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बीजेपी में रहकर उसी की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते रहे उदित राज!

बीजेपी में रहकर उसी की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते रहे उदित राज!

कांग्रेस में शामिल होते वक्त राहुल गांधी के साथ उदित राज

कांग्रेस में शामिल होते वक्त राहुल गांधी के साथ उदित राज

उदित राज ने कहा था कि मैं बीजेपी के साथ राजनीतिक रूप से हूं सैद्दांतिक रूप से नहीं. मुझे दलितों ने नेता बनाया है, पार्टी ने नहीं.

    आईआरएस अधिकारी रहे उदित राज ने कभी राजनीति में मुकाम पाने के लिए इंडियन जस्टिस पार्टी की स्थापना की थी, लेकिन फरवरी 2014 में उन्होंने उसका भाजपा में विलय कर दिया. उत्तर पश्चिम दिल्ली से टिकट मिली और वे सांसद चुन लिए गए. हालांकि, बीजेपी की नीतियों को वो सहजता से स्वीकार नहीं कर पाए. नतीजा ये हुआ कि बीजेपी और आरएसएस को पिछले दो साल में उन्होंने कई बार अपने निशाने पर लिया. अंतत: उनका टिकट कट गया. इसलिए उन्होंने नाराज होकर कांग्रेस का दामन थाम लिया.

    2018 में जब दलित सांसदों ने एससी/एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर नाराजगी जताई थी तब उदित राज उनमें से एक थे. वो दलित मसलों पर न सिर्फ सरकार को घेर रहे थे बल्कि पार्टी लाइन से अलग होकर भी अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे.

    उदित राज ने ही सबसे पहले लोकसभा में भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर को रिहा करने की मांग उठाई थी. वो जस्टिस एके गोयल की एनजीटी चेयरमैन के तौर पर नियुक्ति की आलोचना करने वालों में शामिल रहे. वो कहते रहे कि मैं अंबेडकरवादी हूं, बुद्धिस्ट हूं, बीजेपी में हूं लेकिन आरएसएस में नहीं. मैं बीजेपी के साथ राजनीतिक रूप से हूं सैद्दांतिक रूप से नहीं. मुझे दलितों ने नेता बनाया है, पार्टी ने नहीं. (ये भी पढ़ें: एक कर्मचारी की वजह से खड़ा हुआ देश का सबसे बड़ा बहुजन आंदोलन!)

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    गोरक्षा को लेकर भी उन्होंने पार्टी में रहते हुए सवाल खड़े किए. कहा, गऊ माता के जो बड़े खैरख्वाह हैं वो गऊ माता का दाह संस्कार क्यों नहीं करते? दाह संस्कार के लिए दलितों को छोड़ देते हैं. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में दलितों के लिए आरक्षण की मांग की. सवाल उठाए कि सेंट स्टीफन में आरक्षण हो सकता है तो जामिया और एएमयू में क्यों नहीं?

    आरक्षण के मसले पर वो लगातार मुखर रहे. उनका मानना था कि जिसकी जितनी जनसंख्या है उसी अनुपात में उस जाति को आरक्षण दे दिया जाए. बीजेपी में रहते हुए दिल्ली में सेव रिजर्वेशन नाम से एक बड़ी रैली की. यूपी में बीजेपी नेता दलितों के यहां जाकर खाना खा रहे थे तब इसकी भी उन्होंने आलोचना की.

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    Tags: BJP, Congress, Dalit, Delhi news, Lok Sabha Election 2019, Reservation

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