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दिल्ली हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी कांग्रेस की टीम, सोनिया को सौंपेगी रिपोर्ट

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Updated: February 28, 2020, 2:54 PM IST
दिल्ली हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी कांग्रेस की टीम, सोनिया को सौंपेगी रिपोर्ट
कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी की फाइल फोटो

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने शुक्रवार को पांच सदस्यीय शिष्टमंडल का गठन किया जो दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करके उन्हें रिपोर्ट सौंपेगा.

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  • Last Updated: February 28, 2020, 2:54 PM IST
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नई दिल्ली.  कांग्रेस (Congress) की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी  (Sonia Gandhi) ने दिल्ली में हुई हिंसा के बारे में जानकारी इकट्ठा करने और रिपोर्ट देने के लिए एक टीम बनाई है. उन्होंने पांच सदस्यीय दल को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगाग्रस्त इलाकों का दौरा करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा है. पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के अनुसार सोनिया ने मुकुल वासनिक, शक्ति सिंह गोहिल, कुमारी शैलजा, तारिक अनवर और सुष्मिता देव को जिम्मेदारी दी है कि वे उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे.

वेणुगोपाल ने कहा कि ये शिष्टमंडल प्रभावित इलाकों का दौरा करने के तत्काल बाद सोनिया को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. गौरतलब है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में भड़की हिंसा में 42 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में पार्टी के शिष्टमंडल ने गुरुवार को दिल्ली हिंसा मामले पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) से मुलाकात कर आग्रह किया था कि वह केंद्र सरकार से राजधर्म का पालन कराने और गृह मंत्री अमित शाह को हटाने के लिए कदम उठाएं. राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले पार्टी शिष्टमंडल में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और कुछ अन्य नेता शामिल थे.

 'राजधर्म के पालन और शाह को हटाने की मांग'



राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद सोनिया ने कहा था कि सीडब्ल्यूसी की बैठक में हमने दिल्ली में स्थिति को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा की थी. हमने राष्ट्रपति से मिलने और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने का फैसला किया. उन्होंने ज्ञापन के कुछ हिस्से पढ़े और दावा किया कि केंद्र और दिल्ली सरकार हिंसा को लेकर मूकदर्शक बनी रहीं. गृह मंत्री और प्रशासन की निष्क्रियता से बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ.

कांग्रेस की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया था, ‘हम इस बात को दोहराते हैं कि गृह मंत्री को हटाए जाए क्योंकि वह हिंसा को रोकने में अक्षम साबित हुए.’ पार्टी ने ज्ञापन में राष्ट्रपति से कहा, ‘हम आपसे आग्रह करते हैं कि नागरिकों के जीवन, संपत्ति और आजादी की सुरक्षित रखा जाए. हम आशा करते हैं कि आप निर्णायक कदम उठाएंगे.’

वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि पिछले कुछ दिनों के भीतर दिल्ली में जो कुछ भी हुआ है वो बहुत चिंताजनक और राष्ट्रीय शर्म का विषय है. यह हालात को नियंत्रित रखने में केंद्र सरकार की पूरी विफलता का प्रमाण है. सिंह ने कहा कि हमने राष्ट्रपति से कहा है कि वह सरकार से ‘राजधर्म’ का पालन करने के लिए कहें.

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First published: February 28, 2020, 2:24 PM IST
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