मोदी सरकार का सबसे अहम मिशन है जम्मू-कश्मीर में शांति कायम करना 

अमिताभ सिन्हा | News18Hindi
Updated: September 9, 2019, 5:24 PM IST
मोदी सरकार का सबसे अहम मिशन है जम्मू-कश्मीर में शांति कायम करना 
राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल खुद कश्मीर घाटी का दौरा कर भरोसा जता चुके हैं कि धीरे-धीरे हालात शांति की ओर बढ चले हैं.

केंद्र सरकार ने 100 दिन के कामकाज पर 63 पन्नों की ई-बुक 'जन कनेक्ट' जारी की. पुस्तिका का शीर्षक है, 'भारत के विकास को आगे बढाने वाले कड़े और निर्णायक फैसले लेने वाले 100 दिन.' इस पुस्तिका का पहला अध्‍याय ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर लिए गए फैसले को ही समर्पित है.

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नई दिल्‍ली. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir), लद्दाख (Ladakh) को दो अलग-अलग केंद्रशासित प्रदेश बनाने का फैसला पूरा होने का एक महीना और सरकार के 100 दिन एक ही तारीख को पूरे हुए हैं. सरकार ने 100 दिन के कामकाज पर 63 पन्नों की एक ई-बुक 'जन कनेक्ट' जारी की. पुस्तिका का शीर्षक है, 'भारत के विकास को आगे बढ़ाने वाले कड़े और निर्णायक फैसले लेने वाले 100 दिन.' जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर लिए गए फैसले की अहमियत इस बात से साबित हो जाती है कि इस पुस्तिका का पहला अध्याय इन दोनों नए बने केंद्रशासित राज्‍यों को ही समर्पित है.

पुस्तिका के पहले अध्याय का शीर्षक है, 'जम्मू-कश्‍मीर और लद्दाख, भारत के मुकुट.' इसमें बताया गया है कि मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्‍छेद-370 (Article-370) को खत्म करने का फैसला लिया और इसे अन्‍य राज्यों के बराबर लाकर खड़ा कर दिया ताकि वो देश की मुख्यधारा में शामिल हो सके. साथ ही बताया गया है कि संसद ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन कानून, 2019 बनाया. इससे सीमा (Line of Control) पर रह रहे लोगों को सरकारी सेवाओं और शिक्षण संस्थानों में 3 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलने लगा है.

जम्‍मू-कश्‍मीर में पटरी पर लौट रहा है सामान्‍य जनजीवन
पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) खुद हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. सूत्र बताते हैं कि बीते एक महीने से कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) के हालात शांतिपूर्ण बने हुए हैं. राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल (Ajit Doval) खुद कश्मीर घाटी का दौरा कर भरोसा जता चुके हैं कि धीरे-धीरे हालात शांति की ओर बढ चले हैं. अब तक राज्‍य से हिंसा की किसी घटना की रिपोर्ट नहीं आई है. अब तक न तो कहीं गोलीबारी करनी पड़ी है और न ही जान-माल का कोई नुकसान हुआ है. मामूली प्रदर्शन हुए जरूर, लेकिन उन्‍हें स्थानीय पुलिस ने ही काबू कर लिया. प्राइमरी, मिडल और हाईस्कूलों में पढाई शुरु हो चुकी है. धीरे-धीरे छात्रों की उपस्थिति भी बढती जा रही है. सरकार ने ऐलान कर दिया है कि ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनाव अक्टूबर के अंत में पूरे कर लिए जाएंगे. साथ ही सरकार ने जम्मू और श्रीनगर में जनता की मुश्किलों को जानने व सुनने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों को लगाया है. उनका कार्यक्रम भी नोटिफाई कर दिया है.

270 करोड़ की छह परियोजनाएं सिर्फ श्रीनगर में हुईं शुरू
मोदी सरकार के कई अहम विभागों के मंत्रियों को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख भेजा जा रहा है. साथ ही केंद्र सरकार में कार्यरत सचिवों के एक समुह ने राज्य के विकास के लिए योजना को अंतिम रूप भी देना शुरू कर दिया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ श्रीनगर में 37.5 मिलियन डॉलर यानि लगभग 270 करोड़ रुपये की छह नई विकास परियोजनाएं शुरू की जा चुकीं हैं. ये योजनाएं ऊर्जा के मूलभूत ढांचे और राज्य में बिजली की स्थिति सुधारने मे एक अहम भूमिका निभाएंगी. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अब तक का सबसे बड़ा रिक्रूटमेंट ड्राइव सरकार की प्राथमिकता है. सरकारी नौकरियों में लगभग 50,000 रिक्तियां जल्द ही भरी जाएंगी. पीएम मोदी ने भी अनुच्‍छेद-370 समाप्त करने के फैसले के बाद राष्ट्र के नाम संदेश में कहा था कि कश्मीर के लोगों को रोजगार देना और विकास की मुख्यधारा में लाना सरकार की प्राथमिकता रहेगी. रिहायशी इलाके में हफ्ते भर चलने वाली रिक्रुटमेंट रैली में लगभग 29,000 कश्मीरी युवाओं को सेना रजिस्टर कर चुकी है. जल्द ही उनकी फिटनेस जांच कर सेना में शामिल कर लिया जाएगा.

रिहायशी इलाके में हफ्ते भर चलने वाली रिक्रुटमेंट रैली में लगभग 29,000 कश्मीरी युवाओं को सेना रजिस्टर कर चुकी है. जल्द ही उनकी फिटनेस जांच कर सेना में शामिल किया जाएगा.

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सिर्फ श्रीनगर में घर-घऱ बांटे जा चुके हैं 60,000 से ज्यादा सिलिंडर
जम्मू-कश्मीर के 92 फीसदी हिस्से से हर तरह की रोक हटा ली गई है. सभी इलाको में लैंडलाइन टेलीफोन काम करने लगे हैं. साथ ही जम्मू, लद्दाख और श्रीनगर के कुपवाड़ा जिले में मोबाइल सेवाएं शुरू कर दी गई हैं. रोजमर्रा की जरूरी चीजों की आपूर्ति शुरु हो चुकी है. इसमें 24 घंटे बिजली और पानी की आपूर्ति के साथ-साथ सफाई भी सुनिश्चित की जा रही है. गैस सिलिंडरों की होम डिलिवरी भी शुरू हो चुकी है. सिर्फ श्रीनगर में ही 60,000 से ज्यादा सिलिंडर घर-घऱ बांटे जा चुके हैं. अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएं भी अब सामान्‍य तरीके से काम करने लगी हैं. सरकारी आंकडों के मुताबिक तमाम जिला अस्पतालों के ओपीड़ी में 70,000 से ज्यादा लोग सिर्फ अगस्त में ही जांच के लिए आ चुके हैं. सभी 376 नोटिफाइड दवाएं सरकारी और निजी दुकानों पर मिल रही हैं. श्रीनगर के टुरिस्ट रिसेप्शन सेंटर पर हवाई यात्रा के लिए 8 टर्मिनल पर टिकट खरीदने की सुविधा दे रहे हैं. जिलों के बीच सड़क यातायात शुरू हो चुका है, जिसमें सभी सरकारी और निजी परिवहन सेवाएं शामिल हैं.

सीधे उत्‍पादकों से 80 करोड़ डॉलर मूल्‍य के सेब खरीदेगा नेफेड
कश्मीर घाटी की अर्थव्यवस्था के लिए अहम सेब को बिक्री के लिए तमाम सेंटरों पर भेजा जा रहा है. एक अनुमान के मुताबिक एक महीना पूरा होने के बाद लगभग डेढ लाख मीट्रिक टन फल और उससे जुड़ी चीजें घाटी के बाहर भेजी जा चुकीं हैं. ये आंकड़ा बढ भी रहा है क्योंकि अब 300 से ज्यादा ट्रक हर रोज माल ढुलाई में लगे हैं. नेफेड ने 80 करोड़ डॉलर मूल्‍य के सेब की किसानों से सीधी खरीद का ऐलान किया है. इसका सीधा फायदा राज्य के 7 लाख सेब उत्‍पादकों को होगा. कुल मिलाकर इस वक्त मोदी सरकार का पूरा ध्यान जम्मू कश्मीर में हालात को सामान्य करने में लगा है. कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए संचार सुविधा पर मामूली रोक और कुछ लोगों की गिरफ्तारियां हुई हैं. स्‍थानीय प्रशासन इनकी लगातार समीक्षा करता रहता है और इन्हें हटाने का फैसला लेता है. केंद्र सरकार को भरोसा है कि हालात सामान्य होने में अब ज्यादा वक्त नहीं लगेगा.

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First published: September 9, 2019, 5:22 PM IST
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