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Article 356: दिलचस्प है कांग्रेसी ट्रैक रिकॉर्ड, 91 बार राज्य सरकारों के खिलाफ लगाया 'राष्ट्रपति शासन'

Anoop Kumar | News18Hindi
Updated: November 13, 2019, 9:01 PM IST
Article 356: दिलचस्प है कांग्रेसी ट्रैक रिकॉर्ड, 91 बार राज्य सरकारों के खिलाफ लगाया 'राष्ट्रपति शासन'
1980 में एक ही समय में 9 राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया.

महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार बनाने की तमाम उठा पठक के बाद कल राज्य में राष्ट्रपति शासन (President Rule) लागू कर दिया गया. राष्ट्रपति शासन पर कांग्रेस (Congress), शिवसेना (Shiv sena) हाय तौबा मचा रही है, लेकिन यहां ये जानना वाकई दिलचस्प है कि कांग्रेस ने अनुच्छेद 356 का उपयोग किस तरह किया है.

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  • Last Updated: November 13, 2019, 9:01 PM IST
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नई दिल्ली. अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) के नेतृत्व में राजग सरकार (NDA) के 6 साल के कार्यकाल में राष्ट्रपति शासन 4 बार लगने की नौबत आई थी. लेकिन अनुच्छेद 356 (Article 356) का कांग्रेस (Congress) ने किस तरीके से उपयोग किया है, ये काफी दिलचस्प है. कांग्रेस अपने शासन काल के दौरान सत्ता में रहते हुए 91 गैर कांग्रेसी सरकारों (Non Congress Government) को हटाने का काम कर चुकी है. 1951 में पहली बार जवाहरलाल नेहरू (Jawahar Lal Nehru) के प्रधानमंत्री (Prime Minister) रहते पंजाब (Punjab) में सरकार को बर्खास्त किया गया था और उसके बाद से विभिन्न राज्यों में कुल 111 बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया. नेहरू के काल में केरल में ईएमएस नंबूदरीपाद द्वारा बनाई गई पहली वामपंथी सरकार को भी 1959 में बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था.

नरेंद्र मोदी सरकार में राष्ट्रपति शासन
सबसे पहले बात करते है नरेंद्र मोदी सरकार और अनुच्छेद 356 की. महाराष्ट्र पहला राज्य नहीं है जहां बीजेपी के शासन में किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ हो. साल 2014 के बाद से देश के चार राज्यों में राष्ट्रपति शासन लागू किया जा चुका है. आखिरी बार जिस राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा था, वह जम्मू-कश्मीर था.

>>जम्मू-कश्मीर में पिछले साल जून में बीजेपी ने पीडीपी के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के इस्तीफे के बाद यहां राष्ट्रपति शासन लगाया गया था.

>>इससे पहले भी साल 2015 में विधानसभा चुनावों में एक खंडित फैसले के बाद सरकार गठन में विफलता के चलते जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय शासन राज्य में लागू किया गया था.

>>साल 2016 में अरुणाचल प्रदेश में 26 दिनों के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. कांग्रेस के 21 विधायकों ने 11 बीजेपी और दो निर्दलीय विधायकों के साथ हाथ मिलाया, जिससे सरकार अल्पमत में आ गई थी. हालांकि मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी और कोर्ट ने अपने फैसले में कांग्रेस सरकार को बहाल कर दिया था.

>>पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में भी साल 2016 में दो बार राष्ट्रपति शासन लग गया था. पहले 25 दिन और बाद में 19 दिन के लिए. पहले कांग्रेस में फूट पड़ने के बाद और दूसरी बार मई में एक बार फिर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ.
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>>अभी से पहले महाराष्ट्र में साल 2014 में 33 दिनों के लिए राष्ट्रपति शासन रहा था. 2014 में चुनाव होने से ठीक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने राज्य में 15 साल के कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन के टूटने के बाद इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद राष्ट्रपति शासन लगा. यानी नरेंद्र मोदी सरकार में अब तक 4 राज्यों में विशेष परिस्थिति में राष्ट्रपति शासन लगाया गया है.

News - इंदिरा गांधी के कार्यकाल में 45 बार लगा राष्ट्रपति शासन, Indira Gandhi, President Rule
इंदिरा गांधी के कार्यकाल में 45 बार लगा राष्ट्रपति शासन


जब फिरोज़ गांधी ने किया इंदिरा के राष्ट्रपति शासन का विरोध
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अनुच्छेद 356 को सबसे ज्यादा 45 बार लागू किया. सबसे दिलचस्प है कि 1959 में जब इंदिरा ने केरल में कम्यूनिस्ट सरकार को गैर संवैधानिक तरीके से गिराया तो फिरोज़ गांधी ने भी इसका विरोध किया. हालत ये हुई कि इस घटना के विरोध में फिरोज़ गांधी फिर कभी प्रधानमंत्री आवास नहीं गए. जब उनकी मौत हुई, तब ही उनके पार्थिव शरीर को तीन मूर्ति ले जाया गया.

इंदिरा गांधी के कार्यकाल में 45 बार लगा राष्ट्रपति शासन
उपलब्ध आंकड़ों पर ध्यान दें तो जवाहर लाल नेहरू के 16 वर्षों के कार्यकाल में 7 बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया. वहीं इंदिरा गांधी के लगभग इतने ही लंबे कार्यकाल में 45 बार राष्ट्रपति शासन लागू किया गया.

>>लाल बहादुर शास्त्री जब प्रधानमंत्री थे, तब भी दो अवसरों पर राष्ट्रपति शासन लगा था. यह सूची राजीव गांधी के 5 वर्ष के कार्यकाल में बढ़कर 6, पीवी नरसिंह राव के कार्यकाल में 11 और डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में 10 हो गई.

>>समाजवादी जनता पार्टी के चंद्रशेखर और जनता पार्टी सेक्युलर के चौधरी चरण सिंह दोनों के कार्यकाल में अनुच्छेद 356 का 4 बार प्रयोग किया गया था. संयुक्त मोर्चा सरकार में एचडी देवगौड़ा ने इसका 2 अवसरों पर उपयोग किया था. इन सभी सरकारों को कांग्रेस का समर्थन हासिल था.

जमकर किया गया अनुच्छेद 356 का उपयोग
अनुच्छेद 356 पर सरकारिया आयोग की रिपोर्ट कई बातों का खुलासा करती है. आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि शुरुआती सालों में अनुच्छेद 356 के प्रयोग में संयम बरता गया था और 1967 तक 12 बार इसे लागू किया गया था. हालांकि 1967 से 1985 के बीच में 62 अवसरों पर इसका सहारा लिया गया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजाब में 1951 में पहली बार इसका उपयोग सत्ताधारी पार्टी के आंतरिक संकट को दूर करने के लिए किया गया था, तभी से इसके दुरुपयोग की नींव पड़ गई थी. यह 1977 और फिर 1980 में चरम पर पहुंच गया, जब एक ही समय में 9 राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया.

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First published: November 13, 2019, 8:37 PM IST
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