फेसबुक पोस्ट पर कमेंट करना पड़ा मंहगा, कंपनी ने नौकरी से निकाला

फेसबुक पोस्ट पर कमेंट करना पड़ा मंहगा, कंपनी ने नौकरी से निकाला
प्रतीकात्मक तस्वीर

12 मई को फहद केपी नाम के इस ने सोशल मीडिया पर त्रिचूर पुरम के ख़िलाफ़ फेसबुक पर एक पोस्ट पर अनुचित टिप्पणी की थी.

  • Share this:
फेसबुक पोस्ट में त्रिचूर पुरम के ख़िलाफ़ अपशब्द लिखने के कारण एक कंपनी ने अपने कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया है. दरअसल रविवार 12 मई को फहद केपी नाम के इस ने सोशल मीडिया पर त्रिचूर पुरम के ख़िलाफ़ फेसबुक पर एक पोस्ट पर अनुचित टिप्पणी की थी. उसकी टिप्पणी के स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर तेज़ी शेयर किए जाने लगे.

फहद की इस टिप्पणी को लेकर काफ़ी हंगामा हुआ और पुरम के प्रति श्रद्धा रखने वाले लोगों ने मारुति सुज़ुकी कंपनी के पेज पर और एएम मोटर्स को सीधे संपर्क कर इसके ख़िलाफ़ अपना विरोध जताया. लोगों को विरोध के बाद फ़हद पर दबाव बढ़ने लगा.

छुट्टी का दिन होने के बावजूद भी कंपनी ने फ़हद को उसी दिन नौकरी से निकालने का नोटिस थमा दिया.



इस नोटिस में लिखा गया कि फ़हद केपी, आप ने त्रिचूर पुरम के ख़िलाफ़ अपशब्द का इस्तेमाल कर बहुत ही गंभीर दुर्व्यवहार का परिचय दिया है. आपके इस व्यवहार के कारण प्रतिष्ठान को भारी नुक़सान पहुँचा है और आपकी नीयत प्रतिष्ठान को नुक़सान पहुंचाने की थी. प्रबंधन इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता और आपकी बर्ख़ास्तगी के अलावा हमारे पास और कोई विकल्प नहीं है.
बता दें फहद की टिप्पणी के बाद से ही इस मामले ने तब और भी ख़राब रुख अख़्तियार कर लिया जब सोशल मीडिया पर विरोध कर रहे कुछ लोगों ने सीधे एएम मोटर्स से सम्पर्क कर अपनी नाराज़गी जताई. इन लोगों ने इस कर्मचारी को नौकरी से हटाने की मांग की. बता दें फ़हद इस कंपनी में अपने दल (सोर्सिंग) का नेतृत्व कर रहा था.

इतने हंगामे के बाद रविवार दोपहर तक एएम मोटर्स ने फ़ेसबुक पर अपने आधिकारिक पेज पर एक पोस्ट डालकर बताया कि फ़हद अब उनका कर्मचारी नहीं है.

इस पोस्ट में लिखा गया 'एक बार फिर एएम मोटर्स ने यह जता दिया है कि वह सामाजिक मूल्यों की कद्र करता है और उसने फ़हद को नौकरी से हटा दिया है क्योंकि उसे सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मुद्दों पर टिप्पणी करते हुए पाया गया है और इस तरह उसने एएम मोटर्स की आचार संहिता का उल्लंघन किया है.  हम अपने शुभचिंतकों को उनकी समझ और विश्वास के लिए उनका शुक्रिया अदा करते हैं!

इस कार्रवाई से पुरम पर विश्नवास करने वाले और इस घटना के ख़िलाफ़ विरोध करने वालों को सुकून मिला. कुछ ही देर में लोगों की टिप्पणियां आने लगीं और एएम मोटर्स के इस क़दम की प्रशंसा की जाने लगी कि उसने समय रहते इस मामले में हस्तक्षेप किया और बहुसंख्यक लोगों की भावनाओं का ख़याल किया.

ये भी पढ़ें-

4 साल पहले हुआ था ट्रिपल मर्डर, एयरपोर्ट पर पकड़ा गया पायलट

मस्जिद पर हमले के बाद श्रीलंका में फेसबुक, वॉट्सऐप पर लगा बैन

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज