सुस्‍त टीकाकरण से बढ़ी चिंता, केंद्र ने 15 राज्‍यों को चेताया, कहा तैयार रहें 

वैक्सीन की कमी और टीकाकरण की कमी से चिंता बढ़ गई है. (प्रतीकात्‍मक तस्वीर) 

केंद्र ने सुस्‍त टीकाकरण, धीमे इंतजाम और कुछ राज्यों में सिर्फ निजी केंद्रों पर कोरोना वायरस वैक्सीन के लगाए जाने को लेकर चिंता जाहिर की है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिव और वरिष्ठ इम्युनाइजेशन अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की, और उन्हें वैक्सीन निर्माताओं के सामने डोज की मांग को जल्द से जल्द सुनिश्चित करने की सलाह दी.

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    नई दिल्‍ली .  केंद्र ने सुस्‍त टीकाकरण, धीमे इंतजाम और कुछ राज्यों में सिर्फ निजी केंद्रों पर कोरोना वायरस वैक्सीन के लगाए जाने को लेकर चिंता जाहिर की है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिव और वरिष्ठ इम्युनाइजेशन अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की, और उन्हें वैक्सीन निर्माताओं के सामने डोज की मांग को जल्द से जल्द  सुनिश्चित करने की सलाह दी. वैक्सीन मंगाने में देरी, खुराक और भुगतान के लिए आदेश देने और उठाने में देरी भी चिंता का कारण बनती जा रही हैं.

    बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मांग को लेकर क्या भूमिका रहेगी और वैक्सीन निर्माताओं को जल्दी से उसे डिस्पैच करने को लेकर भी बातें तय हुई. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि कई निजी कोरोनावायरस टीकाकरण केंद्रों (पीसीवीसी) ने कोरोनावायरस टीकों की निर्धारित मात्रा के लिए कोई मांग नहीं की है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि कई मामलों में राज्य सरकारों ने कोविड-19 वैक्सीन की मंगाने के आदेश तो जारी कर दिए गए हैं, लेकिन वैक्सीन का पूरा भुगतान नहीं किया गया है. कुछ मामलों में तो राज्यों ने अभी तक कुछ भी भुगतान नहीं किया है.

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    स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार और निजी कोरोनावायरस वैक्सीन केंद्रों को मंगाई गई मात्रा और भुगतान के बीच के फासले को आगे के इंतजाम के लिए जीरो रखना चाहिए.  बैठक में शामिल होने वाले राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरला, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा थे. बैठक में दो कोविड वैक्सीन निर्माता, भारत बायोटेक और सीरम इन्स्टिट्यूट ऑफ इंडिया भी शामिल थे.

    उपयोग में नहीं लाई गई खुराक को जल्दी लगाएं 

    बैठक के दौरान भूषण ने कुछ राज्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जितनी मात्रा में वैक्सीन का भुगतान कर दिया गया है उन्हें कुछ राज्यों और निजी केंद्रो ने उठवाया ही नहीं है. तो इस काम को त्वरित किया जाए. कुछ राज्यों में जहां वैक्सीन के डोज निजी केंद्रों ने उठवा भी लिए हैं वहां जितनी मात्रा में कोविड-19 वैक्सीन लगाई दिखाई जा रही है उससे ज्यादा मात्रा में वैक्सीन ली गई है. राज्यों और निजी केंद्रों को बची हुई वैक्सीन को जल्दी से जल्दी लगाना सुनिश्चित करने की सलाह दी गई, टीकाकरण की धीमी गति को लेकर राज्यों ओर निजी केंद्रो से कहा गया है कि रोजाना इसकी समीक्षा की जाए. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पांच क्षेत्रीय वर्कशॉप आयोजित की है ताकि नोडल अधिकारियों को को-विन पर काम करने का प्रशिक्षण दिया जा सके.

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