अधीर रंजन चौधरी की PM को चिट्ठी, लिखा -'गरीबों के खाते में हर महीने 6000 रुपये और राशन दे सरकार'

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने लिखी पीएम मोदी को चिट्ठी.

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने लिखी पीएम मोदी को चिट्ठी.

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पीएम मोदी को कोरोना संकट और इस दौरान लगे लॉकडाउन पर विमर्श करती हुई एक चिट्ठी लिखी है. उन्होंने पीएम से मांग की है कि वो लॉकडाउन वाले राज्यों के गरीबों के खाते में हर महीने 6000 रुपये डालें और उन्हें राशन उपलब्ध कराएं.

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नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति लॉकडाउन के चलते थोड़ी काबू में आती दिख रही है. रविवार को कोरोना के नए केसेज में कमी देखने को मिली, लेकिन लॉकडाउन के चलते गरीबों के सामने समस्या घर चलाने की है. लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने इसी मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में उन्होंने पीएम मोदी से आग्रह किया है कि वे लॉकडाउन के दौरान पैसों की कमी से जूझ रहे गरीबों की आर्थिक मदद करें.

अधीर रंजन की चिट्ठी में क्या?

अधीर रंजन चौधरी ने अपनी इस चिट्ठी में लिखा है कि देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन का सहारा लिया गया है. इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को आ रही है जो हाशिए पर हैं और दिहाड़ी मजदूरी से अपना घर चलाते हैं. लॉकडाउन के चलते उनका रोजगार चला गया है और वे अपना परिवार चलाने में अक्षम हो चुके हैं. ऐसे में अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि वे ऐसे लोगों को राशन और 6000 रुपये/महीना की दर से आर्थिक मदद के तौर पर दें, ताकि वे अपना परिवार चला सकें. उन्होंने मांग की है कि आर्थिक मदद सीधे पात्र लोगों के बैंक अकाउंट में डाली जाए. चिट्ठी में खास तौर पर जिक्र किया गया है कि पश्चिम बंगाल के लोगों को भी इस योजना का लाभ दिया जाए.


लोकसभा अध्यक्ष को भी लिखी थी चिट्ठी

इससे पहले कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) की बैठक करने की अपील करते हुए चिट्ठी लिखी थी. अध्यक्ष को लिखे पत्र में चौधरी ने कहा था कि -महामारी का मुकाबला करने की दिशा में ‘प्रभावी टीकाकरण नीति ’समय की मांग है और पीएसी को इस पर चर्चा करने के लिए डिजिटल माध्यम से बैठक करनी चाहिए. उन्होंने पत्र के जरिये स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर और अन्य संबंधित पक्षों के साथ चर्चा करने की अनुमति देने का अनुरोध किया था.

विपक्ष की चिट्ठी में भी थी बेरोजगारी भत्ते की मांग



इससे पहले विपक्ष के 12 दलों ने मिलकर पीएम को चिट्ठी लिखी थी. इस चिट्ठी में भी कोरोना काल में सभी बेरोजगार लोगों को 6,000 रुपये महीने दिए जाने की मांग की गई थी. चिट्ठी में कहा गया था कि जरूरतमंद लोगों को केंद्र सरकार के अन्न गोदामों से अनाज मुहैया कराया जाए. चिट्ठी लिखने वाले नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा समेत 12 प्रमुख विपक्षी दलों के नेता शामिल थे.

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