO है. दरअसल वह संख्या है जो यह दर्शाती है कि एक व्यक्ति कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है. डेल्टा वेरिएंट का RO 6 से 7 के बीच यानि इस वेरिएंट से संक्रमित व्यक्ति 6 से 7 लोगों को संक्रमित कर सकता था. हालांकि ओमिक्रॉन का RO अब तक स्पष्ट नहीं है लेकिन इस वेरिएंट के संक्रमण की रफ्तार को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है.

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    नई दिल्ली: देश में ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) सामुदायिक संक्रमण (Community Transmission) के स्तर पर पहुंच गया है और महानगरों में कोविड-19 (Covid-19) के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, वहां यह वेरिएंट हावी हो गया है. इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक कंसोर्टियम ने अपने ताजा बुलेटिन में यह बात कही है. INSACOG के अनुसार, ओमिक्रॉन का एक सब-वेरिएंट BA.2 देश में कई जगह मिला है. हैरानी की बात है कि देश में ओमिक्रॉन वेरिएंट का पहला मामला 2 दिसंबर को मिला था और सिर्फ 7 सप्ताह के अंदर कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्टेज आ गई. महज कुछ सप्ताह के अंदर ही इस वेरिएंट ने डेल्टा वेरिएंट को पीछे छोड़ दिया.

    कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट का RO 6 से 7 के बीच था. RO दरअसल वह संख्या है जो यह दर्शाती है कि एक व्यक्ति कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है. हालांकि ओमिक्रॉन वेरिएंट का RO अभी तक स्पष्ट नहीं है. लेकिन जिस रफ्तार से ओमिक्रॉन का संक्रमण बढ़ रहा है उसे देखकर हेल्थ एक्सपर्ट्स का मत है कि यह वेरिएंट डेल्टा और पिछले अन्य वेरिएंट्स की तुलना में ज्यादा तेजी से फैलता है. वहीं कोविड-19 के बेसिक स्ट्रेन का RO 3 था यानि इस स्ट्रेन से संक्रमित व्यक्ति 3 लोगों को संक्रमण का शिकार बना सकता था.

    बता दें कि दुनिया में अब तक का सबसे ज्यादा संक्रामक वायपस मीजल्स का है. इस वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति 18 लोग में संक्रमण फैला सकता है. 2019 में मीजल्स ने दुनियाभर में 90 लाख से ज्यादा लोगों को संक्रमित किया था.

    यह भी पढ़ें: कम्युनिटी स्प्रेड के स्तर पर पहुंचा ओमिक्रॉन, कई महानगरों में हुआ हावी- INSACOG का दावा

    दुनियाभर में हुई रिसर्च में यह दावा किया गया है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट कोविड-19 का आखिरी वेरिएंट नहीं होगा. लेकिन इस बीच ओमिक्रॉन का सब वेरिएंट सामने आ गया है. यूरोप के कई देशों में BA.2 तेजी से फैल रहा है. ऐसा अनुमान है कि यह वेरिएंट तेजी से फैल सकता है और इसकी वजह से दुनिया कोरोना महामारी की नई लहर के चपेट में आ सकती है.

    कोविड-19 (Covid-19 ) के जीनोम अनुक्रमण का विश्लेषण करने के लिए सरकार द्वारा गठित समूह आईएनएसएसीओजी ने यह भी कहा कि देश में ओमिक्रॉन के संक्रामक उप-स्वरूप बीए.2 की कुछ हिस्सों में मौजूदगी मिली है.

    इस समूह ने बुलेटिन में कहा कि अब तक सामने आए ओमिक्रॉन के अधिकतर मामलों में या तो रोगी में संक्रमण के लक्षण दिखाई नहीं दिए या फिर हल्के लक्षण नजर आए हैं. अस्पताल और गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती होने के मामले मौजूदा लहर में बढ़ गए हैं और खतरे के स्तर में परिवर्तन नहीं हुआ है.

    Tags: Coronavirus, Omicron

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