लाइव टीवी

द्रमुक ने कहा: कांग्रेस गठबंधन छोड़ भी दे तो पार्टी के वोटबैंक पर नहीं पड़ेगा कोई असर

News18Hindi
Updated: January 16, 2020, 7:13 AM IST
द्रमुक ने कहा: कांग्रेस गठबंधन छोड़ भी दे तो पार्टी के वोटबैंक पर नहीं पड़ेगा कोई असर
द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन के साथ पार्टी के कोषाध्यक्ष दुराई मुरुगन की फाइल फोटो

DMK के कोषाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता दुराई मुरुगन ने बुधवार को कहा है कि कांग्रेस अगर गठबंधन से बाहर भी चली जाती है तो भी पार्टी के वोट बैंक पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 16, 2020, 7:13 AM IST
  • Share this:
चेन्नई/दिल्ली. कांग्रेस (Congress) और द्रमुक (DMK) का गठबंधन संकट (Coalition Crisis) के दौर से गुजर रहा है. दोनों की दलों से एक-दूसरे के खिलाफ लगातार बातें सुनी जा रही हैं.

अब डीएमके (DMK) के कोषाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता दुराई मुरुगन (Duraimurugan) ने बुधवार को कहा है कि कांग्रेस अगर गठबंधन से बाहर भी चली जाती है तो भी पार्टी के वोट बैंक पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

पहले भी द्रमुक ने कांग्रेस पर लगाया था गठबंधन धर्म के उल्लंघन का आरोप
द्रमुक ने मंगलवार को कहा था कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर पर कांग्रेस द्वारा बुलायी गयी विपक्षी दलों की बैठक से वह इसलिए दूर रही क्योंकि पार्टी प्रमुख एम के स्टालिन पर स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन धर्म के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था.

द्रमुक ने यह भी कहा कि संबंध दोबारा कब सामान्य होंगे, यह समय बताएगा. हालांकि तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष के एस अलागिरि ने मतभेदों को तवज्जों नहीं देते हुए कहा कि दोनों पार्टियां 'दो मिले हुए हाथ' हैं और गठबंधन जारी रहेगा.

अलागिरी ने प्रकट किया था बयान पर खेद
विपक्ष की एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए बैठक में भागीदारी से दूर रहने के एक दिन बाद भी द्रमुक अपनी पुरानी सहयोगी के साथ संबंध फिर से पटरी पर लाने के मूड में नहीं दिख रही है. हालांकि, तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के प्रमुख के एस अलागिरि कथित तौर पर खेद प्रकट कर चुके हैं.वरिष्ठ नेता टी आर बालू ने यहां कहा, ‘‘हमने बैठक में हिस्सा नहीं लिया क्योंकि हमारे प्रमुख पर गठबंधन धर्म के उल्लंघन का आरोप लगाया गया.’’

लोकसभा सदस्य बालू ने कहा कि पार्टी दिल्ली में बैठक में शामिल नहीं हुई क्योंकि उसे लगा कि टीएनसीसी अध्यक्ष अलागिरि के हालिया बयान में हमारे पार्टी प्रमुख एम के स्टालिन पर आरोप लगाए गए थे.

अलागिरी को बयान जारी करने से परहेज करने को कहा था
बालू ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि अलागिरि बयान जारी करने से परहेज कर सकते थे.

क्या कांग्रेस के साथ संबंध अब सामान्य होने की ओर है (चूंकि अलागिरि कथित तौर पर अफसोस जाहिर कर चुके हैं और इस संबंध में पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी से मिल चुके हैं), इस पर बालू ने साफ कुछ कहने से मना कर दिया. उन्होंने कहा, ‘‘समय ही बताएगा कि पहले की तरह संबंध होंगे या नहीं, आप क्यों चिंता कर रहे हैं.’’

अलागिरी के जारी किए बयान को बताया था गलत
मीडिया द्वारा मामले की चीरफाड़ पर आश्चर्य जताते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को लगता है कि अलागिरि द्वारा इस मामले में जारी किया गया बयान सही नहीं था. उन्होंने कहा कि सिर्फ इतना ही हम आपको अब बता सकते हैं.

टीएनसीसी के अध्यक्ष अलागिरि ने सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि द्रमुक और कांग्रेस दो मजबूत बाजू हैं और सशक्त विचारधारा इसकी रीढ़ है. उन्होंने कहा, ‘‘हमारा गठबंधन जारी रहेगा.’’

अलागिरि ने 10 जनवरी को कहा था कि सहयोगी द्रमुक ने उसे उचित संख्या में स्थानीय निकाय प्रमुखों के पद नहीं दिए और यह गठबंधन धर्म के खिलाफ था.

यह भी पढ़ें: स्वामी के बिगड़े बोल- 'लक्ष्मी का फोटो नोट पर छाप दो, संभल जाएगी अर्थव्यवस्था'

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 16, 2020, 7:13 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर