राजस्थान में फिर बढ़ेगा संकट? सचिन पायलट के दिल्ली आने की खबरों के बीच चौकन्नी हुई कांग्रेस

सचिन पायलय दिल्ली आ रहे हैं.

सचिन पायलय दिल्ली आ रहे हैं.

Rajasthan Political Crisis: राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट, शुक्रवार को दिल्ली आ सकते हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 11, 2021, 11:11 AM IST
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नई दिल्ली. राजस्थान (Rajasthan) के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट (Sachin Pilot), शुक्रवार को दिल्ली आ सकते हैं और इसी के साथ राजनीतिक अटकलों का दौर शुरू हो गया है. हाल ही में कांग्रेस में अहम पदों पर रहे जितिन प्रसाद के भाजपा जॉइन करने के बाद पायलट के राष्ट्रीय राजधानी आने की खबरों पर कांग्रेस चौकन्नी हो गई है. पायलट फिलहाल अपने पिता की पुण्यतिथि के दिन दौसा में हैं और उन्होंने अपने समर्थकों से उनसे वहां नहीं जाने को कहा है. 11 जून को भंडाना, दौसा में हर साल होने वाले पुष्पांजलि कार्यक्रम को इस बार कोरोना प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए सीमित रखने का फैसला किया गया है. वहीं ईंधन की बढ़ती कीमतों के विरोध में वह सुबह 11 बजे जयपुर में होंगे. जहां कांग्रेस एक दिन का प्रतीकात्मक विरोध करेगी.

वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की नाराजगी की खबरों के बीच उनके समर्थक विधायकों ने उनके द्वारा उठाये गये मुद्दों के समाधान पर देरी पर नाराजगी जताई है. पायलट के करीबी लगभग आधा दर्जन विधायकों ने बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस स्थित उनके निवास पर उनसे मुलाकात की. सूत्रों के अनुसार इससे पूर्व दिन में पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह की पायलट से मुलाकात के बाद विधायक वेद प्रकाश सोलंकी, मुकेश भाकर और रामनिवास गवारिया पायलट से मिले. विधायक राकेश पारीक भी पायलट के निवास पर पहुंचे.

पायलट समर्थक विधायक बोले- सिद्धू की सुनवाई हुई तो पायलट की क्यों नहीं

चाकसू (जयपुर) से विधायक सोलंकी ने कहा, ‘हम सब अपनी आवाज पार्टी की मजबूती के लिये उठा रहे है. जो पार्टी के प्रति हमारी निष्ठा पर सवाल उठाते है, वे पार्टी के शुभचिंतक नहीं है.’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान को पायलट को सुनना चाहिए और पंजाब की तर्ज पर मामले का समाधान करना चाहिए.
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहास 'पंजाब में (नवजोत) सिद्धू की सुनवाई 10 दिन के अंदर हो गई लेकिन राजस्थान में 10 महीने के बाद भी सचिन पायलट द्वारा उठाये गये मुद्दों का समाधान नहीं हुआ. जब पंजाब में सिद्धू को 10 दिन में सुना जा सकता है.. पायलट को क्यों नहीं ?' पायलट के साथ मुलाकात के बाद कहा, 'हमारे द्वारा उठाई गई मांगों पर कोई चर्चा या सुनवाई नहीं हुई है.' सोलंकी ने कहा, 'यदि मुख्यमंत्री पायलट खेमे के लोगों की बात पर विचार नहीं करना चाहते तो उन्हें अपने पक्ष के लोगों को राजनीतिक नियुक्तियां देनी चाहिए.' उन्होंने कहा, 'कम से कम राजनीतिक नियुक्तियां तो होनी चाहिए. कार्यकर्ता निराश हैं और उन्हें सुना जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार भी होना चाहिए.'

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भाकर ने कहा कि राज्य में जिन लोगों ने कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए पांच साल मेहनत की है, उन्हें उनका हक दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, 'हमारा संघर्ष चल रहा है. पायलट अपने लिए नहीं बल्कि उन कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए कुछ मांग रहे हैं जिन्होंने पांच साल तक संघर्ष किया. जब पंजाब के असंतुष्ट नेताओं को सुना जा सकता है तो पायलट को क्यों नहीं? पायलट ने पार्टी के लिए संघर्ष किया और उनकी बात सुनी जानी चाहिए.'

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