राज्‍यसभा में कृषि विधेयक को कांग्रेस ने बताया किसानों का डेथ वारंट, कहा- पार्टी नहीं कर सकती हस्‍ताक्षर

राज्‍य सभा में कांग्रेस ने किया कृषि विधेयक का विरोध.
राज्‍य सभा में कांग्रेस ने किया कृषि विधेयक का विरोध.

Farm bill in Rajya sabha: कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, 'आजकल का किसान पढ़ा लिखा है. उनके बच्‍चे भी पढ़े लिखे हैं. वे समझते हैं कि यह न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य यानी एमएसपी को दूर करने की राह है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2020, 12:47 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश में किसानों की ओर से हो रहे विरोध के बावजूद दो कृषि विधेयक (Farm Bills) राज्‍यसभा (Rajya Sabha) में रविवार को पेश किए गए. इन्‍हें कांग्रेस (Congress) ने किसानों की आत्‍मा पर हमला करार दिया. कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, 'मेरी पार्टी किसानों के डेथ वारंट पर साइन नहीं कर सकती.' उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस विधेयक को नकारती है. किसान ये फायदा नहीं लेना चाहते, जो आप उनके लिए दावा कर रहे हैं. जब वे मना कर रहे हैं तो आप जबरन उनपर थोपने की कोशिश क्‍यों कर रहे हैं.

कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, 'आजकल का किसान पढ़ा लिखा है. उनके बच्‍चे भी पढ़े लिखे हैं. वे समझते हैं कि यह न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य यानी एमएसपी को दूर करने की राह है. अगर यह एक बार पारित हो गया तो किसानों की जमीन पर कॉरपोरेट घरानों का कब्‍जा हो जाएगा.' उन्‍होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'हरियाणा और पंजाब के किसान इस विधेयक को नहीं चाहते. किसान इस फायदे को नहीं लेना चाहते और आप उन्‍हें जबरन ये दे रहे हैं.'






कांग्रेस सांसद बाजवा ने अमेरिका का हवाला देते हुए कहा कि किसान समझता है कि एमएसपी को खत्‍म करने का यह मंसूबा है. धीरे-धीरे सरकार बाहर निकलेगी और फिर कॉरपोरेट हाउस आएंगे. अमेरिका में 30 फीसदी किसानों की जमीन ऐसे ही कॉरपोरेट हाउसों ने कब्‍जा कर लिया है.

बता दें कि कांग्रेस के अलावा शिरोमणि अकाली दल भी किसान बिल का विरोध कर रही है. बाजवा ने साफ कहा कि पंजाब और हरियाणा का किसान यह नहीं चाहता, अगर आप चाहते हैं तो इसे पहले गुजरात में अमल में लाएं.
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