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भारत बायोटेक का ऐलान- वैक्सीन के दुष्परिणाम होने पर मिलेगा मुआवजा, फॉर्म में लिखने होंगे लक्षण

करीब 12-14 देश ऐसे हैं, जिन्होंने भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन में दिलचस्पी दिखाई है.
करीब 12-14 देश ऐसे हैं, जिन्होंने भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन में दिलचस्पी दिखाई है.

Vaccine Update: रिपोर्ट्स के अनुसार, कोवैक्सीन (Covaxin) प्राप्त करने वाले को एक फैक्ट शीट और बुरे परिणामों से जुड़ा फॉर्म दिया जाएगा. इस फॉर्म में लाभार्थी को शुरुआती 7 दिनों में नजर आने वाले लक्षणों को लिखना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 16, 2021, 8:13 PM IST
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नई दिल्ली. भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की वैक्सीन- कोवैक्सीन (Covaxin) को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच कंपनी ने साफ कर दिया है कि वैक्सीन के दुष्परिणाम नजर आने पर लाभार्थी को मुआवजा (Compensation) दिया जाएगा. इतना ही नहीं कंपनी ने अपने फॉर्म में इसे खास तौर से लिखा है. आज देश में वैक्सीन प्रोग्राम की शुरुआत हो चुकी है, जिसके तहत पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगाई जाएगी. सरकार पहले दिन 3 लाख लोगों को टीका लगाएगी.

मुंबई के 6 केंद्र सरकारी अस्पतालों में कोवैक्सीन लगाई जा रही है. शुक्रवार को जारी कंसेंट फॉर्म में लिखा है कि वैक्सीन की वजह से कोई भी गंभीर साइड इफेक्ट्स होने की स्थिति में लाभार्थी को सरकार के तय किए हुए और अधिकृत अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. महाराष्ट्र समेत 11 राज्यों ने कोवैक्सीन को स्वीकार कर लिया है. हालांकि, कंपनी ने अभी वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल पूरे नहीं किए हैं.





रिपोर्ट्स के अनुसार, वैक्सीन प्राप्त करने वाले को एक फैक्ट शीट और बुरे परिणामों से जुड़ा फॉर्म दिया जाएगा. इस फॉर्म में लाभार्थी को शुरुआती 7 दिनों में नजर आने वाले लक्षणों को लिखना होगा. कंसेंट फॉर्म में लिखा है कि फेज-1 और 2 में कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन ने एंटीबॉडी तैयार करने की क्षमता दिखाई है. वहीं, रिपोर्ट ने कहा गया है 'फेज-3 ट्रायल जारी होने के चलते कोवैक्सीन की एफिकेसी को तय नहीं किया जा सका है.'
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कुछ समय पहले वैक्सीन निर्माताओं ने सरकार से अपनी रक्षा की मांग की थी. वहीं, सरकार के खरीदी ऑर्डर पर यह साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की दुष्परिणाम होने पर कंपनी को जिम्मेदारी लेनी होगी. न्यूज18 से बातचीत के दौरान भारत बायोटेक के चेयरमैन डॉक्टर कृष्णा ऐल्ला से वैक्सीन की प्रभावकारिता को लेकर सवाल पूछा गया था. इसपर उन्होंने कहा था 'भारतीय वैज्ञानिकों को टार्गेट करना आसान है. मैं यह कहना चहता हूं क्यों कि किसी दूसरी कंपनी ने मेरे प्रोडक्ट को पानी की तरह साफ बताया था'.

उन्होंने कहा 'प्रेस में कल किसी स्थानीय कंपनी ने कहा था कि सुरक्षा दूसरी कंपनियों के पानी की तरह है. केवल तीन कंपनियों ने प्रभावकारिता की जानकारी दी है.' उन्होंने कहा था 'मैं इस बात से इंकार करना चाहता हूं. एक वैज्ञानिक होने के चलते यह हमें आहत करता है. हम 24 घंटे काम करते हैं और लोगों से इस तरह की फटकार की उम्मीद नहीं करते हैं.'
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