लाइव टीवी

हैदराबाद केस: एनकाउंटर को 'फर्जी' बताते हुए पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज

News18Hindi
Updated: December 8, 2019, 11:39 PM IST
हैदराबाद केस: एनकाउंटर को 'फर्जी' बताते हुए पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज
एक शख्स ने पुलिस द्वारा किये गए चारों आरोपियों के एनकाउंटर को फर्जी करार देते हुए शिकायत दर्ज कराई है

वहीं तेलंगाना उच्च न्यायालय (Telangana High Court) ने शुक्रवार को सरकार को निर्देश दिया था कि वह चारों आरोपियों के शवों को नौ दिसंबर की रात आठ बजे तक सुरक्षित रखे. अदालत सोमवार को मामले की सुनवाई करेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 8, 2019, 11:39 PM IST
  • Share this:
हैदराबाद. हैदराबाद (Hyderabad) में महिला पशु चिकित्सक से बलात्कार और उसकी हत्या के चारों आरोपियों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की घटना की जांच जारी है. वहीं खबर सामने आ रही है कि रविवार को एक शख्स ने पुलिस द्वारा किये गए चारों आरोपियों के एनकाउंटर को फर्जी करार देते हुए शिकायत दर्ज कराई है. न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक ये शिकायत साइबराबाद पुलिस के खिलाफ दर्ज कराई गई है जिसमें कि कहा गया है कि 6 दिसंबर को पुलिस द्वारा किया गया चारों आरोपियों का एनकाउंटर फर्जी था.




इससे पहले पुलिस ने रविवार को मृत डॉक्टर के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की जांच समिति ने मृतका के निकट परिजन को भी सुना. पुलिस सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि आरोपियों के परिवार के सदस्यों को नारायणपेट जिले से शहर में लाया गया था और आयोग की टीम ने उनके बयान दर्ज किए.

उन्होंने कहा, ‘‘टीम से बात करने के बाद संवाददाताओं को महिला पशु चिकित्सक के पिता ने बताया कि उन्होंने (आयोग की टीम ने) हमारी समस्याओं के बारे में और घटना कैसे हुई, इस बारे में पूछा.... ’’ उन्होंने बताया कि परिवार को टीवी चैनलों से मुठभेड़ की खबर मिली.इलाके के लोगों ने किया प्रदर्शन
इससे पहले पीड़िता की कॉलोनी के कुछ लोग इलाके में पालथी मारकर बैठ गए और पूछा कि इतने दिनों से एनएचआरसी कहां था. उन्होंने तख्तियां ले रखी थीं जिन पर लिखा था, ‘‘हमें न्याय चाहिए’, ‘लड़कियों का सम्मान करो’ और ‘महिलाओं को बचाओ’.

उन्होंने पूछा कि कथित पुलिस मुठभेड़ की अब जांच कर रहा आयोग नृशंस सामूहिक बलात्कार एवं पीड़िता की हत्या पर चुप क्यों था और इस संस्था ने पिछले 10 --12 दिनों में क्या किया है. उन्होंने पूछा, ‘‘क्या आम आदमी के मानवाधिकार नहीं हैं?’’

कुछ क्रोधित लोगों ने पूछा, ‘‘क्या यह तुरंत है? आम आदमी इस तरह के जवाब की उम्मीद करता है. इसमें क्या गलत है?’’

आरोपियों के परिजनों ने जाहिर किया गुस्सा
आरोपियों के परिजन ने पुलिस कार्रवाई पर रविवार को एक बार फिर से रोष जाहिर किया. एक आरोपी की बहन ने कहा कि पुलिस ने ऐसा दबाव में आकर किया. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘एनएचआरसी टीम की जांच जारी है.’’

शुक्रवार तड़के हुई ‘मुठभेड़’ को लेकर पुलिस की कार्रवाई के बारे में बहस छिड़ने के एक दिन बाद आयोग ने तथ्य का पता लगाने के लिये एक टीम को भेजा था. टीम ने शनिवार को महबूबनगर जिले के सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर का दौरा किया था, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद चारों आरोपियों के शवों को रखा गया है.

एनएचआरसी टीम में फॉरेंसिक मेडिसिन के विशेषज्ञ भी शामिल हैं. टीम ने शवों का परीक्षण किया और यहां से 50 किलोमीटर दूर चट्टनपल्ली गांव का भी दौरा किया, जहां 28 नवंबर को एक पुलिया के नीचे से महिला का जला हुआ शव बरामद हुआ था. टीम ने पास में ही स्थित मुठभेड़ स्थल का भी दौरा किया था.

सावधानी से जांच जरूरी
शुक्रवार को ‘मुठभेड़’ में चार आरोपियों के मारे जाने का संज्ञान लेते हुए आयोग ने घटना की जांच के आदेश दिये थे. एनएचआरसी ने कहा था कि मुठभेड़ चिंता का विषय है और उसकी सावधानी से जांच किये जाने की आवश्यकता है. इसके बाद घटनास्थल पर जाकर मामले के तथ्यों का पता लगाने के लिये सात सदस्यीय एक दल को तैनात किया गया था. चारों आरोपियों के शवों का महबूबनगर के सरकारी जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम किया गया है और उसकी वीडियोग्राफी की गई.

इस बीच, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को सरकार को निर्देश दिया था कि वह चारों आरोपियों के शवों को नौ दिसंबर की रात आठ बजे तक सुरक्षित रखे. अदालत सोमवार को मामले की सुनवाई करेगी.

चारों आरोपियों को 29 नवंबर को 25 वर्षीय पशु चिकित्सक से बलात्कार करने और उसकी हत्या करने तथा बाद में उसके शव को जलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

(भाषा के इनपुट के साथ)

ये भी पढ़ें-
उन्नाव गैंगरेप मामले में योगी सरकार की पहली कार्रवाई, 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड

12 साल की मासूम से 1 साल तक 3 लोगों ने किया रेप, मां करती थी आरोपियों की मदद

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 8, 2019, 11:39 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर