विधानसभा चुनावों में हार की समीक्षा के लिए कांग्रेस ने अशोक चव्हाण के नेतृत्व में बनाई 5 सदस्यीय समिति

कांग्रेस की बैठक में गठबंधन को लेकर उठे सवाल. (File pic)

कांग्रेस की बैठक में गठबंधन को लेकर उठे सवाल. (File pic)

Assembly Election: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के हालिया विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को ‘निराशाजनक’ करार देते हुए पिछले सप्ताह कहा था कि इस हार से सबक लेने की जरूरत है.

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नई दिल्ली. कांग्रेस ने हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) में मिली हार की समीक्षा करने के लिए अशोक चव्हाण (Ashok Chavan) की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है. इस समिति में चव्हाण के अलावा, सलमान खुर्शीद, मनीष तिवारी, विंसेट एच पाला और जोथी मनी शामिल हैं. यह समिति चुनावी राज्यों में जाएगी और पार्टी के कार्यकर्ता, उम्मीदवारों से लेकर राज्य के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार करेगी और कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपेगी. कांग्रेस, असम और केरल में सत्ता में वापसी का प्रयास कर रही थी लेकिन उसे वहां हार झेलनी पड़ी. वहीं, पश्चिम बंगाल में उसका खाता भी नहीं खुल सका. पुडुचेरी में भी उसे करारी हार का सामना करना पड़ा जहां कुछ महीने पहले तक वह सत्ता में थी. तमिलनाडु में उसके लिए राहत की बात रही कि डीएमके की अगुवाई वाले उसके गठबंधन को जीत मिली.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के हालिया विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को ‘निराशाजनक’ करार देते हुए पिछले सप्ताह कहा था कि इस हार से सबक लेने की जरूरत है. सूत्रों के हवाले से खबर मिली कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में बंगाल के कांग्रेस प्रभारी जितिन प्रसाद ने राज्य में कांग्रेस के बुरे प्रदर्शन के लिये आईएसएफ के साथ गठबंधन को जिम्मेदार माना और आईएसएफ के साथ गठबंधन को लेफ्ट का फैसला बताया. बैठक में असम में एआईयूडीएफ के साथ कांग्रेस के गठबंधन पर भी सवाल उठा. सूत्र के मुताबिक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने असम में एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन के फैसले को गलत माना और सवाल खड़ा किया.

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कोविड टास्क फोर्स का भी गठन
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में हार के कारणों पर मंथन के साथ ही कोरोना से निपटने में केंद्र सरकार की विफलता पर भी चर्चा की गई. कार्यसमिति ने कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर को केंद्र सरकार की उदासीनता, असंवेदनशीलता और अक्षमता का प्रत्यक्ष परिणाम कहा है.


कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए टीकाकरण को राज्यों को सौंपने को सरकार का गैर जिम्मेदाराना रवैया करार दिया. इसके साथ ही उन्होंने केंद्र को सभी को मुफ्त में वैक्सीन लगाने का भी सुझाव दिया. कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व में एक 13 सदस्यीय कोविड-19 रिलीफ टास्क फोर्स का भी गठन किया है. ये समिति पार्टी द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों को संभालेगी.

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