कांग्रेस की मांग, मानसून सत्र में सांसदों को डिजिटल माध्यम से शामिल होने की मिले सुविधा

कांग्रेस की मांग, मानसून सत्र में सांसदों को डिजिटल माध्यम से शामिल होने की मिले सुविधा
मानसून सत्र में सांसदों को डिजिटल माध्यम से शामिल होने की मांग (फाइल फोटो)

कांग्रेस नेता रंजन चौधरी ने कहा कि मौजूदा हालात में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट (Supreme Court or High Court) की तरह सांसदों को ऐप अथवा वीडियो लिंक की सुविधा प्रदान की जाए. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह व्यवस्था करना जरूरी है.

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नई दिल्ली. कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू से आग्रह किया है कि संसद के आगामी मानसून सत्र में सदस्यों को कार्यवाही में सीधे उपस्थित रहने के अलावा डिजिटल माध्यम से शामिल होने का अवसर प्रदान किया जाए. लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chaudhary) ने बिरला को और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने नायडू को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि जो सांसद कार्यवाही के लिए संसद नहीं पहुंच सकते, उन्हें ऐप या किसी लिंक के माध्यम से उसमें शामिल होने दिया जाए.

रंजन चौधरी ने कहा कि मौजूदा हालात में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की तरह सांसदों को ऐप अथवा वीडियो लिंक की सुविधा प्रदान की जाए. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह व्यवस्था करना जरूरी है. चिदंबरम ने नायडू को लिखे पत्र में कहा, ‘ यह बहुत जरूरी है कि महामारी के दौरान भी संसद के सदनों की बैठक हो ताकि देश और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा सके.’

सत्र में डिजिटल माध्यम से मिलने की मिले सुविधा



उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात से अवगत हूं कि सदस्यों की सुरक्षा और सामाजिक दूरी के पालन के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं. बहरहाल, जब राज्यसभा के 245 सदस्य, करीब 300 अधिकारी, कर्मचारी एवं सुरक्षाकर्मी एक स्थान पर होंगे तो वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकना लगभग असंभव हो जाएगा.’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने सलाह दी कि सदन के सत्र के समय जो सदस्य संसद पहुंच सकते हैं, वो कार्यवाही में सीधे शामिल हों, लेकिन जो नहीं पहुंच सकते हैं उनके डिजिटल माध्यम से जुड़ने की व्यवस्था की जाए. इसके लिए सभी सदस्यों को ऐप इंस्टाल करने के लिए कहा जाए जिसके माध्यम से वे कार्यवाही में शामिल हो सकते हैं.
चिदंबरम ने यह भी कहा कि संसद के दोनों सदनों की बैठक गोपनीय नहीं होती है. संसद के मानसून सत्र के अगस्त के आखिरी सप्ताह या सितंबर की शुरुआत में आरंभ होने की संभावना है.
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