जयराम रमेश का सरकार पर तंज- प्रवासी मजदूर अपने घर नहीं पहुंच पा रहे, वित्त मंत्री अंतरिक्ष की सैर का रास्ता खोल रहीं

जयराम रमेश का सरकार पर तंज- प्रवासी मजदूर अपने घर नहीं पहुंच पा रहे, वित्त मंत्री अंतरिक्ष की सैर का रास्ता खोल रहीं
कांग्रेस नेता जयराम नरेश ने मोदी सरकार पर साधा निशाना (फाइल फोटो)

कांग्रेस नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने कहा, ‘प्रवासी मजदूर अपने घर सुरक्षित नहीं पहुंच पा रहा और वित्त मंत्री निजी क्षेत्र के लिए बाहरी अंतरिक्ष की सैर का रास्ता खोलने की बात कर रही हैं.'

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नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा की गई 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा को लेकर चौथे चरण में सरकार की योजनाओं से अवगत कराया. इस दौरान वित्त मंत्री ने उपग्रहों, प्रक्षेपणों और अंतरिक्ष-आधारित सेवाओं समेत भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में निजी कंपनियों को भी भगीदारी देने का ऐलान किया. इसे लेकर कांग्रेस ने वित्त मंत्री पर तंज कसा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने ट्वीट कर कहा, ‘प्रवासी मजदूर अपने घर सुरक्षित नहीं पहुंच पा रहा और वित्त मंत्री निजी क्षेत्र के लिए बाहरी अंतरिक्ष की सैर का रास्ता खोलने की बात कर रही हैं.'

जयराम रमेश  (Jairam Ramesh) ने ट्वीट किया, ‘आज की गई घोषणा में साफ दिख रहा है कि इसका सबसे ज्यादा फायदा एक कंपनी को मिलना है.' उन्होंने कहा कि बिजली की खपत स्थिर है या फिर घट रही है, लेकिन वित्त मंत्री (निर्मला सीतारमण) परमाणु ऊर्जा को निजी क्षेत्र के लिए खोलना चाहती हैं.’



निर्मला सीतारमण के आज के पैकेज की घोषणा के बाद उन्होंने ट्वीट किया, 'इस पैकेज से सिर्फ एक कंपनी को सबसे ज्यादा फ़ायदा. ये है 'निर्भर भारत'



उन्होंने अगला ट्वीट कर कहा, 'बिजली की खपत स्थिर है, घट रही है, और वित्त मंत्री परमाणु ऊर्जा को निजी हाथों में सौंपने की बात कर रही है.' क्या मजाक है!



पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे ट्वीट किया, ‘उम्मीद करते हैं कि कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री कोविड-19 के कारण आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे राज्यों को अगले 6 माह के लिए कम से कम कुछ फंड देने के बारे में बताएंगी.’



आगे के ट्वीट में केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'क्या आज की कि गई घोषणा भारतीय उद्योग जगत की सबसे भारी समस्या 'मांग में कमी' को सुलझा पाएगा.'

नहीं



 

डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में FDI 74 फीसदी 

बता दें कि शनिवार को आर्थिक पैकेज के चौथे चरण की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, 'डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए एफडीआई लिमिट आटोमैटिक रूट से 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी की गई है. डिफेंस प्रोडक्शन में आत्मनिर्भरता के लिए मेक इन इंडिया जरूरी है. उन्होंने कहा कि डिफेंस उपकरणों को स्वदेशीकरण किया जाएगा यानी इन्हें देश में ही बनाने पर जोर दिया जाएगा. डिफेंस इंपोर्ट में कमी लाने पर जोर रहेगा. समयबद्ध तरीके से रक्षा खरीद में कमी सुनिश्चित की जाएगी.

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