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बंगालः लेफ्ट के साथ सीटों पर चर्चा के लिए कांग्रेस ने बनाई कमिटी, अधीर रंजन चौधरी करेंगे अगुवाई

2016 के विधानसभा चुनाव में भी लेफ्ट और कांग्रेस का गठबंधन चुनावी मैदान में था.
2016 के विधानसभा चुनाव में भी लेफ्ट और कांग्रेस का गठबंधन चुनावी मैदान में था.

कांग्रेस आलाकमान ने दिसंबर के तीसरे सप्ताह में लेफ्ट के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने पर अपनी सहमति दी थी. बंगाल प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2021, 10:34 PM IST
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नई दिल्ली. 2021 की गर्मियों में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) होने हैं और बीजेपी, टीएमसी के साथ लेफ्ट और कांग्रेस ने भी तैयारी शुरू कर दी है. राज्य विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने लेफ्ट के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. ऐसे में लेफ्ट के साथ सीट शेयरिंग और साझा कार्यक्रम पर बातचीत के लिए कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) के साथ 4 सदस्यीय समिति का गठन किया है. अधीर रंजन चौधरी समिति के चेयरमैन होंगे. चौधरी के अलावा अब्दुल मन्ना, प्रदीप भट्टाचार्या और नेपाल महतो भी समिति का हिस्सा हैं. पश्चिम बंगाल में अगले साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होंगे. माना जा रहा है कि इस बार बंगाल विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) और बीजेपी (BJP) के बीच होगा.

बता दें कि दिसंबर के तीसरे सप्ताह में कांग्रेस आलाकमान ने लेफ्ट के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने पर अपनी सहमति दी थी. बंगाल प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी थी. इससे पहले 2016 के विधानसभा चुनाव में भी लेफ्ट और कांग्रेस का गठबंधन चुनावी मैदान में था. 92 सीटों पर लड़ी कांग्रेस को सिर्फ 44 सीटें मिली थीं, वहीं ममता बनर्जी की टीएमसी 294 में 211 सीटों पर जीत हासिल सत्ता में लौटी.

मुख्यधारा की बड़ी राजनीतिक पार्टियों के लिए छोटी-छोटी क्षेत्रीय पार्टियां भी इस बार चुनाव में उतरने जा रही है. ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुसलमीन के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में बंगाल जाकर चुनाव में उतरने का ऐलान किया. उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के साथ ही मौलाना सिद्दीकी से भी मुलाकात की. मौलाना कभी ममता बनर्जी के करीबी माने जाते थे. पिछले दो महीने से बीजेपी ने बंगाल में ममता के खिलाफ चुनावी बिगुल फूंक रखा है.




कोलकाता में सोमवार को बीजेपी के रोड शो और रैली के मुद्दे पर राज्य पुलिस और BJP नेताओं के बीच जमकर गहमा गहमी हुई है. पहले तो पुलिस ने बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय समेत दूसरे नेताओं को रोडशो निकालने के लिए इजाजत देने से इंकार कर दिया, जिसके बाद बीजेपी नेता रैली निकालने पर अड़ गए. काफी देर तक चली बहस के बाद पुलिस ने बीजेपी नेताओं को शर्तों के साथ रैली निकालने की इजाजत दी.

दूसरी ओर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा, "मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि हमने आजादी के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस के लिए कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं किया है. मैंने 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने के लिए केंद्र को पत्र लिखा है. यह मेरी मांग है. ममता बनर्जी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को राज्य में 'देश नायक दिवस' के तौर पर मनाई जाएगी."

2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 42 में से 18 लोकसभा सीटें जीत बंगाल में सबको चौंका दिया है. आम चुनावों में बीजेपी को 40.64 प्रतिशत से ज्यादा वोट शेयर मिला.
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